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छत्तीसगढ़

बिलासपुर : पति का पत्नी से तलाक होता है बेटी का पिता से नहीं, माता पिता के तलाक के बाद भी बेटी का पैतृक संपत्ति पर पूरा अधिकार

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बिलासपुर। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, सदस्य अर्चना उपाध्याय एवं डॉ. अनिता रावटे ने आज प्रथना सभा कक्ष, जल संसाधन परिसर बिलासपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जनसुनवाई की। छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक की अध्यक्षता में गुरुवार 175 वीं जन सुनवाई हुई। बिलासपुर की आज की जनसुनवाई में कुल 35 प्रकरण सुनवाई हेतु रखे गये थे।

सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में अनावेदक बिरकोनी हाई स्कूल जिला मुंगेली तहसील पथरिया में जीव विज्ञान विषय के व्याख्यता के पद पर पदस्थ है। जिनका वेतन 57000 हजार प्रतिमाह है। अनावेदक ने 2006 को आवेदिका की मां को घर से निकाल दिया था। उस समय आवेदिका की उम्र 02 साल थी और उसे सिंकलिन की बीमारी थी और उस समय आवेदिका की मां बेराजगार थी। वह अपने माता-पिता पर आश्रित थी। आवेदिका की पढ़ाई और स्वास्थ्य का सभी खर्च उसकी मां ने वहन किया आज आवेदिका की उम्र लगभग 20 वर्ष है। वर्तमान में बीबीए सेकेण्ड ईयर की स्टूडेन्ट है। उसे पढ़ाई लिखाई व इलाज के लिये आर्थिक कठिनाईयों सामना करना पड़ रहा है। इसलिए वह अपने पिता से सम्पति में अपना हक मांगने के लिए उपस्थित हुई है।

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अनावेदक ने बाताया कि 2012 में परिवार न्यायालय में अपनी पहली पत्नी से विधिवत तलाक लिया है व उसके बाद दूसरा विवाह कर लिया है व उसके बाद दूसरा विवाह से भी उनकी दो बेटियां है। अनावेदक की 2011 में सरकारी नौकरी लगी है। अनावेदक एमएसी बायोलॉजी है उसके द्वारा वंश चलाने के नाम पर बेटा पैदा नहीं के आरोप पर पहली पत्नी को घर से निकाला था। और अब तक उनके द्वारा अपनी बेटी आवेदिका का नाम शासकीय अभिलेखों में अंकित नहीं कराया गया है। इस संबंध में कुछ पूछने पर उसके द्वारा स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया है। बाद मे अनावेदक के पिता आवेदिका के दादा ने कहा कि समस्त कृषि भूमि की पर्ची में आवेदिका का नाम दर्ज करायेगें और अपने शासकीय अभिलेख में भी अपनी बेटी आवेदिका का नाम 01 माह के अन्दर दर्ज करायेंगे । अन्य 02 बेटियों का नाम भी दर्ज कराये चूकि तलाक पत्नी से होता है। बेटी से नहीं होता है। बेटी का पिता के जायजाद में बराबर का हक होता है। वर्तमान में अनावेदक बेटी की पढ़ाई लिखाई का पूरा खर्च वहन नहीं कर रहा है। अतः अपना प्रस्ताव लेकर अगली सुनवाई में उपस्थित होगें प्रकरण 12 जून को रायपुर के लिए नियत किया जाता है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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