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छत्तीसगढ़

बिलासपुर: बर्खास्त आरक्षक ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री, गृहमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के नाम सौपा ज्ञापन

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बिलासपुर: बर्खास्त आरक्षक राकेश यादव ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के साथ ही गृह विभाग के आला अधिकारी व डीजीपी के नाम ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने बताया कि है कि प्रदेश के जवान व परिवार बेहद दुखी हैं और नाराज भी हैं। वीर जवानों एवं परिवार जनों को राज्य सरकार की संवदेना भरे फैसले का इंतजार है। बर्खास्त आरक्षक राकेश यादव ने इस पत्र से राज्य सरकार को आगाह कर दिया है कि राज्य के पुलिस जवान व उनके परिवार के सदस्यों को आंदोलन के लिए बाध्य न किया जाए. वीर जवानों एवं परिवार जनों को राज्य सरकार की संवदेना भरे फैसले का इंतजार है।

2018 विधानसभा चुनाव के ठीक पहले बर्खास्त आरक्षक के नेतृत्व में पुलिस परिवार ने राज्य भर में आंदोलन छेड़ दिया था। पुलिस सेवा के इतिहास में राज्य में पहली बार पुलिस जवानों में विद्रोह का स्वर फूटा था। जिसे विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने समर्थन दिया था। इस आंदोलन में शामिल आरक्षकों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उन्हें बर्खास्त भी कर दिया गया था।

मांग पत्र में बताया गया है कि विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान कांग्रेस पार्टी ने अपनी घोषणा पत्र में पुलिस सुधार का वचन शामिल किया था जो आज तक लंबित है। कांग्रेस पार्टी की ओर से यह भी वचन दिया गया था कि जो-जो जवान आंदोलन के दरमियान बर्खास्त हुए हैं, उन्हें वेतन भत्तों के साथ बहाल किया जाएगा और जो भी दंडात्मक कार्रवाई की गई है, उसे निशर्त विलोपन किया जाएगा, जो कि आज तक लंबित है।

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बर्खास्त आरक्षक ने इस पत्र से राज्य सरकार को आगाह कर दिया है कि राज्य के पुलिस जवान व उनके परिवार के सदस्यों को आंदोलन के लिए बाध्य न किया जाए, सरकार उनकी मांगों को उसी तरह पूरा करे, जिस तरह उन्हें भरोसा दिलाया गया था। राकेश यादव ने कहा कि सरकार पुलिस परिवार के सदस्यों की धैर्य की परीक्षा न लें।

मांगों को उसी तरह पूरा करे, जिस तरह उन्हें भरोसा दिलाया गया था। राकेश यादव ने कहा कि सरकार पुलिस परिवार के सदस्यों की धैर्य की परीक्षा न लें।

20 सूत्रीय मांगों में शामिल बातें-

1. जवानों ( CAF – DE – Jail ) का ग्रेड पे 2800 होना चाहिए।

2. छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त जवानों को रिस्पांस भत्ता मिलना चाहिए ।

3. सभी जवानों को साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य रूप से मिलना चाहिए, न मिलने की स्थिति में उसका नकदीकरण होना चाहिए।

4. जेल विभाग को भी जोखिम भत्ते सहित साप्ताहिक अवकाश का लाभ मिले।

5. समस्त शासकीय सेवकों को लंबित एरियर सहित 31 % महंगाई भत्ता मिले तथा सातवां वेतनमान के अनुसार वेतन – भत्तों का भुगतान किया जाना चाहिए।

6. राज्य के जवानों से मजदूरी कराना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाए, जवानों को न्याय और सम्मान मिले ।

7. ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए एवं शहीद हुए जवानों के परिजनों को शहादत सम्मान राशि एक लाख रुपए मिलना चाहिए।

8. राज्य के समस्त कामकाजी महिलाओं को वेतन पारिश्रमिक के साथ 6 माह का प्रसूति अवकाश मिलना चाहिए।

9. CAF-DEF में कोई भी जवान बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त न हों । 5 वर्ष की सेवा के बाद हवलदार, 3 वर्ष की सेवा पर सहायक उप निरीक्षक के साथ ही प निरीक्षक, निरीक्षक को 3 वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति दी जाए। उन्हें पुलिस उप अधीक्षक पद पर वरिष्ठता के आधार पर बिना फिजिकल टेस्ट के विभागीय पदोन्नति का प्रावधान होना चाहिए। पुलिस विभाग एवं सशस्त्र बल के लिए उप निरीक्षक एवं पुलिस उप अधीक्षक पद सहित सभी सीधी भर्ती समाप्त कर देनी चाहिए। सिर्फ आरक्षक पद पर सीधी भर्ती होनी चाहिए।

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10. प्रदेश के सभी जवानों की किट पेटी बंद कर 10 हजार रुपए वार्षिक किट भत्ता प्रदाय किया जाना जाए।

11.सभी जवानों को शासकीय आवास आवंटित नहीं होने पर 6 हजार रुपए मासिक मकान भत्ता , 3-3 हजार रुपए मासिक पेट्रोल भत्ता, राशन भत्ता पौष्टिक आहार भत्ता एवं वर्तमान प्रचलित दर के अनुसार फिक्स टी ए खर्च के अनुसार यात्रा भत्ता दिया जाए।

12. पुलिस विभाग के तृतीय वर्ग कर्मचारियों को एसोसिएशन बनाने का अधिकार मिले।

13. पुलिस विभाग में तीन शिफ्ट में ड्यूटी की व्यवस्था हो। जब तक शिफ्ट ड्यूटी की व्यवस्था नहीं होती , तब तक कृपया ‘ OT ‘ की व्यवस्था हो।

14. पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल हो ।

15. सभी जिला मुख्यालय एवं बटालियन मुख्यालय में कर मुक्त ड्राई कैंटीन की व्यवस्था हो।

16. सुरक्षा हेतु बीपी जैकेट एवं हेलमेट की व्यवस्था होनी चाहिए।

17. पुलिस परिवार के सुझाव अनुसार पुलिस सर्विस पे कमीशन का गठन किया जाए।

18. राज्य के जवानों के सुझाव अनुसार छत्तीसगढ़ पुलिस रेगुलेशन एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल अधिनियम पारित हो।

19. राज्य के जवानों से वार्षिक चंदा कटौती न हो।

20. जवानों एवं परिजनों हेतु निशुल्क हेल्थ कार्ड एवं एजुकेशन कार्ड की व्यवस्था हो।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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