छत्तीसगढ़
प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी स्तर के पुरस्कार समारोह का आयोजन

बिलासपुर। दिनांक 06 मई, 2022 को नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट ऑडिटोरियम में 67वें रेल सप्ताह समारोह के उपलक्ष्य में वित्तीय वर्ष 2021-22 में विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ठ कार्यों के लिए कार्मिक विभाग के कर्मचारियों को प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी स्तर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेन्द्र अग्रवाल, मुख्य कार्मिक अधिकारी (औ.सं) दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 30 रेल कर्मचारियों को व्यक्तिगत पुरस्कार से सम्मानित किया गया । इसमें मुख्यालय के 08 कर्मचारी, बिलासपुर मण्डल के 07 कर्मचारी, रायपुर मण्डल के 05 कर्मचारी, वैगन रिपेयर शॉप के 03 कर्मचारी एवं नागपुर मण्डल के 07 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया । कर्मचारियों को नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं रजत पदक से सम्मानित किया गया ।
राजेन्द्र अग्रवाल, मुख्य कार्मिक अधिकारी (औ.सं) ने सभी पुरस्कृत कर्मचारियों को संबोधित करते हुये कहा कि जब आप अच्छा करते हैं तो आपको स्वयं अनुभव हो जाता है कि कार्य बेहतर ढंग से निष्पादित हुआ है । दरअसल, उत्कृष्ठ कार्य पुरस्कार हेतु निष्पादित नहीं किए जाते हैं अपितु उत्कृष्ठता मूलभूत रूप से एक आदत होती है जो व्यक्ति के व्यक्तित्व में निहित हो सकती है । अपने कार्यों को उत्कृष्ठ ढंग से करने वाला व्यक्ति न केवल किसी कार्य विशेष को बल्कि प्रत्येक कार्य को उत्कृष्ठ तरीके से करता है और इस प्रकार अंततः वह उसकी जीवन शैली बन जाती है। दूसरी बात यह कि, उत्कृष्ठता निश्चित ही पुरस्कृत होती है । किसी भी स्तर की व्यवस्था में भले ही कुछ समय लग सकता है, किन्तु जिस प्रकार फूलों की महक तो फैलनी ही होती है ठीक उसी तरह उत्कृष्ठ कार्यों को सराहा ही जाता है, वह देर-सबेर पुरस्कृत होते ही हैं । अतः पुरस्कार प्राप्त नहीं होने का तात्पर्य यह कदापि नहं है कि आपका कार्य उत्कृष्ठ नहीं है । आधारभूत तथ्य तो यही है कि आप अपने द्वारा निष्पादित कार्य से कितने संतुष्ट हैं । यह आत्मावलोकन तो हमें निश्चित ही प्रतिदिन करना चाहिए कि कल की तुलना में आज नया क्या हुआ है, विशिष्ट क्या हुआ है । हाँ, जरूरी नहीं है कि, यह परिवर्तन प्रतिदिन दिखे, किन्तु यदि हम आत्मावलोकन करने की प्रक्रिया से गुजरने के अभ्यासी हो जाते हैं तो हमें दिखने लगता है कि यह सकारात्मक परिवर्तन हममें हो रहा है, कि यह रचनात्मकता हममें बढ़ रही है । उन्होंने कहा कि, आइये हम इस महान संगठन की उत्कृष्ठ परंपरा को और भी समृद्ध करेंगे व अपने कार्यों को उत्कृष्ठतम ढंग से निष्पादित करेंगे ।
इस कार्यक्रम में उदय कुमार भारती वरिष्ठ मण्डल कार्मिक अधिकारी रायपुर, प्रदीप मिश्रा वरिष्ठ मण्डल कार्मिक अधिकारी बिलासपुर, सग्राम सौरेन उप मुख्य कार्मिक अधिकारी/मुख्यालय, अशोक शर्मा उप.मुख्य कार्मिक अधिकारी, नीरज आनंद, उप मुख्य कार्मिक अधिकारी/राजपत्रित एवं सभी मण्डलों से आये हुये अधिकारियों ने भाग लिया । कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन डी.सी. मण्डल वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी (आर.पी.) ने किया ।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















