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थाना तोरवा के द्वारा नशे के खिलाफ बड़ी कार्यवाही

बिलासपुर। पुलिस उपमहानिरीक्षक महोदय तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर पारुल माथुर द्वारा थाना प्रभारियों को नशे का व्यापार करने वाले अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया था इसी निर्देश के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर राजेंद्र कुमार जयसवाल नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली स्नेहिल साहू के मार्गदर्शन में थाना तोरवा में पुलिस टीम का गठन कर मुखबीर सक्रिय किया गया मुखबिर की सूचना पर थाना तोरवा के अलग-अलग क्षेत्रों से नशीली दवा तथा अवैध शराब बेचने वाले व्यक्तियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया तथा इनके विरुद्ध अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई की गई कुल 5 प्रकरण में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई कर माननीय न्यायालय रिमांड पर भेजा गया
1)अपराध क्रमांक 375 22 धारा 21 एनडीपीएस एक्ट
नाम आरोपी -अखिलेश देवांगन पिता चंद्र कुमार देवांगन उम्र 30 साल पता लाल खदान मस्जिद के आगे वार्ड क्रमांक 9
मुकेश देवांगन पिता चंद्र कुमार देवांगन उम्र 40 साल पता लाल खदान मस्जिद के आगे वार्ड क्रमांक 09 थाना तोरवा जिला बिलासपुर जप्त मशरूका- नशीली दवाई नाइट्रोमेस टेबलेट 105 नग गोली एविल 5 नग नगदी रकम 1030 रुपए एक नीडल एक कैची
(2) अपराध क्रमांक 377/22 धारा 21 एनडीपीएस एक्ट
नाम आरोपी -दूजा भाई पति स्वर्गीय मनहरण उम्र 52 साल पता लाल खदान चौक से गली तोरवा ललित वर्मा पिता जीवन लाल वर्मा उम्र 22 साल पता लाल सलाम गायत्री मंदिर के पास तोरवा
जब्ती मशरूका- नशीली दवाई NITROMEC10 TABLE -110 नग 03 नग IUPRINE नगदी रकम 1060 रुपए 8 नीडील सुई एक छोटी कैची जुमला कीमती 1985 रुपएथाना तोरवा जिला बिलासपुर
(3)अपराध क्रमांक 378/ 22
धारा 34(2) आबकारी एक्ट
नाम आरोपी- विनोद कुमार भोई पिता मोतीलाल उम्र 40 साल पटेल मोहल्ला तोरवा
नंदू पटेल पिता गणेश पटेल उम्र 30 साल पता पटेल मोहल्ला तोरवा
जप्त मशरूका -25 नग देसी मसाला शराब एवं 25 नग देसी प्लेन शराब कूल 9 लीटर एवं जुपिटर स्कूटी जुमला कीमती 54,500 रुपए
(4)अपराध क्रमांक 379 /22
धारा 34 (2) आबकारी एक्ट
नाम आरोपी -भुनेश्वर साहू पिता लेख राम साहू उम्र 29 साल पता नवागांव थाना सीपत हाल मुकाम हेमू नगर थाना तोरवा जप्त मशरूका -50 देसी प्लेन शराब कुल 9 लीटर कीमती ₹4000 रुपएथाना तोरवा जिला बिलासपुर
(5)अपराध क्रमांक 380 /22 धारा 34(2) आबकारी एक्ट 25 आर्म्स एक्ट
नाम आरोपी -मुकुल यादव पिता राजेश यादव उम्र 20 साल पता पंप हाउस तोरवा बिलासपुर
फारुख मियां पिता फैजल मियां उम्र 23 साल कासिम पारा थाना तोरवा
जप्त मशरूका -50 पाव देसी प्लेन मदिरा एवं दोनों चाकू जुमला कीमती ₹4000
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।



















