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छत्तीसगढ़

रायपुर में होगा भारतीय सड़क कांग्रेस का 83वां अधिवेशन

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पांच दिवसीय आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ के वैभव, संस्कृति और विकास के विभिन्न आयामों से रू-ब-रु होंगे देश-विदेश के प्रतिभागी

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की

विभागीय अभियंताओं को नवीन अनुसंधानों और नई तकनीकों से जोड़ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

बिलासपुर. 16 अक्टूबर 2024. भारतीय सड़क कांग्रेस का 83वां वार्षिक अधिवेशन 7 नवम्बर से 11 नवम्बर तक राजधानी रायपुर में आयोजित होगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विभागीय सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता के.के पीपरी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी, सड़क परिवहन मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी, रायपुर नगर निगम के कमिश्नर अबिनाश मिश्रा तथा अधिवेशन से संबंधित सभी स्टीयरिंग कमेटी के सदस्यों के साथ रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम एवं साइंस कॉलेज परिसर में होने वाले इस आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर के नवीन विश्राम भवन में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आयोजन की इस तरह की पुख्ता तैयारियां सुनिश्चित करने कहा कि इसमें शामिल होने वाले देश-विदेश के अतिथि छत्तीसगढ़ के वैभव से रू-ब-रू हो सकें।

साथ ही वे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और यहां के विकास के विभिन्न आयामों को अनुभव कर सकें। उन्होंने अधिवेशन में अतिथियों का सत्कार छत्तीसगढ़ की संस्कृति के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा।

उप मुख्यमंत्री साव ने प्रदेश के बहुआयामी विकास के प्रदर्शन के लिए अधिवेशन स्थल पर पॉवर एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के अग्रणी संस्थानों एन.एम.डी.सी., एन.टी.पी.सी., सेल (भिलाई स्टील प्लांट), छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन कंपनी तथा विभिन्न विकास निगमों के स्टॉल एवं प्रदर्शनी लगाने के निर्देश दिए।

उन्होंने अतिथियों को छत्तीसगढ़ की कला, शिल्प और लोक संस्कृति से अवगत कराने छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प, ग्रामोद्योग, पर्यटन, संजीवनी, वन विकास इत्यादि के स्टॉल्स का भी समुचित समायोजन आयोजन स्थल पर करने को कहा।

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साव ने युवा अभियंताओं के प्रोत्साहन के लिए अधिवेशन के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन तथा राज्य के अभियांत्रिकी महाविद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए विद्यार्थी सदस्यता प्रदान करने के निर्देश बैठक में दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को नवीन अनुसंधानों और निर्माण कार्यों में अन्य प्रदेशों में अपनाई जा रही नई तकनीकों की विस्तृत विवेचना एवं प्रशिक्षण के लिए सक्रियता से आयोजन से जोड़ने को कहा।

उन्होंने रायपुर में आयोजित हो रहे भारतीय सड़क कांग्रेस के इस 83वें वार्षिक अधिवेशन का प्रदेश स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जिससे प्रदेश के अभियंताओं को देश की प्रमुख संस्थानों के वैज्ञानिकों के व्याख्यान द्वारा ज्ञानार्जन का सुअवसर प्राप्त हो सके।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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