Uncategorized
जगदलपुर: 64 लाख का सवा टन गांजा पकड़ाया, चावल की बोरियों के बीच की जा रही थी तस्करी
जगदलपुर: आध्रप्रदेश के विजयनगरम से ट्रक में चावल लोड कर ओडिशा की पहाड़ियों से गांजा भरने के बाद छग में प्रवेश करते ही पुलिस ने गांजा तस्कर को धर दबोचा। नगरनार पुलिस ने ट्रक चालक के कब्जे से 1280 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया, जिसका बाजार मूल्य 64 लाख रुपए आंका गया है, वहीं जब्त ट्रक की कीमत लगभग 10 लाख रुपए आंकी गई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसमें एक बार में इतनी मात्रा में गांजा बरामद किया गया है। सीएम भूपेश बघेल ने भी गांजा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
पत्रवार्ता में सीएसपी किरण चव्हाण ने बताया कि एसएसपी जितेन्द्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन में लगातार आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। थाना नगरनार को सूचना प्राप्त हुआ था कि ओडिशा की ओर से ट्रक में अवैध रूप से गांजा का परिवहन किया जा रहा हैं। सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नगरनार शिवशंकर गेंदलें के नेतृत्व में कार्यवाही के लिए टीम का गठन किया गया था। टीम द्वारा छग- ओडिशा बार्डर स्थित धनपुंजी नाका में मोबाइल चेक पोस्ट लगाकर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान ओडिशा की ओर से आ रही ट्रक क्रमांक यूपी-23-टी-2727 को रोककर ट्रक में सवार युवक से पूछताछ की गई, उसने अपना नाम साबिर अली पिता सब्बीर अली 51 वर्ष निवासी 272 मिटठेपुर उर्फ मीठापुर थाना गुलावठी जिला बुलन्दशहर यूपी का रहने वाला बताया। ट्रक की तलाशी लेने पर चावल के बोरों के बीच छिपाकर रखा 1280 किलोग्राम मादक पदार्थ गांजा मिला। गांजा मिलते ही आरोपी के खिलाफ थाना नगरनार में 20 (बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया। पत्रवार्ता के दौरान डीएसपी हेमसागर सिदार व नगरनार थाना प्रभारी शिवशंकर गेंदले मौजूद थे।
नहीं दे पाए पुलिस को चकमा
गांजा तस्करों के द्वारा इस बार पुलिस को चकमा देने के लिए आंध्र के विजयनगरम से पहले चावल लोड किया गया। इसके उपरांत ओडिशा में सुनसान इलाके में ट्रक को रोककर पहाडि़यों से गांजा की खेप उतारकर चावल की बोरियों के बीच ट्रक में लोड किया गया। फिर उसे ओडिशा से छग होते हुए यूपी ले जाने की प्लानिंग थी लेकिन बार्डर में ही नगरनार पुलिस की सटीक मुखबिरी ने गांजा तस्करों की योजना पर पानी फेर दिया। हालांकि पुलिसिया कार्रवाई को देखते हुए ट्रक के आगे पीछे चल रहे तस्कर भागने में सफल रहे। सीएसपी ने बताया कि मामले में मुख्य सरगना समेत कई आरोपियों को तलाश कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
जाते-जाते थानेदार ने की बड़ी कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई निरीक्षक शिवशंकर गेंदले के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई से दो दिन पूर्व ही उन्हें नगरनार थाना से लाईन अटैच किया गया था। लेकिन लाइन में आमद देने से पूर्व ही थानेदार गेंदले ने गंाजा तस्करों के खिलाफ प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दे डाला। जानकारी के मुताबिक ठीक दो वर्ष पूर्व उन्हें नगरनार थाने की कमान सौंपी गई थी। अपने कार्यकाल में गेंदले 1.90 करोड़ कीमती 33 वाहनें जब्त कर 11 राज्यों के 84 तस्करों को जेल की हवा खिला चुके है।
Uncategorized
हरेली तिहार : माटी पूजन, कृषि औजारों की पूजा और गेड़ी की परंपरा का पर्व

छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। इस त्यौहार से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है। परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को साफ कर घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं।
कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं के साथ पूजा करते हैं। गांवों के ठाकुरदेव की पूजा की जाती है। हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में देने की परंपरा रही हैं।
सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।
Uncategorized
राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने आज राजधानी रायपुर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली. ‘मोर तिरंगा, मोर अभिमान-हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत आयोजित इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत प्रदेश के कई मंत्री, विधायक के साथ बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए.
रायपुर के इंडोर स्टेडियम से भव्य तिरंगा यात्रा की कार्यक्रम का आगाज हुआ. देशभक्ति के रंग से सराबोर इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत तमाम कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे, डिप्टी सीएम अरुण साव, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री राजेश अग्रवाल, मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक राजेश मूणत और विधायक सुनील सोनी समेत बीजेपी के अनेक नेता-कार्यकर्ता के साथ स्काउट एंड गाइड्स, NCC कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राएं समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए.
इंडोर स्टेडियम में बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे. इस दौरान मौजूद युवाओं और स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला. तिरंगा यात्रा इंडोर स्टेडियम से निकलकर गणेश मंदिर तिराहा, बूढ़ापारा बिजली ऑफिस, नगर निगम भवन, महिला थाना चौक और फायर ब्रिगेड चौक होते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंची.
Uncategorized
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘जेन Z हमारे बच्चे’, गुमराह किए गए

धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद पर शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जेन जी को गुमराह करने की कोशिशें की गईं. लेकिन पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा. उन्होंने कहा कि खुद पीएम से अपने इस्तीफे की पेशकश की थी.
कॉकरोच पार्टी प्रोटेस्ट के बाद इस्तीफा देने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि जेन जी हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों के द्वारा वे लोग गुमराह हो रहे है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे को लेकर हुए भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के करीब दो हफ्ते बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. प्रधान ने शनिवार को भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर बात की.
आपको याद दिल दे कि NEET पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच उन्होंने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.
-
Uncategorized6 days ago
बड़ी खबर : तीन साल से एक ही जगह पर जमे अधिकारी-कर्मचारी बदले जाएंगे, GAD ने जारी किया आदेश
-
Uncategorized6 days ago
फार्मेसी काउंसिल की बैठक रही हंगामेदार: फार्मासिस्ट अभिषेक चंदा का निलंबन बहाल, पक्षपात के आरोपों के बीच रजिस्ट्रार पर बैठक छोड़कर जाने का आरोप
-
Uncategorized6 days ago
एचटीएटी परीक्षा चार अक्टूबर को: प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक बनने का मौका, जाने कब करे आवेदन
-
Uncategorized2 days ago
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘जेन Z हमारे बच्चे’, गुमराह किए गए
-
Uncategorized4 days ago
बिना सुविधाओं के रचा इतिहास : छोटे से गांव ने देश को दिए 17 अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी….
-
Uncategorized5 days ago
पीएम मोदी का नया वीडियो मैसेज, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर ‘स्वदेशी’ का संदेश दिया
-
Uncategorized1 hour ago
हरेली तिहार : माटी पूजन, कृषि औजारों की पूजा और गेड़ी की परंपरा का पर्व
-
Uncategorized1 day ago
राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…
