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छत्तीसगढ़

रायपुर के धर्म संसद में हुए विवाद की गूंज दिल्ली तक

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रायपुर. रायपुर के धर्म संसद में हुए विवाद की गूंज दिल्ली तक पहुँच चुकी है. इस मसले पर राहुल गांधी ने सीएम भूपेश बघेल के ट्वीट पर री-ट्वीट किया है. सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट किया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने वाले हिंदुत्ववादी कालीचरण के विरुद्ध थाना टिकरापारा, रायपुर में अपराध क्रमांक 578/2021 धारा 505(2), 294 IPC के तहत अपराध दर्ज़ किया गया है. इस ट्वीट पर राहुल गांधी ने महात्मा गांधी के एक कोट्स के जरिये अपनी बात रखने री-ट्वीट किया है. राहुल गांधी ने लिखा कि “आप मुझे बेड़ियों से जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, आप इस शरीर को ख़त्म भी कर सकते हैं, लेकिन आप मेरे विचारों को क़ैद नहीं कर सकते.” – महात्मा गांधी

हालांकि ट्विटर पर एक्टिव ट्रोलर्स ने यहाँ भी राहुल गांधी को नहीं छोड़ा. इस री-ट्वीट पर भी ट्रोलर्स राहुल गांधी पर हावी हो गए.

ऐसी-ऐसी प्रतिक्रिया आई…

नहीं आपके विचार कोई कैद नहीं कर सकता, अगर कैद कर दिया तो देश का मनोरंजन कैसे होगा

राहुल जी ना आपको बेड़ियों में जकड़ा जाएगा, ना आपको मारा जाएगा ना आपके महान विचारों को ख़त्म किया जाएगा। आख़िर आप हमारे स्टार प्रचारक जो हैं।

हाँ आप ट्वीट ही करिये बस। उसी से बदलेगा सब।

दोस्तो ऊपर की 3 लाइने पड़ कर हैरान परेशान हो गया मैं…Thinking faceThinking face

….कि #पप्पू इतना ज्ञानी कैसे हो गया। सीधा गीता ज्ञान Face with rolling eyesThinking face

नीचे जब महात्मा गांधी का नाम देखा तो समझ आया कि अपने सरनेम की तरह ज्ञान भी किराए का है

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने वाले हिंदुत्ववादी कालीचरण के विरुद्ध थाना टिकरापारा, रायपुर में अपराध क्रमांक 578/2021 धारा 505(2), 294 IPC के तहत अपराध दर्ज़ किया गया है। pic.twitter.com/9xx4zyaUc9

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— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) December 27, 2021

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर रायपुर के धर्म संसद में उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. धर्म संसद में विवादित बयान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का बड़ा बयान सामने आया है. डॉ रमन सिंह ने कहा कि आयोजन से लेकर धर्म संसद बुलाने वाले कांग्रेसी थे. फिर बीजेपी पर सवाल क्यों. आयोजन करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई. यह प्रायोजित कार्यक्रम विशुद्ध रूप से कांग्रेस का था. इस तरह की विवादित स्थिति निर्मित होने पर बीजेपी पर सवाल उठाना सही नहीं है. 

धर्म संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर जुबानी जंग अब सियासी गलियारे तक पहुँच चुका है. बापू पर हो रहे बवाल में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक भी कूद पड़े हैं. नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का बड़ा बयान सामने आया है. कालीचरण महाराज के बयान और एफआईआर पर धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिस प्रकार से धर्म संसद बुलाये गए. बुलाने के बाद में किसी का नियंत्रण नहीं था. वैसे भी साधु-संत आते हैं. अपनी मन की बात रखते हैं. आयोजन समिति को विषयवस्तु का निर्धारण करना चाहिए था. हम लोग तो महात्मा गांधी जी के अनुयायी हैं. महात्मा गांधी राष्ट्रपिता हैं. हम सब उन्हें मानते आ रहे हैं और मानते रहेंगे. धरमलाल कौशिक ने आगे कहा कि जिनको जो बोलना है बोलकर चले गए हैं. FIR से शब्द वापस नहीं होंगे. निंदा करने से भी शब्द वापस नहीं होंगे.

इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अभी तक बीजेपी के नेताओं की ओर से कोई बयान क्यों नहीं आया? इस पर बीजेपी क्यों मौन है? सीएम भूपेश बघेल ने कालीचरण महाराज पर निशाना साधते हुए कहा कि यह धरती शांति का है, प्रेम का है, भाईचारे का है, गुरु घासीदास की धरती है. जहां उत्तेजक बातें, अहिंसात्मक बातें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राष्ट्रपिता के बारे में इस तरह की बातें कहना निश्चित रूप से यह दर्शाता है कि उनकी मानसिक स्थिति क्या है. इसकी जितनी निंदा की जाए कम है. प्रशासन की ओर से जितने कड़े से कड़ा कदम हो सकता है उठाया जाएगा. विधि सम्मत कार्रवाई होगी. समाज में जहर घोलने की कोशिश करेंगे तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. एफआईआर दर्ज हो गई है. 

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बता दें कि छत्तीसगढ़ के धर्म संसद में कालीचरण महाराज के विवादित बयान के बाद कांग्रेस पार्टी ने रायपुर के सिविल लाइन थाने में उनके खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है. कालीचरण महाराज के खिलाफ टिकरापारा थाने में भी अपराध दर्ज किया गया है. राजधानी रायपुर के रावणभाठा में दो दिवसीय धर्म संसद का आयोजन किया गया था. इसके आखिरी दिन महाराष्ट्र से आए कालीचरण ने खुले मंच से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपशब्द कहे और महात्मा गांधी को गोली मारने वाले को प्रणाम किया. इसके अलावा कालीचरण ने 1947 के विभाजन का भी अपने संबोधन में जिक्र किया और भीड़ को चेतावनी दी कि देश में राजनीति के द्वारा एक धर्म विशेष का कब्जा हो जाएगा. वो इसके लिए तैयार है और आप तैयार नहीं हैं. कालीचरण महाराज ने धर्म संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि इस्लाम का लक्ष्य राजनीति के माध्यम से राष्ट्र पर कब्जा करना है. हमारी आंखों के सामने उन्होंने 1947 में कब्जा कर लिया था. उन्होंने पहले ईरान, इराक और अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था. उन्होंने राजनीति के माध्यम से बांग्लादेश और पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया था. मैं नाथूराम गोडसे को सलाम करता हूं कि उन्होंने गांधी की हत्या कर दी. इसके बाद लोगों ने तालियां भी बजाई.

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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