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छत्तीसगढ़

विवेचना की गुणवत्ता के स्तर में सुधार के लिए दिये गये निर्देश

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बिलासपुर। रेंज स्तरीय पुलिस अधीक्षकों की बैठक दिनांक 10-02-2023 को रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में बद्री नारायण मीणा पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा आहूत की गई । बैठक के दौरान रेंज के गंभीर आपराधिक प्रकरणों, समंस-वारंट तामिली, चिन्हित अपराधों की प्रगति, महिला-बच्चों से संबंधित अपराध, यातायात प्रबंधन, पासपोर्ट सत्यापन, अनियमित वित्तीय कंपनियों, दोषमुक्ति प्रकरणों के साथ-साथ पुलिस कल्याण के मुद्दों पर चर्चा की गई ।
    बैठक में मीणा द्वारा जिलों में अपराधों के नियंत्रण हेतु प्रोएक्टिव पुलिसिंग एवं विजिबल पुलिसिंग हेतु निर्देश दिये गये। समंस-वारंट की शत्प्रतिशत तामीली के संबंध में निर्देश देते हुए कहा गया कि विभागीय पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को भी समन किये जाने पर उन्हें आवश्यक रूप से साक्ष्य हेतु उपस्थित कराया जावे। स्थायी वारंट की तामीली हेतु अभियान चलाने निर्देश दिये गये । चिन्हित अपराध योजना के अंतर्गत चिन्हांकित किये गये अपराधों का पर्यवेक्षण घटना दिनांक से ही वरिष्ठ अधिकारी स्तर पर किये जाने तथा इस हेतु केस आफिसर नियुक्त करने के लिए भी कहा गया। महिलाओं-बच्चों पर घटित होने वाले अपराधों की समीक्षा की गई तथा लंबित अपराधों के शीघ्र निकाल हेतु निर्देशित किया गया। 
     सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर दुर्घटना में कमी लाने हेतु कार्यवाही करने, विशेषतौर पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल लगने व छूटने के समय भारी वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण एवं स्कूल वाहनों के चालकों व वाहनों की नियमित जॉच के निर्देश दिये गये। अनियमित कंपनियों के फरार डायरेक्टरों की गिरफ्तारी, कंपनियों की संपत्ति के चिन्हांकन एवं कुर्की कार्यवाही तथा कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों के शीघ्र निराकरण के भी निर्देश दिये गये । 
     मीणा द्वारा बैठक के दौरान दोषमुक्ति प्रकरणों पर भी चर्चा कर पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने के पूर्व इसकी समीक्षा संबंधित थाने के पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारी के माध्यम से आवश्यक रूप से कराया जावे ताकि न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष की कमी लाभ आरोपी पक्ष को न मिले व विवेचना के स्तर में सुधार लाया जा सके। जिला पुलिस कार्यालय के शिकायत शाखा को मजबूत बनाने व शिकायत जॉच की गुणवत्ता बढ़ाने निर्देश दिये गये। 
     पुलिस एवं जनता के आपसी समन्वय एवं संवाद, अपराधों के प्रति जागरूकता लाने के सभी जिलों में जिला एवं अनुविभाग स्तर पर सामुदायिक पुलिसिंग के कार्यक्रम का आयोजन करने निर्देश दिये गये। श्री मीणा द्वारा पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण की भी चर्चा मीटिंग के दौरान की गई, जिसमें साप्ताहिक परेड, पुलिस लाईन व पुलिस क्वार्टर की साफ-सफाई, पानी-बिजली व अन्य कठिनाईयों पर चर्चा करते हुए उनके निदान के लिए निर्देशित किया गया। पुलिस कर्मियों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ्य बनाये रखने व टीम भावना से कार्य करने के उद्देश्य से जिलों में रेंज स्तरीय खेलों का आयोजन किये जाने निर्देशित किया गया। 
     बैठक के समापन के दौरान रेंज के जिलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिसमें जिला बिलासपुर से सउनि अवधेश सिंह, आरक्षक 1148 सरफराज खान, जिला रायगढ़ से आरक्षक 655 प्रमोद सागर, प्र.आर. 628 राजेश पटेल, जिला कोरबा से निरीक्षक अश्वनी राठौर व आरक्षक 551 ओम प्रकाश, जिला जांजगीर-चांपा से उनि गोपाल सतपथी, आरक्षक 45 जितेन्द्र कुर्रे, जिला मुंगेली से राजाराम साहू, प्र.आर. 355 राजेश बंजारे, जिला गौ.पे.म. से सउनि नवीन मिश्रा एवं सउनि मनोज हनौतिया, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ से निरीक्षक रूपेन्द्र नारायण साय, जिला सक्ती से निरीक्षक सतरूपा तारम, आरक्षक 814 खगेश्वर राठौर तथा रेंज पु.म.नि. कार्यालय से उनि(अ) संजय रावत, रवि निर्मलकर व आरक्षक श्रीश तिवारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 
    उपरोक्त बैठक में सदानंद कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायगढ़,  एम.आर.अहीरे, पुलिस अधीक्षक, सक्ती,  संतोष कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर, राजेश कुकरेजा, पुलिस अधीक्षक सारंगढ-बिलाईगढ़, विजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक, जांजगीर-चांपा, चन्द्र मोहन सिंह, पुलिस अधीक्षक, मुंगेली, यू.उदय किरण, पुलिस अधीक्षक, कोरबा, दीपमाला कश्यप, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेंज पु.म.नि. कार्यालय बिलासपुर सहित रेंज कार्यालय के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे ।
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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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