छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़: 14 साल या कम उम्र के बच्चे गाड़ी चलाते पकड़े गए तो अभिभावकों से वसूला जाएगा जुर्माना

रायपुर। छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग ने ट्रैफिक नियम तोड़ने पर वसूले जाने वाले जुर्माने की नई दरें व नियम लागू करने के साथ-साथ पहली बार कुछ और गलतियों को कानूनी दायरे में ले लिया है। प्रदेश में पहली बार 14 साल या कम उम्र के बच्चों के गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने पर अभिभावकों को बुलाकर उनसे 500 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। अभी तक नाबालिगों को पकड़े जाने पर कोई स्पष्ट कानून नहीं था। अगर कोई बच्चा दूसरी बार पकड़ा गया तो उसके अभिभावकों से 1000 रुपए वसूले जाएंगे और हर बार जुर्माना बढ़ता जाएगा।
परिवहन सचिव का कहना है कि जिन केंद्रीय नियमों को प्रदेश के अनुकूल समझा गया, प्रदेश के कानून में उन्हें एडाप्ट कर लिया गया है। इसके अलावा कुछ और अपराधों को कानूनी दायरे में लाया गया है, जिनको लेकर पहले स्पष्ट नियम नहीं थे। कानून और मोटरयान एक्ट की नई दरें भी पूरे राज्य में लागू कर दी गई हैं। कुछ नियम ऐसे हैं जिनमें जुर्माने के साथ-साथ सजा का भी प्रावधान है, लेकिन छत्तीसगढ़ में केवल जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसमें एक महत्वपूर्ण संशोधन यह भी है कि किसी भी तरह के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, ट्रैफिक में बाधा तथा कर्मचारियों की तरफ से मांगी गई जानकारी देने से इंकार करने पर भी 500 रुपए का जुर्माना तय किया गया है। परिवहन विभाग को जानकारी देने से इनकार करने या मिथ्या जानकारी देने पर 500 रुपए के अर्थदंड का प्रावधान किया गया है।
मॉडल परिवर्तन पर जुर्माना
मोटरयान और उसे संघटकों के सन्निर्माण, रख-रखाव, विक्रय और परिवर्तन संबंधी अपराध पर एक लाख रुपए अर्थदंड लगेगा। इसके अलावा किसी मॉडल को चेंज करने की कोशिश भी कानून के दायरे में लाई गई है। किसी मोटरयान के ऐसे संघटक का विक्रय करना या बेचना जिसे केंद्र सरकार ने नाजुक सुरक्षा संघटक के रूप में अधिसूचित किया है, या गाड़ी मालिक के द्वारा किसी गाड़ी या पुर्जों में ऐसे बदलाव करना जो नियम के खिलाफ है, तो ऐसे हर परिवर्तन पर 5-5 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान कर दिया गया है।
लाइसेंस न होने पर जुर्माना
अप्राधिकृत व्यक्ति को वाहन चलाने की अनुमति देने पर 1000 रुपए भरने होंगे। अर्थात अगर किसी के पास लाइसेंस नहीं है या वह किसी कानूनी दायरे में वाहन नहीं चला सकता, तब जिस व्यक्ति ने उसे गाड़ी दी, उस पर यह जुर्माना लगेगा। इसी तरह, किसी गाड़ी का कंडक्टर लाइसेंस संबंधी अपराध करता है तो उसे 1000 रुपए जुर्माना भरना होगा। यात्री बसों में बिना टिकट या बिना पास के यात्रा करने पर पहली बार में 500 और दूसरी बार में भी इतना ही जुर्माना देना होगा। यह मोटरयान एक्ट की धारा 187 के तहत देना होगा। संशोधित नियमों के अनुसार गंतव्य वाले वाहनों में कंडक्टर द्वारा कर्तव्यों का पालन नहीं करने पर पहली और दूसरी बार पकड़े जाने पर 500-500 रुपए भरने होंगे। दो या तीन पहियों के संविदा वाहन चलाने से इनकार करने पर पहली बार में 100 और दूसरी बार में भी 100 रुपए देने होंगे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















