छत्तीसगढ़
ओयो ने इंदौर में नीट की महिला अभ्यर्थियों के लिए विशेष छूट की घोषणा की

इंदौर। ग्लोबल हॉस्पिटलिटी टेक्नोलॉजी कंपनी, ओयो ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रैंस टेस्ट (नीट) 2022 में बैठने वाली छात्राओं के लिए एक विशेष छूट योजना की घोषणा की है।
इस योजना के तहत, सफर करके नीट परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने वाली सभी छात्राओं को पूरे देश में मौजूद ओयो होटलों में अपने स्टे के लिए 60 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। यह छूट 16 जुलाई और 17 जुलाई, 2022 को लागू रहेगी। परीक्षा का आयोजन रविवार, 17 जुलाई, 2022 को भारत के 497 शहरों में स्थित भिन्न-भिन्न केंद्रों पर होगा। ओयो ने महत्वपूर्ण परीक्षा केंद्रों पर कन्या प्रत्याशियों को ठहरने की सुविधा प्रदान करके अपना सहयोग देने का वादा किया है। यह छूट पाने के लिए ओयो ऐप डाउनलोड करें, रेड ‘नियरबाय’ आईकन पर क्लिक करके अपने परीक्षा केंद्र के पास इस योजना में भाग लेने वाले होटल को तलाशें, फिर कूपन कोड ‘नीटजेएफ’ (NEETJF) चुनकर बुक नाउ और पे ऐट होटल बटन दबाएँ। इस योजना में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को वाई-फाई और एयर कंडीशनिंग की सुविधा मिलेगी। नीट का आयोजन हर साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा सभी मेडिकल संस्थानों के अंडर ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेस में प्रवेश के लिए किया जाता है, जिसमें किसी अन्य कानून के अंतर्गत आने वाले मेडिकल संस्थान भी शामिल होते हैं। इसलिए एम्स, नई दिल्ली; जेआईपीएमईआर और सभी एम्स जैसे संस्थानों में एमबीबीएस कोर्सेस में प्रवेश भी नीट परीक्षा द्वारा ही लिया जा सकता है। हर साल नीट परीक्षा में बैठने वाले कुल प्रत्याशियों में 50 प्रतिशत छात्राएँ होती हैं। नीट परीक्षा कराने वाली संस्था, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक 2021 में लगभग 16 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराया, जिनमें लगभग 9 लाख विद्यार्थी छात्राएँ थीं। वर्ष 2019 और 2020 में लगभग 15 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया, जिनमें से लगभग 8 लाख विद्यार्थी छात्राएँ थीं।
एमपी में इस साल और बढ़ सकती है विद्यार्थियों की संख्या
मध्य प्रदेश में वर्ष 2021 में नीट परीक्षा के लिए 50,000 से अधिक छात्र उपस्थित हुए थे। नीट 2022 में यह संख्या थोड़ी अधिक बढ़ने की उम्मीद है। महिलाओं को अपने व्यवसायिक सपने पूरे करने में ओयो के योगदान के बारे में श्रीरंग गोडबोले, एसवीपी- प्रोडक्ट एवं चीफ सर्विस ऑफिसर, ओयो ने कहा, ” हर साल बड़ी संख्या में छात्राओं को नीट परीक्षा में बैठने के लिए अपने गाँवों और कस्बों से दूसरे बड़े शहरों में जाना पड़ता है। इस अभियान के साथ हम उन्हें किफायती मूल्यों में अपने परीक्षा केंद्रों के पास गुणवत्तायुक्त स्टे प्रदान करके उनके तनाव को कम करना चाहते हैं। ” ग्राहक ओयो के प्लेटफॉर्म पर अनेक कारणों से आते हैं, जिनमें किफायती मूल्यों पर ओयो होटल्स की उपलब्धता, कमरों की गुणवत्ता, ऐप का आसान उपयोग, पर्सनलाइज़ेशन और ओयो प्लेटफॉर्म का लचीलापन शामिल हैं। ग्राहक ओयो के 24 x 7 चैटबॉट यो! चैट द्वारा शीघ्रता से अपनी शंकाओं का समाधान कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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