छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़: स्टेट क्वालिटी मॉनिटर्स के इम्पैनलमेंट के लिए आवेदन करने की तिथि 23 फरवरी तक

छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एजेंसी छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्टेट क्वालिटी मॉनिटर्स के इम्पैनलमेंट के लिए आवेदन आमंत्रित किया है। इसके लिए कार्यपालन अभियंता या किसी सरकारी संस्था, केंद्र या राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम या उनसे संबद्ध कार्यालयों में समकक्ष पद से सेवानिवृत्त सिविल अभियंताओं से 23 फरवरी 2022 तक आवेदन मंगाया गया है। शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईआईटी, एनआईटी या सरकारी अनुसंधान संस्थानों इत्यादि में कार्यरत या सेवानिवृत्त सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक ऐसे फैकल्टी मेम्बर जिन्हें सड़क निर्माण या पुल की डिजाइनिंग, पर्यवेक्षण और परामर्शदाता के रूप में काम करने का अनुभव हो, वे भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
सड़क निर्माण कार्यों के निरीक्षण के लिए शासकीय सेवा वाले ऐसे उम्मीदवार वांछित हैं जिन्हें अपनी सेवानिवृत्ति के पहले के आखिरी दस सालों में से कम से कम पांच साल सड़क निर्माण का अनुभव हो। वहीं पुल निरीक्षण के लिए पुल निर्माण की योजना, डिजाइनिंग या क्रियान्वयन में आठ वर्ष के अनुभव वाले ऐसे उम्मीदवार वांछनीय हैं जिन्हें पुल परियोजना ¼Bridge Project½ के क्रियान्वयन का कम से कम चार वर्ष का अनुभव हो। सड़क और पुल निरीक्षण के लिए दोनों व्यावसायिक योग्यता एवं मैदानी अनुभव रखने वाले उम्मीदवार दोनों कार्यों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
स्टेट क्वालिटी मॉनिटर के लिए सभी व्यावसायिक और शैक्षणिक योग्यता धारण करने के साथ ही आवेदक किसी तरह के भ्रष्टाचार का दोषी न हो। कम्प्यूटर और स्मार्ट फोन पर काम कर सकने वाले या निर्धारित समय में इन्हें सीखने के इच्छुक उम्मीदवार इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों को मैदानी अनुभव ¼Field Experiences½ से संबंधित दस्तावेज भी आवेदन के साथ संलग्न करने कहा गया है।
इम्पैनलमेंट के लिए पात्रता की शर्तें, स्टेट क्वालिटी मॉनिटर्स के कर्तव्य (क्नजल) और आवेदन पत्र का प्रारूप वेबसाइट www.pmgsy.nic.in (डब्लूडब्लूडब्लू डॉट पीएमजीएसवाई डॉट एनआईसी डॉट इन) पर ‘डीओ एंड एसक्यूएम सलेक्शन एंड परफॉर्मेंस इवेल्यूएशन¼DO and SQM selection and performance evaluation½* शीर्षक के तहत देखी जा सकती है। स्टेट क्वालिटी मॉनिटर्स के रूप में कार्य करने के इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, विकास भवन, सिविल लाइन, रायपुर को 23 फरवरी तक भेज सकते हैं। अभिकरण ने एनआरआईडीए ¼NRIDA½ में नेशनल क्वालिटी मॉनिटर और दूसरे राज्यों में स्टेट क्वालिटी मॉनिटर के रूप में इम्पैनल्ड अधिकारियों तथा 23 फरवरी 2022 को 70 साल की उम्र पूरी कर रहे अधिकारियों को आवेदन नहीं करने कहा गया है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है
















