Connect with us

छत्तीसगढ़

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिलासपुर द्वारा आज तमिलनाडु सरकार का पुतला दहन कर किया गया विरोध प्रदर्शन

Published

on

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिलासपुर महानगर द्वारा आज तमिलनाडु सरकार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया और लावण्या को न्याय मिले वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी और हमारे सभी कार्यकर्ताओ को जल्द छोड़ने का चेतावनी दिया गया यदि ऐसा नहीं किया गया तो भारत के कोने कोने में और तेजी से सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया जायेगा.

  महानगर सह मंत्री भाव्या शुक्ला ने बताया कि भारत एक गणतांत्रिक राष्ट्र हैं जहां प्रत्येक व्यक्ति को अपने अनुसार जीवन व्यतीत करने की आज़ादी हैं कोई भी किसी को भी कृत्य के लिए बाध्य नहीं कर सकता। जहां लोग विद्यालय को मंदिर का नाम देते हैं और वही धर्म परिवर्तन के नाम पर ईसाई मिसनरी स्कूल के द्वारा किसी छात्रा को इतनी यातनाएं दी जाती है कि वह अपनी जान ले लेती हैं
महानगर मंत्री हेमांशु ने बताया कि किस प्रकार से तमिल नाडु में ईसाई मिशनरियों के स्कूल में धर्मांतरण के लिए 17 वर्षीय लावण्या को प्रताड़ित किया गया और उस कारण से उसने आत्महत्या कर ली।
  1. तमिल नाडु की स्टालिन सरकार का ऐसा दोगलापन है कि एक तरफ जिस महिला को इस केस में अरेस्ट किया गया था, उसकी बेल पर कैबिनेट मंत्री ने स्वागत किया और वहीं दूसरी तरफ़ लावण्या के लिए न्याय के लिए लड़ रहे विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय महामंत्री सहित अन्य कार्यकर्ताओं की असंवैधानिक गिरफ्तारी की।
  2. तमिलनाडु सरकार न्याय विरोधी सरकार है। शुरू से ही लावण्या को न्याय न मिले उसके लिए प्रयास कर रही है, यह कहना की लावण्या ने परिवार से तनाव मिलने के कारण आत्महत्या की और CBI जांच रुकवाने की मांग करना यह सब इसका प्रमाण देती है इन सब विषय पर हमारा आज पुतला दहन किया गया
    प्रांत कार्यसमिति सदस्य – आयुष तिवारी ने बताया कि तमिलनाडु पुलिस द्वारा 14 फ़रवरी को मुख्यमंत्री आवास के सामने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। उन्हें पहले एक मैरिज हॉल कल्याण मंडपम ले जाया गया और वहां लंबे समय तक रखा गया। रात 11 बजे उन्हें एसडीएम (ड्यूटी मजिस्ट्रेट) के सामने पेश किया गया जहां मामले की बहस शुरू हुई। सुनवाई 12:30 बजे तक चली जिसके बाद उन्हें 14 दिनों के न्यायिक रिमांड पर भेजने का आदेश दिया गया
    अभाविप के कार्यकर्ता रात भर दंडाधिकारी की मौजूदगी में रहे। रात 12 बजे के बाद भी चली बहस के बाद सौदापट मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 36 कार्यकर्ताओं में से 3 को नाबालिग होने के कारण रिहा कर दिया और बाकी 33 जिनमें राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी, राष्ट्रीय मंत्री मुथु रामलिंगम और अन्य सहित 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत पर भेजा गया उन पर आईपीसी की धारा 353 – लोक सेवक पर हमला, जो गैर जमानती अपराध है, का झूठा आरोप लगाया गया है। विरोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण था और किसी भी छात्र द्वारा एक खरोंच तक नहीं किया गया था जैसा कि सबूत के रूप में उपलब्ध वीडियो में स्पष्ट है डी॰एम॰के॰ के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने अदालत में अपना चेहरा बचाने की बहुत कोशिश की। जब उनके अधिवक्ता अपनी दलीलों को स्थापित करने में विफल रहे, तो वे आधी रात को राज्य के लोक अभियोजक को अदालत में लाए। तब भी जब तमिलनाडु डीएमके सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील कानूनी दलीलों से अपनी बातों को साबित करने में विफल रहे, डीएमके के कार्यकर्ता चेन्नई में उप-मंडल मजिस्ट्रेट कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए देर रात अदालत के सामने जमा हुए।
    डीएमके सरकार लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। सरकार के प्रतिशोध के कारण सभी कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है और गलत तरीके से आरोपित किया गया है।
    लावण्या को न्याय दिलाने और हमारे कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर एबीवीपी आज सभी राज्य मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर रही है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक abvp कार्यकर्त्ता लड़ने का निश्चय किया है जिसमें प्रमुख कार्यकर्त्ता उपस्थित
यह भी पढ़ें   CG Corona Update: छत्तीसगढ़ में आज मिले कोरोना के 26 नए पॉजिटिव मरीज, 23 हुए स्वस्थ
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

Published

on

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

यह भी पढ़ें   ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में नजर आएंगी छत्तीसगढ़ की डॉ मोनिका

इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

यह भी पढ़ें   रायपुर: टेंट हाउस में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर खाक

परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

Continue Reading

छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

Published

on

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें   जगदलपुर : बस और कार में भीषण भिड़ंत, 4 युवकों की मौके पर मौत, 1 घायल

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

Continue Reading

कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Published

on

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

यह भी पढ़ें   जगदलपुर : बस और कार में भीषण भिड़ंत, 4 युवकों की मौके पर मौत, 1 घायल

बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिनों से कोरोना से एक भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं

बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending