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छत्तीसगढ़

एक शिक्षक समेत 3 लोग खारून में डूबे, ऊपर से पानी बह रहे एनीकट को पार करते वक्त हादसा

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धरसीवां। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के समीप धरसीवां इलाके में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया है। खारुन नदी में एक टीचर और उनके परिवार के 2 लोग डूब गए हैं। पिछले पांच घंटे से तलाशी अभियान जारी है। बताया जा रहा है कि तीनों एनीकट पार कर रहे थे। उसी दौरान पैर फिसलने से ये हादसा हुआ है।

मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को सुबह लगभग 10 बजे शिक्षक लखनलाल बंजारे अपने परिवार के 15 साल के हरजीत भारती और 28 साल के शेखर बंजारे के साथ मुर्रा गांव में खारुन नदी पर बने एनीकट को पार कर रहे थे। एनीकट के ऊपर से पानी बह रहा था। उसी दौरान पार करते-करते तीनों का पैर फिसल गया और वे नदी में डूब गए।

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घटना के वक्त आस-पास कुछ लोग मौजूद थे, जिन्होंने इनको डूबते देखा था। इसके बाद उन्होंने इस बात की सूचना पुलिस को दी। प्रशासन को भी इस बारे में जानकारी दी गई। जिसके बाद से ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची है। अब गोताखोरों की मदद से तीनों की तलाश जारी है। मगर घटना के 3 घंटे बाद भी तीनों का कुछ पता नहीं चला है।

एनीकट के ऊपर से बह रहा है पानी

बताया जा रहा है कि इसी एनीकट से लोग आना-जाना करते हैं। ये रायपुर को बेमेतरा जिले से जोड़ता है। ग्रामीण मुर्रा से ढाबा गांव आने जाने के लिए इस पुल का उपयोग करते हैं। हैरानी की बात ये है कि एनीकट में ऊपर से पानी बह रहा है। इसके बावजूद लोग उसे पार कर रहे हैं। फिर भी प्रशासन ने ना तो यहां पर किसी प्रकार का कोई नोटिस लगाया है। ना ही यहां पर किसी को तैनात किया गया है।

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जिला पंचायत सदस्य ने लगाए गंभीर आरोप

वहीं घटना के बाद क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य राकेश यादव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एनीकट में 14 गेट हैं, लगातार बोलने पर भी किसी प्रकार का मेंटेनेंस नहीं किया गया। अगर 4 गेट भी खुले होते तो ये हदासा नहीं होता। सभी गेट जाम हैं। लगातार हादसे के बाद भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।   

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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