छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में रबी फसलों की लक्ष्य से अधिक बोनी, निर्धारित लक्ष्य के 45 प्रतिशत रकबे में दलहन की खेती
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल रबी के रकबे में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का लक्ष्य हासिल करने के साथ ही 19.36 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बोनी हो चुकी है, जो कि रबी सीजन के लिए निर्धारित 19.25 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य का 101 प्रतिशत है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में बीते रबी सीजन में 18.30 लाख हेक्टेयर में खेती की गई थी। इस साल रबी रकबे में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ ही कुल 19.25 लाख हेक्टेयर में बोआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में 19.36 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुआई हो चुकी है, जो कि बीते साल रबी के रकबे से 5.77 प्रतिशत अधिक है। राज्य में दलहन फसलों को प्रोत्साहन तथा समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था के चलते किसानों का रूझान इसकी खेती की ओर काफी तेजी से बढ़ा है। चालू रबी सीजन में दलहन फसलों की बुआई 8.65 लाख हेक्टेयर में की जा रही है, जो कि इस साल रबी फसलों की खेती के लिए प्रस्तावित रकबे का 45 फीसद है।
छत्तीसगढ़ में अब तक अनाज की बोनी 5.97 लाख हेक्टेयर में, दलहन की बोनी 8.14 लाख हेक्टेयर में और तिलहन की बोनी 2.84 लाख हेक्टेयर में, गन्ना की 42 हजार 410 हेक्टेयर और साग-सब्जी एवं अन्य फसलों की लगभग 2 लाख हेक्टेयर हो चुकी है। राज्य में 2.71 लाख हेक्टेयर में गेहूं, 1.71 लाख हेक्टेयर में मक्का, 35 हजार हेक्टेयर में रागी, 11 हजार हेक्टेयर में जौ-ज्वार एवं अन्य फसलें और 1.55 लाख हेक्टेयर में मोटे अनाज की बोनी पूरी कर ली गई है। इस प्रकार राज्य में 5.97 लाख हेक्टेयर में अनाज फसलों की बोनी पूरी कर ली गई है, जो कि रबी सीजन में अनाज फसलों की बोनी के लिए निर्धारित लक्ष्य 4.36 लाख हेक्टेयर का 137 प्रतिशत है।
इस तरह दलहनी फसलों की बुआई 8.14 लाख हेक्टेयर में हो चुकी हैै, जिसमें चना की 3.86 लाख हेक्टेयर में, मटर की 55 हजार हेक्टेयर में, मसूर की 34 हजार हेक्टेयर में, मूंग की 31 हजार हेक्टेयर में, उड़द की 27 हजार हेक्टेयर में, तिवड़ा की 2.50 लाख हेक्टेयर में, कुल्थी की 23 हजार हेक्टेयर में तथा अन्य दलहन फसलों की 7 हजार हेक्टेयर में बुआई पूरी कर ली गई है, जोकि दलहन फसलों की बोनी के लिए निर्धारित लक्ष्य का 94 प्रतिशत है।
इसी प्रकार राज्य में अब तक तिलहनी फसलों की बुआई 2.84 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जिसके अंतर्गत अलसी की बुआई 46 हजार 190 हेक्टेयर में, राई सरसों की 2 लाख हेक्टेयर में, तिल की 1370 हेक्टेयर में, सूरजमुखी 2960 हेक्टेयर, कुसुम की 6960, मूंगफली की 25,630 तथा अन्य तिलहनी फसल की बोनी 160 हेक्टेयर में पूरी हो चुकी है, जो कि तिलहन फसलों की बोनी के लक्ष्य का 75 प्रतिशत है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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