छत्तीसगढ़
हंगामे की भेंट चढ़ा सत्र का दूसरा दिन, कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित

रायपुर. सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है. आज का सत्र हंगामे के भेंट चढ़ गया. विपक्ष के सदस्य महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए थे. कुछ देर बाद धरने से उठकर विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष से विपक्ष के सदस्यों ने मुलाकात की. भाजपा विधायकों ने पीएम आवास मामले की सदन की कमेटी से जांच कराने की मांग की.
इसके पहले पीएम आवास योजना लेकर आज सदन में जोरदार हंगामा हुआ. भाजपा विधायक गर्भगृह पहुंचकर जमकर नारेबाजी करने लगे. हंगामा के बीच सदन की कार्यवाही को कुछ देर के लिए स्थगित करना पड़ा. शीतकालीन सत्र के आज दूसरे दिन सदन में भाजपा विधायकों ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर खूब हंगामा मचाया.
पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव के जवाब से भाजपा विधायक संतुष्ट नहीं हुए. 51 हजार करोड़ सरकार के कर्ज लेकर भी सदन में हंगामा हुआ. भाजपा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि राज्य में 18 लाख 81 हजार पीएम आवास के मकान लंबित हैं. राज्य सरकार गरीबों का हक मार रही है.
बृजमोहन ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भूपेश सरकार गरीबों के छत छीन रही है. गरीबों को पीएम आवास उपबंध नहीं होने के मामले पर बृजमोहन ने सदन की कमेटी बनाकर जांच करने की मांग की. सदस्य केशव चंद्रा ने छत्तीसगढ़ी में सवाल करते हुए कहा गरीब मन ला पीएम आवास के पैसा कब तक उपलब्ध होही.
पीएम आवास के मुद्दे पर सदन में गहमागहमी के बीच भाजपा सदस्य नारेबाजी करते हुए गर्भगृह पहुंच गए. डॉ रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल समेत सभी भाजपा के सदस्य गर्भगृह में जमकर नारेबाजी करने लगे. इस दौरान सदन की कार्रवाई 12 बजे तक के लिए स्थगित भी की गई.
सदन में विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार पर तंज़ कसते हुए कहा कि क्या केंद्र के पैसा नहीं देने पर, राज्य सरकार सभी योजनाओं को वापस कर देगी? देशभर में किसी राज्य ने केंद्र से राशि नहीं मिलने पर योजनाओं को वापस नहीं किया है. मंत्री अमरजीत भगत ने पलटवार करते हुए कहा कि इतनी बातें अगर भाजपा केंद्र के सामने रखती तो हमें हमारी हक़ की राशि मिल जाती.
सदस्य अजय चंद्राकर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 21-22 में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा हितग्राहियों को आवास आवंटित करने के लक्ष्य पर भी सवाल उठाया. 19-20 में चारों क़िस्त उपलब्ध नहीं थी क्या कारण है? अजय चंद्राकर ने पूछा कि केन्द्रांश पहले मिलता है या राज्यांश? जवाब देते हुए पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि योजना 2016 से प्रारम्भ हुई है.
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि जवाब नहीं आया है. विधानसभा अध्यक्ष ने भी कहा कि वे भी इस प्रश्न का उत्तर जानना चाहते हैं. बृजमोहन ने पीएम आवास योजना में कितना लक्ष्य मिला था, लक्ष्य कितना पूरा हुआ?
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है




















