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छत्तीसगढ़ में नर्सिंग प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल को लिखा पत्र

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छत्तीसगढ़ में नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल को पत्र लिखा है। तकनीकी कारणों से प्रदेश के शासकीय और निजी नर्सिंग महाविद्यालयों में अब तक काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में निर्धारित समय के भीतर प्रवेश प्रक्रिया के सभी चरण पूरे करना संभव नहीं है। इसे देखते हुए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने नर्सिंग के सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 दिसंबर 2026 करने की मांग की है।

तकनीकी कारणों से शुरू नहीं हो सकी काउंसिलिंग
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रितेश कुमार अग्रवाल ने सोमवार 26 अक्टूबर को इंडियन नर्सिंग काउंसिल, नई दिल्ली के सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में बताया गया है कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल की 24 सितंबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार, नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

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15 दिसंबर तक प्रवेश की अनुमति देने की मांग
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने पत्र के माध्यम से बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और डिप्लोमा इन साइकिएट्रिक नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने का अनुरोध किया है।

इस पत्र की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव, पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव और छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के रजिस्ट्रार को भी भेजी गई है।

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CG News : शिक्षकों के लिए होगी विशेष टीईटी परीक्षा, राज्य सरकार ने दी सहमति

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छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के विशेष आयोजन के प्रस्ताव को सहमति प्रदान की है। यह परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) के माध्यम से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पद्धति से आयोजित की जाएगी। शासन ने वर्ष में न्यूनतम दो बार परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सेवारत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें।

टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील क्रमांक 1385/2025 में 1 सितंबर 2025 तथा पुनर्विचार याचिका में 29 मई 2026 को पारित निर्णय के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है। न्यायालय के निर्देशानुसार कक्षा पहली से आठवीं तक के ऐसे समस्त सेवारत शिक्षक, जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष या उससे अधिक शेष है, उन्हें सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति के लिए निर्धारित स्तर की टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।

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सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राज्यों को निर्देशित किया गया है कि गैर-टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा का विशेष आयोजन किया जाए। इसी परिप्रेक्ष्य में लोक शिक्षण संचालनालय ने 24 सितंबर 2026 को शासन को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर राज्य सरकार ने सहमति प्रदान की है।

साल में न्यूनतम दो बार परीक्षा का आयोजन
शासन के निर्णय के अनुसार टीईटी परीक्षा निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) पद्धति से आयोजित की जाएगी। परीक्षा एक से अधिक पालियों में होगी तथा सभी पालियों के लिए तैयार प्रश्नपत्रों का स्तर समान रखा जाएगा, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में एकरूपता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। विशेष टीईटी परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), रायपुर द्वारा प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। राज्य शासन ने लोक शिक्षण संचालनालय को वर्ष में न्यूनतम दो बार परीक्षा का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के 10 आसान उपाय

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शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने और उनके मंत्रों का जप करने से मां जल्दी प्रसन्न होती है। शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। अगर आप भी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे है या चाहते हैं कि घर में धन की कमी न हो, तो शरद पूर्णिमा के दिन कुछ आसान उपाय कर सकते है। इन उपायों में मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करने से लेकर विशेष मंत्रों का जप करने तक कई तरीके शामिल हैं। जो बेहद ही आसान और कम खर्चे में किया जा सकते हैं इसके लिए आपको किसी विशेष सामग्री की जरूरत नहीं है।

कब है शरद पूर्णिमा
पंचांग के अनुसार, शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर, रविवार को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11.55 मिनट पर शुरू होगी और 26 अक्टूबर को सुबह 9.41 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ ही धन-समृद्धि की कामना की जाती है।

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शरद पूर्णिमा के 10 आसान उपाय
शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की पूजा करें। इसके बाद कमल गट्टे की माला से मां लक्ष्मी के मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।
मंत्र: ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः।’
शरद पूर्णिमा की शाम को मां लक्ष्मी की पूजा करते समय उनके चरणों में सात कौड़ियां रखें। रात 12 बजे के बाद इन्हें घर की जमीन में गाड़ने का पारंपरिक उपाय बताया जाता है।
शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी के मंदिर में जाकर कमल गट्टे की माला अर्पित करें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।

मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान चांदी का सिक्का रखें। पूजा के बाद इसे अपनी तिजोरी में रख दें।
मां लक्ष्मी को कमल का फूल और सफेद मिठाई अर्पित करें। इसके बाद धन-धान्य और सुख-शांति की कामना करें।
शंख में केसर मिला दूध भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने का उपाय भी बताया जाता है। पूजा करते समय मां लक्ष्मी का स्मरण करें।
शरद पूर्णिमा की शाम घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में गाय के घी का दीपक जलाएं। चाहें तो उसमें थोड़ी केसर भी डाल सकते है।
पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ के पास पंचमुखी दीपक जलाकर मां लक्ष्मी से आर्थिक परेशानियां दूर करने की प्रार्थना करें।
कर्ज से परेशान लोगों के लिए पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करने का पारंपरिक उपाय बताया जाता है। इसके साथ कर्ज चुकाने की योजना बनाना भी जरूरी है।
पीपल के पांच पत्तों पर पीला चंदन लगाकर उन्हें बहते जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करते समय नदी या जलस्रोत को प्रदूषित न करें; बेहतर है कि पत्तों को मिट्टी में रख दें।

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छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों के लिए बड़ी खुशखबरी: 3 साल बाद मानदेय में होने जा रहा बड़ा बदलाव! जानिए पूरी अपडेट

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छत्तीसगढ़ के करीब 7,900 नगर सैनिकों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी है। राज्य शासन के गृह विभाग ने स्वयंसेवी नगर सैनिकों का कुल मानदेय बढ़ाकर 30,870 रुपए प्रतिमाह करने की अनुशंसा की है। प्रस्ताव के मुताबिक, वर्तमान में 19,500 रुपए प्रतिमाह मिलने वाला मूल मानदेय बढ़कर कुल 30,870 रुपए हो जाएगा। इस बदलाव से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां निभाने वाले नगर सैनिकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर गृह मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में यह पहल की गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फिलहाल इसे गृह विभाग का प्रस्ताव बताया गया है। शासन की अंतिम मंजूरी और इसे लागू करने की तारीख के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

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मूल मानदेय 19,500 रुपए, महंगाई भत्ता 11,310 रुपए
प्रस्तावित मानदेय की गणना तीन मदों को मिलाकर की गई है। इसमें मूल मानदेय के साथ महंगाई भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता शामिल हैं।

मूल मानदेय: 19,500 रुपए प्रतिमाह

महंगाई भत्ता: 58 प्रतिशत के हिसाब से 11,310 रुपए

वर्दी धुलाई भत्ता: 60 रुपए

कुल प्रस्तावित मानदेय: 30,870 रुपए प्रतिमाह

इस हिसाब से नगर सैनिकों को प्रतिदिन करीब 1,029 रुपए के बराबर मानदेय मिलेगा। प्रस्तावित बढ़ोतरी का लाभ प्रदेश के लगभग 7,900 नगर सैनिकों को मिलने की बात कही गई है। इससे उनके परिवारों को भी आर्थिक सहारा मिल सकता है।

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