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​​​​​​​छत्तीसगढ़ के 383 हज यात्री 24 जून को रवाना होंगे

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के 383
हज यात्री
 24 जून को

 पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम छत्तीसगढ़ से जाने वाले हज यात्रियों के लिए आयोजित टीकाकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण दो साल बाद हज पर जाने का मौका मिल रहा है। इस बार छत्तीसगढ़ से 383 हज यात्री रवाना होंगे, जिसमें 203 पुरूष एवं 180 महिलाएं शामिल है। हज कमेटी ऑफ इंडिया मुम्बई से प्राप्त फ्लाईट अलॉटमेंट के अनुसार राज्य के हज यात्री मुंबई ईम्बारकेशन प्वाइंट से 24 जून को रवाना होंगे एवं हज यात्रा के बाद इनकी वापसी 2 अगस्त को मुंबई ईम्बारकेशन प्वांइट से होगी। 

मंत्री डॉ. टेकाम ने राज्य हज कमेटी द्वारा पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर के पीछे स्थित स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में आयोजित टीकाकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यक्रम में हज यात्रियों को हज किट, फर्स्ट एड किट का वितरण भी किया। 
 
मंत्री डॉ. टेकाम ने हज 2022 के लिए प्रदेश से जाने वाले सभी हज यात्रियों को मुबाकरबाद देते हुए कहा कि आप इस्लाम के एक अहम फर्ज की अदायगी के लिए जा रहे है। इस मुबारक मौके पर सच्चे दिल से की जाने वाली इबादत में, सबकी बेहतरी की दुआ होती है। हज के मुकाबर सफर का जिनको मौका मिला है, उनकी दिली तमन्ना पूरी हो रही है। डॉ. टेकाम ने हज यात्रियों से गुजारिश कि, हज यात्रा के दौरान अहम स्थानों पर छत्तीसगढ़ राज्य की तरक्की और खुशहाली तथा भारत एवं पूरी दुनिया के लिए सुख-शांती और समृद्धि की दुआ मांगे। 
मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की लगातार कोशिश है कि प्रदेश के हज यात्रियों का बेहतर सुविधाएं मिले। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा राज्य हज कमेटी को हर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की हज कमेटी का नाम देश में हज यात्रियों को उच्च स्तरीय सेवाएं देने वाली राज्य हज कमेेटियों में शुमार किया जाता है। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा की जाने वाली व्यवस्थाओं का अनुसरण, स्वयं केन्द्रीय हज कमेटी एवं देश की अन्य राज्य के हज कमेटियों द्वारा किया जा रहा है। देश के पहले, हज गाईड मोबाईल एप्लीकेशन का प्रारंभ, निःशुल्क ऑनलाईन हज आवेदन करने की सुविधा, हाजियों को हज किट, फर्स्ट एड किट देने वाली हमारी हज कमेटी पूरे देश में प्रथम है। मंत्री डॉ. टेकाम ने प्रदेश से जाने वाले हज यात्रियों के लिए दुआ करते हुए कहा कि आपका सफरे हज आसान हो, हज यात्रा की आप सभी को पुनः दिली मुबारक बाद। 
राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद असलम खान ने छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की ओर से सभी हज यात्रियों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि हज यात्रा में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करें। राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा थी कि राज्य से अधिक से अधिक लोग हज पर जाएं। उनकी ख्वाहिश के मुताबिक इस बार बिना कुर्राह के सभी आवेदकों को यात्रा का अवसर मिला है। हज यात्रियों को राज्य हज कमेटियों की ओर से दी जा रही है, जो उनकी बुनियादी जरूरतों के काम आएगी। 
राज्य हज कमेटी के सचिव श्री साजिद मेमन ने हज यात्रियों की यात्रा के दौरान ठहरने और वहां की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी हज यात्रियों की रवानगी 24 जून को मुम्बई ईम्बारकेशन प्वाईट से प्लाईट क्रमांक ैट.5729 से प्रातः 10.50 बजे होगी, प्रदेश के हज यात्री मुम्बई से जद्दा के लिए रवाना होंगे। प्रदेश के हज यात्रियों की वापसी 02 अगस्त को प्लाईट क्रमांक ैट.5760 से संध्या 16.40 बजे मुम्बई ईम्बारकेशन प्वाईट से होगी। प्राप्त सूचना अनुसार हज यात्रियों को 21 जून को दोपहर 2 बजे हज हाऊस मुम्बई में रिर्पोटिंग करना है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय हज कमेटी द्वारा इस वर्ष से ई-हज-विजा की सुविधा प्रारंभ की गई है। जिसे हज यात्री हज कमेटी की वेब साईट से रवाना होने के पूर्व प्राप्त कर सकेंगे। हज हाऊस मुम्बई में हजियों को ही अस्थाई आवास की सुविधा प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में हज यात्रियों की प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए। 
स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा सभी हज यात्रियों का टीकाकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी श्रीमती मीरा बघेल एवं सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. पी. के. गुप्ता ने हज यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी दी। 
कार्यक्रम में महापौर रायपुर एजाज ढेबर, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य अनिल जैन, रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शिव सिंह ठाकुर ने भी प्रदेश से जाने वाले हज यात्रियों को यात्रा की मुबारक बात दी। इस अवसर पर राज्य वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमेन सलाम रिजवी, राज्य मदरसा बोर्ड के पूर्व चेयरमेन हसन खान, राज्य हज कमेटी की सदस्य मौलाना कारी अशफाक अन्जुम, मौलाना कारी डॉ. इमरान अशरफी, मौलाना असगर मेहन्दी, रूबिना अल्वी, शारिक रईस खान, सदस्य श्रम कल्याण मंडल शेख मुशीर, हाजी अनवर रिजवी, मोहम्मद रियाज, इदरीश गांधी, मोहम्मद जिशान, मोहम्मद ताहीर, इलियास अमन, अशरफ हुसैन, सद्दाम सोलंकी, रहमतुल्लाह खान, मनीष दयाल, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद शब्बीर, मोहम्मद रिजवान, बाबा भाई, आरिफ भिंसरा, राज्य मछुआ कल्याण समिति की सदस्य अमृता निषाद, प्रदेश के समस्त जिलों के हज यात्री एवं मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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