Connect with us

देश

Porn Star मिया खलीफा का TikTok पाकिस्तान में हुआ बैन, इमरान खान सरकार को जमकर सुनाई खरी-खोटी

Published

on

Mia Khalifa Responds to trollers

अमेरिकन मॉडल और पूर्व पॉर्नस्टार मिया खलीफा (Mia Khalifa) अक्सर सुर्खियों में रहती हैं. अब उन्होंने  इस बार पाकिस्तान पर निशाना साधा है. हाल ही में वह भारत में तब सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने भारत में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कई ट्वीट किए थे. मिया हमेशा से ही अपने बोल्ड अंदाज के साथ ही बेवाक अंदाज के लिए भी जानीजाती हैं.

अब हाल ही में मिया खलीफा का पाकिस्तान पर गुस्सा फूटा है. मिया सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. एक्ट्रेस आए दिन सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहती हैं, फैंस को उनके पोस्ट का इंतजार भी रहता है. अब इस बार उन्होंने पाकिस्तान पर एक विशेष कारण से निशाना साधा है.

पाकिस्तान में बैन हुई मिया का टिकटॉक

मिया  इस बार पाकिस्तान के कारण से सुर्खियों में हैं. असल में पाकिस्तान में मिया खलीफा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक के अकाउंट को बैन कर दिया गया है. जब मिया को ये बात पता लगी तो उनका सोशल मीडिया पर गुस्सा फूटा है.

यह भी पढ़ें   बड़ी खबर: भाजपा नेता मुकुल रॉय ने की घर वापसी, ममता की मौजूदगी में थामा TMC का दामन

हाल ही में मिया खलीफा (Mia Khalifa TikTok Account Ban in Pakistan) ने पाकिस्तान के इस कदम को लेकर पाकिस्तानी सरकार पर अपनी भड़ास निकाली है. पाकिस्तान के इस फैसले की मिया ने खुलकर आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि  ‘देश से मेरे टिकटॉक अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने के लिए पाकिस्तान को बधाई. मैं अब से अपने सभी टिकटॉक वीडियो ट्विटर पर अपने पाकिस्तानी प्रशंसकों के लिए पोस्ट करूंगी जो फासीवाद को दरकिनार करना चाहते हैं.’

Mia

मिया खलीफा ट्वीट

मिया का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से छा गया है. उन्होंने इस ट्वीट के जरिए पाकिस्तान सरकार पर भी निशाना साधने की कोशिश की है. मिया के इस पोस्ट पर फैंस जमकर कमेंट कर रहे हैं.

दरअसल, पाकिस्तान में कंटेंट सेंसरशिप के तहत पूर्व पॉर्न स्टार का टिकटॉक अकाउंट बैन कर दिया है.  मिया खलीफा के नाराज होने का कारण ये है कि उनको टिकटॉक अकाउंट बैन करने से पहले कोई चेतावनी नहीं दी गई और ना ही कोई पूर्व सूचना जारी की गई. अचानक टिकटॉक अकाउंट बैन कर दिया गया.

यह भी पढ़ें   महाराष्ट्र और झारखंड छोड़िए, जानिए 13 राज्यों की 46 सीटों के उपचुनाव में कौन जीत रहा

किस नाम से मिया को जानते हैं

मिया खलीफा को फैंस के बीच मिया कैलिस्टा के नाम से भी जाना जाता है. इस दिनों वह एक स्पोर्ट्स कमेंटेटर के रूप में अपने करियर का आनंद ले रही हैं. लेबनान में जन्मी अमेरिकी मॉडल एक लोकप्रिय वेब कैमरा मॉडल है. खलीफा ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में खुलासा किया था कि उन्होंने 10 जून 2019 को रॉबर्ट सैंडबर्ग से कानूनी तौर पर शादी कर ली. इस जोड़ी को जून 2020 में एक आधिकारिक समारोह का हिस्सा बनना था था लेकिन कोरोना के चलते दोनों ने अभी तक शादी नहीं कर पाई है, अब देखना होगा कि इनकी शादी कब होती है.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

Published

on

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।

यह भी पढ़ें   महाराष्ट्र और झारखंड छोड़िए, जानिए 13 राज्यों की 46 सीटों के उपचुनाव में कौन जीत रहा

सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम

आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”

‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’

दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   दूल्हे को लेकर भागी घोड़ी, बाराती कार-बाइक लेकर 4 किलोमीटर तक पीछे भागे

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

Published

on

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
यह भी पढ़ें   मन की बात के 100वें एपिसोड में PM मोदी देशभर में 100 वॉट के 91 एफएम ट्रांसमीटरों का करेंगे उद्घाटन

साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
यह भी पढ़ें   आज विकास योजना पर बजट वेबिनार को संबोधित करेंगे PM मोदी

वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending