Connect with us

छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत लोन के लिए मिले 2668 आवेदन, 47 प्रतिशत प्रकरण स्वीकृत

Published

on

धमतरी| वैश्विक महामारी कोविड-19 के आपातकालीन दौर में आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके स्ट्रीट वेंडर्स की सहायता के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना लागू की गई है। उक्त योजना के तहत जिले में स्ट्रीट वेंडर्स स्टार्ट-अप के लिए दो हजार 668 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से एक हजार 255 आवेदकों को लोन स्वीकृत किया गया है जो कि कुल प्राप्त आवेदन का 47.03 प्रतिशत है।

लीड बैंक मैनेजर प्रबीर कुमार रॉय ने बताया कि योजना के तहत कोविड-19 के प्रतिकूल दौर में आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो चुके स्ट्रीट वेंडर्स को अपना कारोबार शुरू करने के लिए उक्त योजनांतर्गत बैंक द्वारा ऋण प्रदाय किया जाता है। इसके तहत ठेले, गुमटी, फुटपाथ पर अथवा घूम-घूमकर व्यवसाय करने वालों को 10 हजार रूपए तक का लोन दिया जाता है। उन्होंने बताया कि यदि ऋण पर ली गई रकम का भुगतान वंेडर्स एक साल के भीतर कर देता है, तो उसे 20 हजार तक के अग्रिम लोन की पात्रता मिल जाती है। साथ ही यह भी बताया कि लोन के सात प्रतिशत तक की ब्याज दर लोनधारक को करना पड़ता है, जबकि उसके बाद की अंतर राशि का भुगतान केन्द्र शासन द्वारा किया जाता है।

यह भी पढ़ें   सूरजपुर: 27 सहायक पशु चिकित्सक क्षेत्र अधिकारी पदों पर निकली संविदा भर्ती

लीड बैंक मैनेजर ने बताया कि उक्त योजना का लाभ उन लोगों को नहीं मिल पाया जिन्होंने या तो पूर्व में लोन लेकर उसका भुगतान नहीं किया, या फिर बाद में लोन लेने में रूचि नहीं दिखाई। इस वजह से जिले के सिर्फ 47 प्रतिशत आवेदकों को ही इसके तहत लाभ मिल पाया। श्री रॉय ने यह भी बताया कि शेष बचे हुए आवेदनों को स्वीकृत करने के लिए नगरीय निकाय के लाभार्थियों से संबंधित बैंकर्स के द्वारा लगातार सम्पर्क किया जा रहा है और नियमानुसार ऋण प्रकरणों को स्वीकृत करने बैंक प्रयास कर रहे हैं, जिसका फॉलोअप लीड बैंक द्वारा प्रतिदिन लिया जाता है।

यह भी पढ़ें   अबूझमाड़ में भीषण मुठभेड़: जवानों ने 7 नक्सलियों को किया ढेर, फायरिंग जारी

लीड बैंक मैनेजर ने जानकारी देते हुए बताया कि लोगों में उक्त योजना को लेकर जागरूकता लाने के लिए बड़ौदा आरसेटी के माध्यम से विभिन्न शाखाओं के शाखा प्रबंधक द्वारा ‘मैं डिजिटल हूं‘ का पांच दिवसीय प्रशिक्षण नगर निगम सभाकक्ष में निःशुल्क मुहैया कराया गया ताकि योजना का लाभ लेने अधिकाधिक लोगों को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के विपरीत दौर में भी बैंकर्स अपने दायित्वों का यथासंभव निर्वहन किया। संक्रमण काल में जहां लगभग सभी शासकीय कार्यालय बंद थे, उस समय भी बैंकों को खुला रखकर बैंकर्स ने अपनी सकारात्मक भूमिका निभाई।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   कोरोना ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ में घट रहा कोरोना मीटर, आज मिले 9,121 नए मरीज...195 मरीजों ने तोड़ा दम

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   मुख्यमंत्री ने सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर वीर जवानों को किया सलाम

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   अबूझमाड़ में भीषण मुठभेड़: जवानों ने 7 नक्सलियों को किया ढेर, फायरिंग जारी

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   कोरोना ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ में घट रहा कोरोना मीटर, आज मिले 9,121 नए मरीज...195 मरीजों ने तोड़ा दम

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   निजात अभियान: अवैध शराब बिक्री करने वालों पर तखतपुर पुलिस की कार्यवाही जारी

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending