Connect with us

छत्तीसगढ़

सीएम भूपेश आज राजनांदगांव के छुईखदान-गण्डई दौरे पर रहेंगे

Published

on

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 3 जनवरी को राजनांदगांव जिले के गण्डई में राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले जयंती एवं सम्मान समारोह मां भगवती शाकम्भरी पूजा-अर्चना कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल इस अवसर पर छुईखदान एवं गण्डई क्षेत्र को 58 करोड़ 89 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री नगर पंचायत छुईखदान एवं गण्डई में जनसामान्य को शासन द्वारा लोगों को सस्ती दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर का भी विधिवत शुभारंभ करेंगे।

खाद्य मंत्री एवं राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत, विधायक लांजी-किरनापुर हिना कांवरे, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष नवाज खान, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल सहित टिकेश्वरी पटेल, सुखदेव पटेल, विजय पाटिल, देवचरण पटेल, राजेन्द्र नायक, आत्माराम पटेल, पतिराम पटेल, बरतराम पटेल, गजेन्द्र ठाकुर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि होंगे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नगर पंचायत गण्डई के वार्ड क्रमांक-7 में 25 लाख 3 हजार रुपए की लागत से पौनी-पसारी योजना के तहत निर्मित अधोसंरचना तथा छुईखदान ब्लाॅक के ग्राम खैरबना में 75.23 लाख रुपए की लागत से निर्मित शासकीय हाई स्कूल भवन का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री बघेल सुगम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित पहुंच मार्गों का भी लोकार्पण करेंगे, जिसमें 19.99 लाख रुपए की लागत से गण्डई कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन पहुंच मार्ग, 19.99 लाख रुपए की लागत से हाई स्कूल भवन घिरघोली एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन जंगलपुर के लिए निर्मित पहुंच मार्ग, 10 लाख रुपए की लागत से हाई स्कूल भवन कुम्हरवाड़ा पहुंच मार्ग, 15.49 लाख रुपए की लागत से निर्मित हाई स्कूल भवन घोघा पहुंच मार्ग, 19.84 लाख रुपए की लागत से निर्मित माध्यमिक शाला भवन छुईखदान पहुंचमार्ग, 11.36 लाख रुपए की लागत से बने गण्डई थाना भवन पहुंच मार्ग, 19.94 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक केन्द्र गण्डई में पहुंच मार्ग तथा 19.55 लाख रुपए की लागत से खैरबना हाई स्कूल भवन एवं साल्हेकसा में पशु औषधालय तक निर्मित पहुंच मार्ग शामिल हैं।

यह भी पढ़ें   अमरकंटक एक्सप्रेस से महिला यात्री का डायमंड लाकेट, मोबाइल और नगदी पार

मुख्यमंत्री इस मौके पर गण्डई एवं छुईखदान क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार हेतु 5 करोड़ रुपए की लागत वाले कार्यों का भूमिपूजन करेंगे, जिसमें 2.50 करोड़ की लागत से 30 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण, छुईखदान ग्राम लक्ष्मणपुर, 74.56 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुईखदान एवं गण्डई में 10-10 बिस्तर वाले आईसोलेशन वार्ड का निर्माण, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पैलीमेटा में 28 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले 2 नग एच टाईप स्टाफ क्वाटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र घिरघोली में 90 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 2-2 नग एच एवं जी टाईप क्वाटर तथा ग्राम धोधा एवं कोपरो में 55.46 लाख रुपए की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण शामिल है।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ: 3 डिग्री तक गिरेगा पारा.. कई हिस्सों में शीतलहर के आसार

मुख्यमंत्री बघेल राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत खैरागढ़ ब्लाॅक के ग्राम कुकुरमुड़ा में एक करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले हाईटेक उद्यान नर्सरी की भी आधारशिला रखेंगे। जल जीवन मिशन के तहत 50 करोड़ 41 लाख रुपए की लागत वाली नल जल प्रदाय योजनाओं का भी भूमिपूजन होगा, जिसमें ग्राम पाटा, गोलरडीह, मगरकुण्ड, बेलगांव, जीराटोला, साल्हेवारा, राजाबर, लालपुर, खादी, कोसमर्रा, डुमरिया, सिंगापुर, जामगांव, सरईपतेरा, देवपुराघाट, बंजारपुर, समनापुर, तेंदूभांठा, गातापार, सरोधी, बुढ़ासागर, सेतवा, इरीमकसा, दनिया, चिलगुडा, बिरखा, भुरभुसी, पेंडरवानी, चकनार, ढाबा, लिमो, संडी, मानिकचैरी, गर्रा, कृतबांस, बागुर, पथर्रा, खौडा, कालेगोंदी, सर्राकापा, खोंघा, बेलगांव, चारभांठा, मरदकठेरा, पंडरिया, ओटेबंध, धारिया, झूरानदी, खुडमुडी, पदमावतीपुर, मैन्हर, बोरई, साल्हेकला, महराटोला, बाबूनवागांव, ढोंडिया, बघमर्रा, भोरमपुर, आमाघाटकादा, हाटबंजा, सीताडबरी, विचारपुर, कोटरा, श्यामपुर, खैरी और उरतुली ग्राम शामिल है।

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

Published

on

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

यह भी पढ़ें   CGPSC Recruitment 2021: लोक सेवा आयोग में निकली 600 से अधिक पदों पर भर्ती, जानिए पूरी डिटेल

इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

यह भी पढ़ें   Bhanupratapur By Election: भाजपा प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम ने दाखिल किया नामांकन

परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

Continue Reading

छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

Published

on

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें   सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को बड़ा झटका, इस मामले में कोर्ट ने अवैध करार दिया

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

Continue Reading

कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Published

on

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

यह भी पढ़ें   मौसम ने ली करवट, विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें   सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को बड़ा झटका, इस मामले में कोर्ट ने अवैध करार दिया

बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending