छत्तीसगढ़
भाजपा प्रदेशअध्यक्ष विष्णुदेव साय ने भूपेश सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, पढ़ें पूरी खबर
रायपुर: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा, झीरम मामले में राज्यपाल अनुसूईया उइके को जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद कांग्रेस और प्रदेश सरकार की बौखलाहट और नए जांच आयोग से यह साफ हो गया है, प्रदेश सरकार अपने एक मंत्री की संलिप्तता को लेकर विचलित है। सरकार अपने मंत्री व उनके नक्सली कनेक्शन के बेनकाब होने से डरी हुई है। सरकार को डर है कि मंत्री का नक्सली कनेक्शन सामने न आ जाए। वहीं, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने उन पर और उनके पिता अजीत जोगी पर झीरम घाटी में संलिप्तता का आरोप लगाने के मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से माफी मांगने की मांग की है।
साय ने कहा, किसी भी हत्याकांड की जांच करते समय पुलिस सबसे पहले यह पता लगाती है कि इससे सर्वाधिक लाभ किसे होना है। अब मुख्यमंत्री बघेल को यह साफ करते हुए प्रदेश को बताना चाहिए कि झीरम हत्याकांड का सर्वाधिक लाभ किस राजनेता को होना था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि इस मामले के पुलिस के एक चश्मदीद गवाह से मिलने बिलासपुर कौन गया था। क्यों गया था और किसने भेजा था। यह गवाह बाद में बागी क्यों हो गया था।
झीरम घाटी हमले की जांच के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का अध्यक्ष बदल दिया है। अब इस आयोग में दो सदस्यों को रखा गया है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश के अग्निहोत्री को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। न्यायमूर्ति जी. मिन्हाजुद्दीन आयोग के सदस्य होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। 28 मई 2013 को गठित न्यायिक जांच आयोग में केवल न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ही शामिल थे। न्यायमूर्ति मिश्रा का तबादला हो गया। इसके बाद आयोग के सचिव ने रिपोर्ट राज्यपाल को सौंप दी। तब से मामला गरमाया हुआ है।
अमित जोगी ने कहा: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने जेब में सबूत के हवाले से निम्नस्तरीय राजनीति करके झीरम घाटी का आरोप मेरे पिता अजीत जोगी और मेरे ऊपर मढ़ दिया था। इस मनगढ़ंत आरोप का समर्थन न्यायमूर्ति मिश्रा न्यायिक जांच आयोग और उनके द्वारा गठित SIT ने भी नहीं किया है। ऐसे में वे आपराधिक मामले में हमें फंसाने और चरित्र हनन करने के लिए हमसे तत्काल नि:शर्त माफी मांगे। अन्यथा मेरा परिवार उनके विरुद्ध मानहानि की कार्यवाही करने पर विवश होगा। अमित जोगी ने कहा, हमारे लिए मेरे स्वर्गीय पिता जी के सम्मान से ऊपर कुछ भी नहीं है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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