Connect with us

छत्तीसगढ़

बिलासपुर: मदकूद्वीप में घोष वादन शुरू, RSS प्रमुख मोहन भागवत के साथ कई गणमान्य मौजूद

Published

on

बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में मदकूद्वीप में घोष वादन शुरू हो गया है। आरएसएस के प्रांत संघ संचालक डॉ. पूर्णन्दु सक्सेना समेत अनेक गणमान्य मौजूद हैं।

अभी यहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समाज प्रमुखों की बैठक लेंगे। इसके अलावा भी कई कार्यक्रम आज निर्धारित हैं। सुबह रायपुर से रवाना होने के बाद मोहन भागवत 11. 45 बजे मदकू द्वीप पहुंचे। उन्होंने मांडुक्य ऋषि की भव्य प्रतिमा के दर्शन एवं उनकी प्राचीन कथाओं को हरिहर आश्रम के संत रामस्वरूप से सुना। हरिहर आश्रम कुदिया में अखंड रामायण के दर्शन भी किए। इससे पहले भाजपा के दिग्गज नेताओं के साथ ही संघ पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उनके साथ विशेष रूप से शांता राम जी, दीपक विष्पूते, प्रेम सुथार, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद अरुण साव, विधायक शिवरतन शर्मा, दयालदास बघेल, रजनीश सिंह, कृष्णमूर्ति बांधी सहित रायपुर मुंगेली बिलासपुर जिले के भाजपा पदाधिकारी संघ परिवार के पदाधिकारी व स्वयंसेवक मौजूद रहे। दोपहर में भोजन के बाद मोहन भागवत संघ पदाधिकारियों से मुलाकात कर बैठक लेंगे। इसके बाद संघ के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। संघ प्रमुख मोहन भागवत इस दौरान विभिन्न समाज प्रमुखों के साथ बैठक भी करेंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में बढ़ते धर्मांतरण के साथ पर्यावरण सुरक्षा व ग्रामीण विकास को लेकर वे अपनी बात रख सकते हैं। धर्मांतरण के मुद्दे पर संघ के स्थानीय पदाधिकारियों से रिपोर्ट भी लेंगे। इस आयोजन के दौरान कार्यकर्ता सम्मेलन भी होगा। इसमें भी मोहन भागवत मुख्य वक्ता रहेंगे। गौरतलब है कि शिवनाथ तट पर स्थित पौराणिक महत्व वाला यह द्वीप मांडुक्य ऋषि की तपोस्थली है, यहां के तटवर्ती क्षेत्रों में आदि मानवों के रहने के प्रमाण भी मिले है। पुरातत्व विभाग को ईसवी सन के शुरुआती दौर के गुप्तकाल और 11वीं सदी के कल्चूरी काल की मूर्तियां भी मिली है। मदकूद्वीप में बड़ी संख्या में सैलानी आते रहते हैं।

यह भी पढ़ें   Chhattisgarh: लालपुर के सूने मकान में छप्पड़ तोड़कर चोरी, गरीबी से बेहाल परिवार की टूटी कमर
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   CG Corona Update: छत्तीसगढ़ में आज मिले कोरोना के 142 नए पॉजिटिव मरीज, 177 हुए स्वस्थ

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   सीएम भूपेश बघेल आज लेंगे अधिकारियों की समीक्षा बैठक

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   लूटपाट करने वाले 4 आरोपी सरकंडा पुलिस के गिरफ्त में, सुनसान जगह पर घटना को दिया थे अंजाम

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आज जन्मदिन, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल, देखें शेड्यूल

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   नारायणपुर: नक्सलियों ने सरपंच को उतारा मौत के घाट

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending