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छत्तीसगढ़

घर की इस दिशा में होता है पितरों का वास, भूलकर भी नहीं करने चाहिए ये काम

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हिंदू धर्म में पितृपक्ष का काफी महत्व माना जाता है। पितृ पक्ष 15 दिन तक चलते हैं। इन दिनों में पितरों को याद कर पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध कर्म आदि किया जाता है। वहीं घर की बात की जाए तो दक्षिण दिशा पितरों को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिशा में कुछ चीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर इन बातों का ध्यान न रखा जाए तो घर मे पितृ दोष उत्पन्न होने लगता है। अगर आपके घर में भी पितृ दोष है, तो आपको आर्थिक तंगी के साथ-साथ कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

आइए जानते हैं कि पितृ दोष से बचने के लिए किन नियमों का पालन करना चाहिए

वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी जाती है। ये दिशा पितरों के लिए सही मानी जाती है। इसलिए ध्यान रखें कि पितरों की फोटो हमेशा उत्तर दिशा की तरफ ही लगानी चाहिए। साथ ही पितरों का मुंह दक्षिण दिशा में होना चाहिए।

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वहीं बेडरूम या फिर ड्राइंग रूम में पितरों की फोटो नहीं रखनी चाहिए। माना जाता है कि इस जगह पर पितरों की फोटो रखने से घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर असर होता है। साथ ही परिवार में कई तरह की बीमारियां उत्पन्न होने लगती है।

– इस बात का भी ध्यान रखें कि घर में एक से अधिक पितरों की फोटो नहीं लगानी चाहिए। घर में एक से ज्यादा पितरों की फोटो लगी होने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।

अगर पितरों के श्राद्ध आदि नहीं करते, साथ ही उनको याद नहीं करते हैं तो वे नाराज हो जाते हैं। साथ ही पितृ दोष भी उत्पन्न होता है। घर के मंदिर या रसोई घर में भी पितरों की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए।

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– अगर आप समय-समय पर पितरों को याद करते हैं तथा उनका श्राद्ध आदि करते हैं तो वे प्रसन्न होते हैं। ऐसा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिससे व्यक्ति का जीवन सुख से व्यतीत है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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