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छत्तीसगढ़

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कुमार ने कोरबा-चांपा-बिलासपुर खंड का वार्षिक निरीक्षण किया

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     जोनल महाप्रबंधकों द्वारा अपने क्षेत्र में आने वाले सभी मंडलों में चल रहे विकास कार्यों, यात्री सुविधाओं का जायजा, उनकी प्रगति, कर्मचारियों के कल्याण ट्रैक, ब्रिज, फाटक आदि का निरीक्षण एवं अवलोकन हेतु वार्षिक निरीक्षण किये जाने की नियमित एवं आवश्यक व्यवस्था है। इसी संदर्भ में वार्षिक निरीक्षण के अन्तर्गत आलोक कुमार, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा आज 04 फरवरी 2022 को बिलासपुर मंडल के कोरबा-चांपा-बिलासपुर सेक्शन का निरीक्षण किए |
     
निरीक्षण कार्यक्रम के तहत महाप्रबंधक  आलोक कुमार सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, बिलासपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक  आलोक सहाय तथा निरीक्षण टीम के साथ सुबह कोरबा स्टेशन पहुंचे। कोरबा स्टेशन में रामपुर के विधायक श्री ननकी राम कंवर, सांसद प्रतिनिधि, विभिन्न संघों, संगठन एवं मीडिया के प्रतिनिधियों से यात्री सुविधा विकास, सुरक्षा, संरक्षा, निर्माण परियोजनाओं जैसे अनेक मुद्दों पर चर्चा की। इसके पश्चात कोरबा स्टेशन में महाप्रबंधक ने स्टेशन, फ्रेट परीक्षण प्वाइंट, क्रू-लाबी, रनिंग रूम, आरपीएफ़ बैरक एवं रेलवे कालोनी का निरीक्षण किए । साथ ही एआरएम कार्यालय तथा कालोनी में बाल उद्यान का निरीक्षण किये । ओल्ड इंस्टीट्यूट का निरीक्षण कर महाप्रबंधक तथा अधिकारियों द्वारा पौधा रोपण किया गया | 
    कोरबा स्टेशन से महाप्रबंधक पूरी टीम के साथ कोरबा-चांपा-बिलासपुर सेक्शन का निरीक्षण करते हुये सरगबूंदिया स्टेशन पहुंचे तथा वहां प्वाइंट, सेज, प्लेटफॉर्म, स्टेशन परिसर, रेलवे कालोनी तथा  बाल उद्यान का निरीक्षण किये ।
   रास्ते में उन्होंने सरगबूंदिया एवं मड़वारानी स्टेशनों के मध्य किमी 685/23-686/13 में स्थित कर्व का निरीक्षण कर कर्व के मापदण्डों एवं रिकार्ड का गहनता पूर्वक अध्ययन किये। इसके पश्चात मड़वारानी-कोथारी रोड़ के मध्य किमी 678/37-679/01 में स्थित रेलवे माइनर ब्रिज क्रमांक 15 का निरीक्षण किया गया । कोथारी रोड़-बालपुर स्टेशनों के मध्य किमी 676/21-23 में स्थित मानव सहित समपार संख्या सीजी-09 (सोहागपुर फाटक) का निरीक्षण किये। जिसमें हाइट गेज, रोड सरफेस, गेट बूम, हाइट स्पीड ब्रेकर इत्यादि की जांच की गई एवं ड्यूटी पर तैनात गेटमैन से संरक्षा संबंधित पूछताछ की तथा इंटरलाकिंग एवं अन्य पैरामीटर का अवलोकन किया। इस दौरान इस सेक्शन में कार्यरत डीटीएम-02 गैंग टीम का निरीक्षण किये तथा गैंग के सदस्यों के साथ वार्तालाप कर रेलपथ में कार्य के दौरान की जाने वाली सावधानियों, संरक्षा संबंधी ज्ञान, उपकरणों की उपलव्धता आदि से संबधित जानकारी ली। 
   इस दौरान महाप्रबंधक ने चाम्पा स्टेशन का सरप्राइस निरीक्षण कर वहाँ उपलब्ध यात्री सुविधाओं का जायजा लिए इसके पश्चात विभिन्न संघों व संगठन तथा मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता की। 
   इसके पश्चात वे जांजगीर-नैला स्टेशन पहुंचे तथा स्टेशन का निरीक्षण कर वहाँ उपलब्ध यात्री सुविधाओं का जायजा लिये साथ ही यार्ड तथा रेलवे कालोनी का निरीक्षण किए | जांजगीर-नैला स्टेशन में  स्थानीय विधायक श्री नारायण चंदेल, जनप्रतिनिधियों, अन्य संगठनों एवं मीडिया से मुलाक़ात कर यात्री सुविधा विकास तथा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान महाप्रबंधक को ज्ञापन भी सौंपा गया।
   निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक द्वारा कापन से कोटमीसोनार स्टेशन तक स्पीड ट्रायल किया गया तथा कोटमीसोनार-जयरामनगर स्टेशनों के मध्य किमी 700/27/29 में स्थित नीलागर नदी में बने रेलवे मेजर ब्रिज क्र. 12 का निरीक्षण कर गर्डर, ट्रैक सहित सभी पैरामीटर का अवलोकन किए | यहीं पर इंजीनियरिंग ट्रैक मशीन विभाग द्वारा स्माल ट्रैक मशीन से किये जाने वाले विभिन्न कार्यों को प्रदर्शित कर उन्हें दिखाया गया जिसका महाप्रबंधक ने अवलोकन किए एवं कर्मचारियों के कार्य संबंधी ज्ञान को परखा ।
  इसके पश्चात निरीक्षण तथा अधिकारियों से चर्चा करते हुये वे बिलासपुर पहुंचे तथा विभिन्न संगठनों से चर्चा की | इसके पश्चात वे बिलासपुर कोचिंग डिपो में नवनिर्मित ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट का निरीक्षण किये ।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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