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दिवाली-दशहरा पर रेलवे 102 फेरे फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा, टिकटों की बुकिंग शुरू; जानें पूरा शेड्यूल

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भारतीय रेलवे इस फेस्टिव सीजन में कुछ स्पेशल ट्रेने चलाने जा रहा है. दिवाली और दशहरा के दौरान ट्रेनों में होने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे 102 फेस्टिव स्पेशल ट्रेनें चलाएगी. इन ट्रेनों में IRCTC के एप और ऑफिशियल वेबसाइट (irctc.co.in), रेलवे के रिजर्वेशन सेंटर और RailOne एप के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं. इनमें सफर करने के लिए स्पेशल चार्जेस देना होगा.

त्‍योहारों के लिए भारतीय रेलवे ने अलग-अलग रूटों के लिए फेस्टिव स्‍पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है. इसी में से एक रूट पर 102 फेरे वाली ट्रेनें चलाने जा रहा है.

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दशहरा और दिवाली पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ा ऐलान किया है. इनमें मुंबई-चेन्नई, मुंबई-लातूर और कोल्हापुर-कलबुरगी रूट शामिल हैं. इन स्पेशल ट्रेनों के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू हो गई है. त्‍योहारों के लिए बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने ये फैसला लिया है. 102 फेरे लगाने वाली ट्रेनें  सोलापुर मंडल से गुजरने वाले अलग-अलग रूटों पर चलाई जाएंगी.

CSMT मुंबई-चेन्नई बीच वीकली स्पेशल ट्रेन के 6 फेरे चलाए जाएंगे. यह ट्रेन 14 अक्टूबर से 18 नवंबर तक हर बुधवार को मुंबई से रात 12:35 बजे रवाना होगी और उसी दिन रात 11:30 बजे चेन्‍नई पहुंच जाएगी. वापसी में चेन्नई-CSMT मुंबई स्पेशल 15 अक्टूबर से 19 नवंबर तक हर गुरुवार को सुबह 4 बजे चेन्नई से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 4 बजे मुंबई आ जाएगी.

भारतीय रेलवे CSMT मुंबई और लातूर के बीच भी हफ्ते में दो बार चलने वाली स्पेशल ट्रेन चलाएगा, जो दोनों दिशाओं में 13-13 फेरे लगाएगी.

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रेलवे कोल्हापुर और कलबुरगी के बीच भी 64 फेरे लगाएगी. यह स्पेशल ट्रेन शुक्रवार को छोड़कर रोज चलेगी. कोल्हापुर-कलबुरगी स्पेशल 10 अक्टूबर से 15 नवंबर तक हर दिन सुबह 6:10 बजे कोल्हापुर से रवाना होगी और शाम 4:10 बजे कलबुरगी पहुंचेगी। इस दिशा में कुल 32 फेरे होंगे.

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छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन के लिए रायपुर में ट्रायल शुरू, 6 टीमों के लिए 108 खिलाड़ियों का होगा चयन

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Chhattisgarh Hockey League 2026: प्रदेश में पहली बार आयोजित होने जा रही छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए खिलाड़ियों का सलेक्शन ट्रायल सोमवार से रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में शुरू हो गया। 28 और 29 सितंबर को होने वाले ट्रायल के लिए करीब 400 युवाओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 108 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा।

खिलाड़ियों के चयन और ट्रायल के समन्वय के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुने गए खिलाड़ियों से लीग की छह फ्रेंचाइजी टीमें तैयार की जाएंगी। इन टीमों के नाम राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स हैं।

21 अक्टूबर से शुरू होगी लीग
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। लीग को आईपीएल की तर्ज पर आयोजित करने की तैयारी है।

प्रतियोगिता में सभी छह टीमें लीग मुकाबले खेलेंगी। इसके बाद अंक तालिका में शीर्ष चार स्थान पर रहने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। दोनों सेमीफाइनल के विजेता फाइनल में खिताब के लिए आमने-सामने होंगे। मुकाबलों के लिए अंपायर और तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति हॉकी इंडिया की ओर से की जाएगी।

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9 दिन का विशेष ट्रेनिंग कैंप
चयनित खिलाड़ियों के लिए 9 दिन का विशेष प्रशिक्षण कैंप भी आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को लीग के मुकाबलों से पहले बेहतर तैयारी का मौका देना है। खास बात यह है कि स्थानीय खिलाड़ियों को अनुभवी नेशनल और इंटरनेशनल स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने और प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा।

आयोजकों के अनुसार, गुरजंत सिंह, शमशेर सिंह और सुरेंदर कुमार सहित भारतीय हॉकी से जुड़े अन्य खिलाड़ी भी लीग का हिस्सा होंगे। जसकरण सिंह और देविंदर वाल्मीकि के नाम भी घोषित किए गए हैं।

लोकल खिलाड़ियों के लिए कितना बड़ा मौका?
लीग में बड़े और अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के साथ सबसे अहम पहलू प्रदेश के स्थानीय खिलाड़ियों को मिलने वाला अवसर है। 108 स्थानीय खिलाड़ियों को चयन के बाद प्रोफेशनल माहौल में खेलने, हाई-इंटेंसिटी मुकाबलों का अनुभव लेने और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका मिलेगा।

खेल विशेषज्ञों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि लीग स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए कितना मंच दे पाती है। यदि प्रतियोगिता नियमित रूप से आयोजित होती है और इसके जरिए खिलाड़ियों को हॉकी इंडिया के राष्ट्रीय टूर्नामेंटों तथा उच्च स्तरीय चयन शिविरों तक पहुंचने का अवसर मिलता है, तो यह प्रदेश में हॉकी के लिए एक मजबूत टैलेंट पाइपलाइन तैयार करने में मदद कर सकती है।

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छह टीमों के स्पॉन्सरों को लेकर बैठकें जारी
लीग की छह फ्रेंचाइजी टीमों के स्पॉन्सरों को लेकर भी बैठकों का दौर जारी है। टीमों के प्रायोजन और आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जा रही है। वहीं, सलेक्शन ट्रायल पूरा होने के बाद खिलाड़ियों की टीमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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बारिश से फसल नुकसान उठाने वाले किसानों को सीएम साय ने दिया बड़ा दिलासा, कहा- सर्वे के बाद दिया जाएगा मुआवजा…

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छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश से बनी बाढ़ की स्थिति से कई जगहों पर हुए फसल नुकसान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को बड़ा दिलाया दिया है. उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का सर्वे होगा. हम स्वयं आकलन करने जा रहे हैं. आकलन के बाद मुआवजा दिया जाएगा.

सुकमा के लिए रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि बारिश की कारण कई जगह पर बाढ़ की स्थिति बनी है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों से मुलाकात करने जा रहे हैं. फसल, मकान का नुकसान हुआ है. पीड़ित लोगों से मुलाकात करेंगे. वहीं सिंगापुर दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति आने के बाद देश-विदेश में इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया जा रहा है. इस कड़ी में 4, 5 और 6 अक्टूबर को सिंगापुर प्रवास पर रहेंगे.

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अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर पीएम मोदी ने लिखा लेख, कहा- ‘आज अगर भव्य राम मंदिर है, तो यह…,’

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PM Modi Wrote an Article on 100th birth Anniversary of Ashok Singhal: पीएम नरेंद्र मोदी ने विश्व हिंदू परिषद यानी वीएचपी के प्रमुख रहे अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर लेख लिखकर उन्हें याद किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की अहम भूमिका को याद किए बिना उनके बारे में कोई भी बात अधूरी है। आज अगर अयोध्या में भव्य राम मंदिर है, तो यह उन्हीं जैसे दिग्गजों की वजह से है जिन्होंने इसे संभव बनाने के लिए निस्वार्थ भाव से खुद को समर्पित कर दिया। अयोध्या में राम मंदिर को आकार लेते देखकर उन्हें सबसे ज़्यादा खुशी होती।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा- एक सुंदर कहावत है, “वृक्ष कबहुँ नहिं फल भखै, नदी न संचै नीर। परमारथ के कारण, साधुन धरा शरीर।” इसका मतलब है कि पेड़ अपना फल खुद नहीं खाता, न ही नदी अपना पानी रोककर रखती है। दोनों ही दूसरों की भलाई के लिए हैं। हमारे संतों और ऋषियों ने हमें बहुत पहले ही सिखाया है कि अपने आस-पास के लोगों की भलाई के लिए समर्पित जीवन का मतलब सिर्फ़ एक उपलब्धि से कहीं ज़्यादा होता है। अगर कोई एक इंसान था जिसमें यह भावना हमेशा दिखती थी, तो वो थे श्री अशोक सिंघल जी।

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उन्होंने आगे लिखा- 27 सितंबर से, हम उनकी जन्म शताब्दी मना रहे हैं, ताकि एक ऐसी शानदार पर्सनैलिटी को याद कर सकें, जिन्होंने आध्यात्मिक खोज, सांस्कृतिक जागृति और दशकों के समर्पित ऑर्गेनाइज़ेशनल काम को एक साथ लाया।
मैं इसे अपनी खुशनसीबी मानता हूँ कि मुझे अशोक जी से बातचीत करने और उनका प्यार पाने के अनगिनत मौके मिले। सबसे शुरुआती उदाहरणों में से एक 1981 का है, जब मैं एक युवा कार्यकर्ता था और मुझे दिए गए ऑर्गेनाइज़ेशनल काम कर रहा था। मुझे उनका एक हाथ से लिखा हुआ पत्र मिला। ज़ाहिर है, यह मेरे लिए एक खास पल था। उन्होंने एक ज़रूरी आने वाले प्रोग्राम के बारे में बात की और कुछ काम दिए जो करने थे।

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पीएम मोदी ने लिखा- यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे स्वर्गीय अशोक जी के साथ लंबे समय तक कार्य करने, उनसे सीखने, उनसे संवाद करने और उनका स्नेह प्राप्त करने का अवसर मिला. मुझे 1981 का एक प्रसंग याद आता है। उस समय मैं एक युवा कार्यकर्ता के तौर पर संगठन की ओर से मिली जिम्मेदारियां निभा रहा था। तब मुझे अशोक जी का हाथ से लिखा एक पत्र मिला। उन्होंने पत्र में आने वाले एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी थी और मुझे कुछ जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उस समय अशोक सिंहल जी से पत्र पाना, मेरे लिए बहुत विशेष और यादगार क्षण बन गया था।

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