छत्तीसगढ़
पुलिस महानिरीक्षक रतन लाल डांगी के द्वारा ‘हमर बेटी-हमर मान’ कार्यक्रम के तहत नामांकित नोडल अधिकारियों की ली गई बैठक

बिलासपुर। दिनांक 07.10.2022 को रतन लाल डांगी, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर द्वारा ‘हमर बेटी-हमर मान’ कार्यक्रम के तहत महिला एवं बच्चां से संबंधित अपराधों के त्वरित निराकरण कराये जाने के लिये जिला स्तर पर बनाये गये नोडल अधिकारियों की पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में समीक्षा बैठक ली गई।
पुलिस महानिरीक्षक द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा महिलाओं, बालिकाओं/युवतियों के सर्वांगीण विकास एवं सुरक्षा के मद्देनजर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू किये गये ‘‘हमर बेटी-हमर मान’’ अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु महिलाओं व बालिकाओं से संबंधित अपराधों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समयावधि के भीतर निराकरण कराये जाने, महिला सुरक्षा हेतु लांच ‘अभिव्यक्ति एप’ के संबंध में भी सार्वजनिक स्थानों एवं स्कूल/कॉलेजों में जाकर महिलाओं और बालिकाओं को उसके इस्तेमाल के बारे में समझाईश दिये जाने, *‘अभिव्यक्ति एप’* के माध्यम से शिकायतों का तत्काल निराकरण किये जाने तथा महिला पुलिस अधिकारियों के माध्यम से स्कूल/कॉलेजों में महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी, अधिकार, गुड टच बैड टच, सायबर क्राइम एवं उनके विरूद्ध होने वाले अपराधों के बारे में जागरूक किये जाने निर्देशित किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक द्वारा रेंज अंतर्गत जिलों में महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित लंबित अपराध, गुम बालक/बालिकाओं के प्रकरणों, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना अंतर्गत प्रकरणों, जिलों में लंबित महिला व बच्चों संबंधी अपराध, गुम इंसान जांच (महिला, बालक/बालिका), एससी/एसटी एक्ट के प्रकरणों के निराकरण की ओर विशेष ध्यान दिये जाने तथा लंबित ऐसे सभी प्रकरणों की समीक्षा की जाकर समयबद्ध निराकरण करने निर्देशित किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया कि जिले में लंबित महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा 60 दिवस के भीतर आवश्यक रूप से किया जावे।
समीक्षा बैठक में अति.पु.अधी. सक्ती गायत्री सिंह, अति.पु.अधी. सारंगढ़-बिलाईगढ़ महेश्वर नाग, अति.पु.अधी.(आईयूसीएडब्ल्यू) बिलासपुर गरिमा द्विवेदी, पु.अनु.अधि. गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही श्री अशोक वाडेगांवकर, उ.पु.अधी. लोरमी श्रीमती माधुरी धिरही, उ.पु.अधी.(बा.वि.अ.अ.शा.) जांजगीर-चाम्पा चंद्रशेखर परमा, उ.पु.अधी. कोरबा प्रदीप येरेवार, उ.पु.अधी.(बा.वि.अ.अ.शा.) रायगढ़ राकेश भोई सहित रेंज कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपमाला कश्यप उपस्थित रहीं। news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















