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3 साल की बच्ची ने बर्थडे पर पैरेंट्स से मंगाया अजीब केक, अब सोशल मीडिया पर छिड़ी ये बहस

छत्तीसगढ़ केसरी| दुनिया के हर शख्स के लिए उसका बर्थडे सबसे खास होता है. यही वजह भी है लोग अपने फैमिली मेंबर के बर्थडे को स्पेशल बनाने के लिए नए-नए तरीके खोजते रहते हैं और बात जब किसी बच्चे के बर्थडे की हो तो भला कौन उन्हें खुश नहीं देखना चाहता. बर्थडे में जो सबसे ज्यादा एक्साइटिंग पार्ट होता है, वो है उनका बर्थडे केक (Birthday Cake). 3 साल की बच्ची लियोना ने अपने माता-पिता से बर्थडे के लिए खास केक मंगवाया. अब यही केक ट्विटर (Twitter) पर बहस विषय बन गया.
लियोना नाम की बच्ची ने अपने तीसरे बर्थडे पर जो केक मंगवाया था वो लायन किंग थीम का केक था. हालांकि फिल्म का जो सीन उसने रिक्वेस्ट किया था, वो सीन उसकी उम्र के हिसाब से बिलकुल ही अजीब लगता है. बर्थडे केक (Birthday Cake) में लायन कब सिंबा के पिता मुफासा की मौत का सीन दिखाया गया है. बच्ची की ये रिक्वेस्ट और ये केक देखकर अब दुनियाभर के लोग हैरान है.
यहां देखिए ट्वीट-
My niece turned 3 today!! She asked for a Lion King cake but specifically the moment where Mufasa dies, because “everyone will be too sad to eat the cake and it will be all for me.” pic.twitter.com/UOatqCUSj0
— Casey Feigh (@caseyfeigh) May 29, 2021
बर्थडे गर्ल ने की अजीब केक की डिमांड
Wowww hahaha
— Lauren Lapkus (@laurenlapkus) May 29, 2021
लोगों ने दी मिलीजुली प्रतिक्रिया
I look forward to seeing how she takes over the world. pic.twitter.com/r8Dac4E2ao
— Dr. Simon Albright (@PhysWiz) May 29, 2021
— Caitlin (@CRStromante) May 29, 2021
जब इस अजीब डिजाइन वाले केक की फोटो लियोना के अंकल कैसी फे (Casey Feigh) ने ट्विटर पर शेयर की तो इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं. उन्होंने तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा कि ‘मेरी भतीजी ने अपने बर्थडे पर लायन किंग थीम के उस केक के लिए कहा, जिसमें मुफासा की मौत हो जाती है. केक को देखकर हर कोई दुखी था, ऐसे में ये सारा मेरे लिए ही था’
आपको बता दें कि बच्चों के लिए बनाई गई फिल्म लायन किंग में कहानी जंगल के राजा शेर मुफ़ासा (Mufasa) और उसके बेटे सिंबा (Simba) की है. कुछ लोगों के विश्वासघात की वजह से मुफ़ासा की मौत अपने बेटे सिंबा को बचाते हुए पहाड़ी से गिरकर हो जाती है. जब उसके बेटे को इसका बता चलता है तो वो बहुत दुखी हो जाता है. 3 साल की लियाना के केक की थीम यही सीन था. जो फिल्म कि इस फिल्म का सबसे भावुक कर देने वाला सीन था.
इस पोस्ट को 30 मई को शेयर किया था और देखते ही देखते इस पर 6.8 लाख लाइक्स आ गए. कुछ लोगों ने बच्ची के दिमाग की तारीफ की और कहा कि इतनी छोटी सी उम्र में उसने इस तरह के केक की फरमाइश की. ये वाकई हैरतभरा है. कुछ लोगों को केक का ये आइडिया बिल्कुल पसंद नहीं आया और उन्होंने कहा कि ऐसे खास मौके पर दुख दिखाने वाला केक ठीक नहीं है. बहुत से लोगों ने इसे लियोना की परिपक्व सोच का भी अंदाज़ा लगा लिया.
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।




















