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छत्तीसगढ़

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 75वें स्वतंत्रता दिवस पूरी गरिमा के साथ मनाया गया

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बिलासपुर | दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्यालय सहित सभी मंडलों पर 75वें स्वतंत्रता दिवस पूरी गरिमा व परंपरा के अनुसार दिनांक 15 अगस्त 2021 को मनाया गया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा इस अवसर पर मुख्य कार्यक्रम मुख्यालय परिसर, बिलासपुर में प्रातः 09.00 बजे आलोक कुमार, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई ।

         इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्य अतिथि आलोक कुमार, महाप्रबंधक द्वारा मुख्य सुरक्षा आयुक्त अभिय नन्दन सिन्हा की अगुवाई में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। तद्उपरांत उन्होंने रेल सुरक्षा बल के जवानों, सिविल डिफेन्स एवं सेन्टजांस एम्बुलेंस के द्वारा तैयार किये गये आकर्षक परेड का निरीक्षण किया ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री आलोक कुमार ने कहा कि 75वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूं । इस वर्ष हम,हमारे देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ को “आजादी का अमृत महोत्सव” के रूप में मना रहे हैं । 15 अगस्त का दिन हम सभी देशवासियों के लिए एक ऐतिहासिक एवं गौरवशाली दिन है । आज का दिन उन सभी अमर शहीदों एवं अनाम देशभक्तों को याद करने का दिन है जिन्होनें आजादी की लड़ाई के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। स्वतन्त्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हम सभी को देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन एवं देश के हित में मिलकर कार्य करना होगा ।
भारतीय रेलवे में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का प्रारम्भ से ही एक विशिष्ट स्थान एवं पहचान रही है। हमने माल ढुलाई के साथ यात्री सेवा एवं सुविधा में भीमहत्वपूर्ण कार्य किया है । गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 186.5 मिलियन टन माल ढुलाई कर पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 की तुलना में 16 मिलीयन टन, लगभग 9% से भी अधिक इंक्रीमेंटल लोडिंग के कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है । इसके साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 के जुलाई महीने तक हमनें पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 15.12 मिलीयन टन अधिक माल ढुलाई की है । देश की सर्वाधिक 3.5 कि.मी. लंबी मालगाड़ी के परिचालन का कीर्तिमान भी हमनें हासिल किया है । किसानो के उत्पादों के लिए किसान रेल चलाए गए।
यात्रियों को सुखद एवं सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए यात्री सुविधाओं में लगातार गुणवत्तायुक्त वृद्धि की जा रही है । वित्तीय वर्ष 2020-21 में हमारी रेलवे में 17 नए फूट ओवर ब्रिज का निर्माण, 5 स्टेशनों में प्लेटफार्म का विस्तार तथा 27 स्टेशनों में प्लेटफार्म की ऊंचाई में वृद्धि का कार्य पुरा किया गया है साथ ही 21 स्टेशनों में फ्री वाई-फाई की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है ।
यात्री सुविधाओं के साथ माल लदान को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है । वित्तीय वर्ष 2020-21 में हमनें 303 किलोमीटर नई रेल लाइन, दोहरीकरण, तिहरीकरण एवं आमान परिवर्तन के कार्य को पूरा किया है । 198 रूट किलोमीटर रेल लाइन का इलेक्ट्रीफिकेशन, 49 किलोमीटर ऑटो सिग्नलिंग के साथ ही 16 नए इंटरलाकिंग के कार्यो को पूरा करा । कोरोनाकाल के दौर में भी वैगन रिपेयर शॉप, रायपुर में वैगनों के ROH/POH के कार्य रिकार्ड स्तर पर किए गए ।विगत वित्तीय वर्ष में रिकार्ड 257.91 करोड़ के स्क्रैप डिस्पोजल किया गया । यूजर डिपो माड्यूल के साथ स्टोर मैनेजमेंट को भी सरल बनाया गया । रेल विकास के लिए सभी महत्वपूर्ण कार्य आगे भी जारी रहेंगे ।
हम पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील है। हमारेसभीस्टेशनों एवं कालोनियों में एलईडी लाइट लगे हुए है । विभिन्न कार्यालयों में लगभग 4.64 मेगा वाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए गये है।भिलाई में 50 मेगा वाटकासोलरपॉवरप्लांटका निर्माण प्रगति पर है ।वर्षा जल के संचयन हेतु 36 वाटर हार्वेस्टिंग एवं 12 स्थानों पर तालाब बनायें गए है । 15 एलएचबी रैक आधारित महत्वपूर्ण गाड़ियों में अत्याधुनिक “हेड ऑन जेनरेशन”प्रौद्योगिकी अपनाई गई है । ई-ऑफिस वर्किंग के द्वारा पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा दिया गया है ।
वर्ष 2020-21 के दौरान रेलवे सुरक्षा बल ने अपने परिवार से बिछुड़े 110 बच्चों को रेसक्यू कर उनके परिवारजनों से मिलाया । महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए “मेरी सहेली” अभियान, तेजस्विनी ग्रुप की शुरुआत की गई है । नारी सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए रेलवे सुरक्षा बल में 52 महिला कर्मियों की नियुक्ति की गई है ।
स्टाफ वेलफ़ेयर के कार्यों को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में प्राथमिकता के साथ पूरी की जा रही है । ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम के विभिन्न माड्यूल अब हमारे कर्मचारियों को पारदर्शी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं । वर्ष 2020-21 के दौरान 6012 रेल कर्मियों को पदोन्नति दी गई । ई-लर्निंग के प्रोत्साहन हेतु रेलवे स्कूलो में 9वीं कक्षा की 77 छात्राओं को टैबलेट उपलब्ध कराया गया। बेहतर आवासीय सुविधा हेतु 127नये स्टाफ क्वार्टर का निर्माण कर आबंटन किया गया ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के खिलाड़ियों द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर अनेक खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया गया है । यह हम सभी के लिए अत्यंत गौरव की बात है ।
कोरोना महामारी के दौरान केंद्रीय हास्पिटल, बिलासपुर एवं मण्डल हास्पिटल रायपुर में कोविड सेंटर शुरू किया गया जिसमें वेंटीलेटर, ऑक्सीज़न जैसी तमाम आवश्यक एवं आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता के साथ कोविड मरीजो का सफलतापूर्वक ईलाज किया गया । केंद्रीय हास्पिटल, बिलासपुर में किडनी रोगियों की सुविधा के लिए डायलिसिस यूनिट की स्थापना की गई है ।इस कठिन समय में इस रेलवे के सभी फ्रंट लाइन कर्मियों के द्वारा किया गया कार्य सराहनीय है । मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि कोविड-19 से बचाव के लिएआप स्वयं व परिवारजनों को वैक्सीन लगवाये एवं अन्य जरूरी सावधानियों का पालन करें ।
उन्होंने ने कहा कि मै दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन का भी आभार व्यक्त करता हूं । रेल कर्मचारियों व उनके परिवार के कल्याण,महिलाओं एवं बच्चों के उत्थान विशेषकर मानसिक रुप से अशक्त बच्चों के लिए स्कूल आदि का संचालन तथा रेलवे हॉस्पिटल में कैन्टीन के माध्यम से बीमार रेलकर्मियो एवं उनके परिजनों को उचित मूल्य पर खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने में इनकी भूमिका सराहनीय है ।
उन्होंने कहा कि मैं यूनियन एवं संघों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को उनके बहुमूल्य सुझावों एवं सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूं, जो हमें अपने कार्य निष्पादन में लगातार सहायक रहे है । सभी कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी एवं सभी कर्मचारी सौहार्द पूर्ण औद्योगिक संबंध बनाएं रखने के लिए बधाई के पात्र हैं। साथ ही साथ मैं प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भी धन्यवाद देता हूं जिनकी सक्रियता एवं सहभागिता के कारण हमें अपने कार्यो में सुधार हेतु सहयोग प्राप्त होते रहते हैं।
अन्त में उन्होनें रेल कर्मचारियों, उनके परिवार एवं उपस्थित बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह गरिमापूर्वक सभी मंडलो, फील्ड कार्यालयो एवं वर्कशापों में मनाया गया । पूरा समारोह कोविड 19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आयोजित किया गया।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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