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छत्तीसगढ़

पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के 12 शोधार्थी पीएचडी, 23 मेधावी स्वर्ण पदक से हुए सम्मानित

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बिलासपुर। पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय का पंचम अभासी दीक्षा समारोह बुधवार को उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न् हुआ। समारोह में कुलपति डा.बंश गोपाल सिंह ने 12 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि तथा 23 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया। अभासी समारोह में बेटियों का दबदबा रहा। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल व कुलाधिपति अनुसुइया उइके ने किया।Ads by Jagran.TV

मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौजूद रहे। दीक्षा भाषण इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने दिया। समारोह में राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं वाणिज्यिक कर मंत्री व बिलासपुर के प्रभारी मंत्री जय सिंह अग्रवाल व उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने भी शिरकत किया।

अतिथियों में छग विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, महापौर रामशरण यादव, सांसद अरूण साव, संसदीय सचिव डा.रश्मि आशीष सिंह,पारस नाथ राजवाड़े, विधायक शैलेष पांडेय, रजनीश सिंह भी मौजूद थे। सिरपुर प्रशासनिक भवन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा के बाद कुलगीत और राष्ट्रगान हुआ। राज्य गीत के बाद दीप प्रज्जवलन और माल्यार्पण की परंपरा पूरी की गई। कुल 1.48 मिनट में दीक्षा का समापन हुआ|

पांच होनहारों को तीन-तीन पदक

प्रावीण्य सूची में स्थान अर्जित करते वाले पांच होनहारों को तीन-तीन पदक से सम्मानित किया गया। इनमें एमए राजनीति शास्त्र के विद्यार्थी कंदाला श्रीनिवास, चंद्रशेखर श्रीनिवास, डोलेश्वरी, एमए संस्कृत की छात्रा कविता, एमएससी गणित से चपू राम नागवंशी शामिल थे। 42 स्वर्ण-पदक 22 दानदाताओं के द्वारा तथा 20 विश्वविद्यालय द्वारा शामिल था। समारोह में विभिन्न् परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने वाले जनवरी से दिसंबर 2019 तक 2,105 व सत्र जुलाई-जून 2019-20 के 10,730 विद्यार्थियों को उनकी अनुपस्थिति में उपाधि प्रदान करने की घोषणा की गई। कुल 12,835 उपाधि दिए गए।

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दूरस्थ माध्यम से शिक्षा,युवाओं के लिए वरदान: राज्यपाल उइके

राज्यपाल और कुलाधिपति सुश्री अनुसुईया उइके ने दीक्षा समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दूरस्थ माध्यम से शिक्षा युवाओं के लिए वरदान है। कोरोना महामारी के बीच उपजे संकट के इस घड़ी में मुक्त विश्वविद्यालय ने समाज को एक नई दिशा प्रदान किया है। शिक्षण संस्थाएं बंद होने के बाद विद्यार्थी और प्राध्यापक पर कितना असर पड़ा है यह अनुसंधान का विषय है। आनलाइन शिक्षा की एक सीमा है। भविष्य के लिए हमें नए विकल्प तलाश करने होंगे। नैक से ग्रेिंडंग एक संस्थाओं की प्रमुख जरूरत है।

समय पर प्रवेश व परीक्षा यह बड़ी उपलब्धि: डा.सिंह

कुलपति डा.बंश गोपाल सिंह ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में समय पर प्रवेश व परीक्षा के बाद परिणाम घोषित कर पाए हैं यही हमारी बड़ी उपलब्धि है। इस वर्ष 35 हजार विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं। कैलेंडर का पालन करने के साथ युवाओं के बेहतर भविष्य निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें सफलता भी मिली है।

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उच्च शिक्षण संस्थाओं में रिक्त पद भरे जा रहे: उमेश

विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालय युवाओं को आगे बढ़ाने में सतत प्रयत्नशील है। संस्थानों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने अधोसंरचना पर पूरा बल दिया जा रहा है। जिसका परिणाम है कि पीएससी के माध्यम से सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की जा रही है। विद्या से ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है।

बिजली गिरने से समारोह में खलल

दीक्षा समारोह के आखिरी 10 मिनट में समस्या हुई। राज्यपाल उइके ने जैसे ही अपना संबोधन समाप्त किया। अचानक विश्वविद्यालय से संपर्क टूट गया। इस बीच मंत्री उमेश पटेल ने कुलपति डा.सिंह से फोन पर जानकारी ली। पता चला कि विश्वविद्यालय के आसपास बिजली गिरने से संपर्क टूट गया। तभी राज्यपाल ने समारोह समाप्ति की अनुमति दे दी। पंरपरा के अनुसार अंत में कुलसचिव डा.इंदु अनंत को समाप्ति की घोषणा के साथ राष्ट्रगान होना था। यह नहीं हो सका।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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