Connect with us

छत्तीसगढ़

गोधन न्याय योजना ने खोले महिलाओं के लिए आमदनी के द्वार

Published

on

रायपुर। राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना के सफल संचालन नेे ग्रामीणों के लिए आमदनी के द्वार खोल दिए हैं। यह योजना ग्रामीणों, पशुपालकों एवं महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। बालोद जिले में ग्राम बरही में संचालित ग्वालिन महिला स्वसहायता-समूह के लिए भी गोधन न्याय योजना ने आमदनी के स्थायी द्वार खोल दिए हैं।

योजना के अंतर्गत बरही गौठान में समूह की महिलाएं अब तक 1300 क्विंटल वर्मी खाद का निर्माण कर चुकी हैं। ये महिलाएं अब तक 05 लाख 20 हजार रुपये के 1007 क्विंटल वर्मी खाद की बिक्री कर प्रति सदस्य 47 हजार 272 रूपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त कर चुकी हैं। योजना से गांव में ही रोजगार मिलने से महिलाओं के आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।

यह भी पढ़ें   अम्बिकापुर : प्री. बी.ए. बी.एड., प्री. बी.एस.सी. बी.एड. व बी.एस.सी. नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा 19 जून को

उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना हानिकारक रासायनिक खादों के दुष्प्रभावों से मुक्ति प्रदान करने के अलावा कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति को भी बरकरार रखने में भी अत्यंत मददगार साबित हो रही है। यह ग्रामीणों एवं समूह की महिलाओं के लिए स्थायी रोजगार का जरिया बन चुकी है।

आदर्श गौठान बरही में विभिन्न प्रकार की आजीविकामूलक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिसमें से ग्वालिन स्वसहायता समूह की 11 महिलाओं द्वारा वर्मी खाद निर्माण का कार्य किया जा रहा है। यहां महिलाओं को निरंतर आमदनी होने से आज उनका जीवन स्तर काफी सुधर गया है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में सबसे पहले यहीं माता सीता ने मवई नदी में पखारे थे पांव
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   CG Corona Update: छत्तीसगढ़ में आज मिले कोरोना के 109 नए पॉजिटिव मरीज, 156 हुए स्वस्थ... 3 की मौत
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   नशे का सामान बेचने वाले मेडिकल स्टोर
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending