छत्तीसगढ़
गरबा में इन लोगों को नहीं मिलेगी एंट्री, जिला प्रशासन ने जारी किया गाइडलाइन
जगदलपुरः नोवल कोरोना वायरस के सक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुये तथा आगामी माह में जिले में कोरोना पीजीटीव प्रकरणों की सरख्या में वृद्धि की संभावना है। जिसे रोकने एवं नियंत्रण में रखने हेतु सभी सबंधित उपाय अमल लाया जाना उचित एवं आवश्यक हो गया है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा रास गरबा-डांडिया, भजन के आयोजन के सबंध में निर्देश जारी किए आयोजन के स्थल की क्षमता 50 प्रतिशत अथवा 200 व्यक्ति जो भी कम हो के सम्मिलित होने की अनुमति होगी।
कार्यक्रम का आयोजन रात्रि 10 बजे तक ही किया जाए। आयोजन स्थल पर प्रवेश एवं निकासी द्वार पृथक-पृथक रखी जाये, जो टय की मोड अवस्था में हो, तथा आयोजन स्थल को दिन में कम से कम 02 बार सेनेटाईज्ड किया जाए। आयोजन में सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्तियों का थर्मल स्कीनिंग कराया जाना, मास्क पहनना, समय-समय पर हैण्ड सेनेटाईजर का उपयोग करना, फिजिकल डिस्टेशिग तथा सोशल डिस्टेशिग अर्थात व्यक्तियों के मध्य कम से कम दो मी या 06 फीट दूरी रखना अनिवार्य होगा। आयोजन में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों के संदर्भ में रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा, ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति संकमित पाया जाता है, तो उसका आसानी से कांटेक्ट ट्रेसिग किया जा सके ।
आयोजन करने वाये व्यक्ति सैनेटाईजर थर्मल स्कीलिंग, आक्सीमीटर, हेडवाश, एवं क्यू मैनजेमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्किनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर आयोजन स्थल में सम्मिलित प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी आयोजक की होगी । आयोजन में सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्तियों को कोविड वैक्सिन का दोनों डोज लगा हुआ होना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्तियों को भारत सरकार-राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस के नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु जारी समस्त निर्देशों का पालन किया जाना होगा।
आयोजन में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा मार्गदर्शी निर्देश के अनुरूप किया जावें। आयोजन के दौरान किसी प्रकार के दुर्घटना से बचने के लिए अग्निशमन, प्राथमिक उपचार सामाग्री उपलब्ध हो, सुनिश्चित किया जावें। आयोजन के पूर्व स्थानीय थाना प्रभारी को सुचित करना अनिवार्य होगा। आयोजन से आम जनता बाधित ना हो । पार्किंग की व्यवस्था स्वयं के द्वारा की जावे। आयोजन के दौरान किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन न किया जाये। किसी प्रकार की फूहड़ता अश्लीलता प्रदर्शित न हो। आयोजन के दौरान दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इस हेतु पर्याप्त स्वयं सेवक रखा जावे एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जावे ।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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