छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री की आत्मीय मेजबानी से अभिभूत हुए बस्तर संभाग के मेहमान

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में प्रदेश की विधानसभाओं में पहुंचकर वहां लोगों से प्रत्यक्ष मुलाकात की थी और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी थी। इस दौरान उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के ही ग्रामीण परिवारों के साथ उनका पारंपरिक भोजन किया था। ग्रामीण परिवारों ने भी अपने घर में मुख्यमंत्री का पारंपारिक तरीके से स्वागत किया और भोजन के दौरान मुख्यमंत्री से घर परिवार की बात की थी। आज मुख्यमंत्री ने मेजबान बनके बस्तर संभाग के इन्ही ग्रामीण परिवारों को अपने घर दोपहर भोज पर आमंत्रित किया और शानदार मेहमान नवाजी की।
इस अवसर पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन, विधायक मोहन मरकाम, विधायक चंदन कश्यप, विधायक राजमन बेंजाम, विधायक विक्रम मंडावी, विधायक अनूप नाग सहित बस्तर संभाग के अनेक जनप्रतिनिधि, सरपंचगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री की आत्मीय मेजबानी से अभिभूत हुए बस्तर संभाग के मेहमान मुख्यमंत्री की आत्मीय मेजबानी से अभिभूत हुए बस्तर संभाग के मेहमान मुख्यमंत्री ने अपने निवास में बस्तर से आये मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में जब हम लोग बस्तर गए थे, तब बहुत से साथियों के घर मैने भोजन किया था। आप लोगों ने बड़े अपनत्व और स्नेह के साथ स्वादिष्ट भोजन कराया था। आज आप लोग मुख्यमंत्री निवास में आये है, आप सभी का अभिनंदन है।
आज मुझे भी आप लोगों को अपने निवास पर आमंत्रित कर स्वागत का अवसर मिला। आपके साथ परिवार के लोग और बच्चे भी आए है, आप सभी का स्वागत है। भेंट-मुलाकात कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने स्वयं भोजन की टेबल पर जाकर ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका कुशल क्षेम पूछा, घर परिवार की बात की। मुख्यमंत्री निवास में मेहमानों को अनेक स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ लाई बड़ी, रमकेलिया कढ़ी, लौकी की खीर, मावा बाटी भी परोसी गयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों ने भेंट-मुलाकात के दौरान नयी नयी सब्जी-भाजी बनाया और बहुत प्यार से आपने मुझे खिलाया। पखांजूर में आश्रम में ही भोजन की व्यवस्था थी। आज यहाँ भानूप्रतापपुर, सुकमा, कोंडागांव सहित बस्तर संभाग की सभी विधान सभा के हमारे साथी यहां आए हैं सबका स्वागत है। सबके घर में मैंने नमक खाया है तो मैंने सोचा कि मुख्यमंत्री निवास में सभी लोगों को बुलाकर भोजन कराऊँ। सरगुजा और रायपुर संभाग के लोगों को भी मैंने बुलाया था हर संभाग के लोगों को बुलाकर विधायक, जनप्रतिनिधियों, सरपंच और जिनके परिवार में मैंने भोजन किया है उन सभी को यहां आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भेंट मुलाकात का कार्यक्रम हमने पिछले वर्ष 4 मई से शुरू किया था इसे 1 वर्ष हो गया और आज 17 जून है।
बहुत बढ़िया भेंट मुलाकात कार्यक्रम हुआ और बहुत सारे लोग लोगों से बात भी हुई। योजनाओं की मैदानी स्थिति के बारे में भी जानकारी हुई, विकास कार्यों की मांग भी हुई, उनकी भी मैंने घोषणा की और उसके बाद फिर समाज के लोगों से मुलाकात हुई। आज मुख्यमंत्री निवास में सभी पूरे परिवार के साथ, अपने माता-पिता और बच्चों के साथ आए हुए हैं। उन्होंने आतिथ्य स्वीकार करने के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने भोजन कर रहे केशकाल विधानसभा के ग्राम धनोरा से आए सुरेंद्र मंडावी से बात करते हुए कहा कि आपके यहां हम सभी ने आंगन में बैठकर भोजन किया था।
मुख्यमंत्री बघेल द्वारा पूछे जाने पर कि आप यहां पहली बार आए हैं, कैसा लग रहा है। मण्डावी ने प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने बताया कि वे आज यहाँ अपनी पत्नी, भाभी और बच्चों के साथ आये हैं। कांति मण्डावी मुख्यमंत्री के लिए घर से बनेे मूॅग-बड़े लाई थीं। मुख्यमंत्री बघेल ने बड़ी आत्मीयता से मूंग-बड़ों का स्वाद चखा और उनकी इस स्नेह भरी भेंट के लिये उन्हें धन्यवाद दिया।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

















