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17 दिसंबर राशिफ़ल: जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

मेष राशि– वाणी में मधुरता रहेगी। शैक्षिक कार्यों में सुधार होगा। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बहनों के सहयोग से कारोबार का विस्तार हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। क्रोध एवं आवेश के अतिरेक से बचने का प्रयास करें।
वृष राशि– क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव मन में हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र की स्थिति अनुकूल रहेगी। नौकरी में इच्छाविरुद्ध कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। परिश्रम की अधिकता रहेगी। नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। मित्र के सहयोग से कारोबार का विस्तार होगा।
मिथुन राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मानसिक शान्ति के लिए प्रयास करें। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा। मीठे खान-पान में रुचि रहेगी। माता-पिता का सानिध्य एवं सहयोग मिलेगा। कुटुम्ब-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। बातचीत में संतुलन बनाए रखें।
कर्क राशि- मानसिक शान्ति रहेगी। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। खर्च अधिक रहेंगे। परिवार का साथ मिलेगा। सेहत का ध्यान रखें। मित्रों का सहयोग मिलेगा। भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। किसी पुराने मित्र के सहयोग से आय के स्रोत विकसित हो सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। यात्रा के योग हैं।
सिंह राशि- मन प्रसन्न रहेगा। अति उत्साहित होने से बचें। भवन या सम्पत्ति में वृद्धि हो सकती है। सुस्वादु खानपान में रुचि बढ़ सकती है। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। बातचीत में संयत रहें। कुटुम्ब की किसी बुजुर्ग महिला से धन लाभ के योग बन रहे हैं। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा।
कन्या राशि- मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। कार्यभार में वृद्धि होगी। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। वस्त्रों पर खर्च बढ़ सकते हैं। मित्रों के साथ यात्रा पर जाना हो सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा।
तुला राशि– आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मन परेशान भी हो सकता है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। परिश्रम अधिक रहेगा। कुटुम्ब-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। किसी सम्पत्ति या भवन से आय के स्रोत विकसित हो सकते हैं।
वृश्चिक राशि– क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव हो सकते हैं। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। वस्त्र उपहार में प्राप्त होंगे। संतान सुख में वृद्धि होगी। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। वाणी में कठोरता का प्रभाव हो सकता है। वाणी में सौम्यता रहेगी।
धनु राशि- धार्मिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। तरक्की हो सकती है। किसी पैतृक कारोबार का विस्तार हो सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी। भाइयों से मतभेद बढ़ सकते हैं। आशा-निराशा के मिश्रित भाव रहेंगे।
मकर राशि– क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति हो सकती है। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में निवेश कर सकते हैं। परिवार का साथ भी मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। आय में कमी आ सकती है। भाइयों के सहयोग से कारोबार का विस्तार हो सकता है। लाभ में वृद्धि होगी।
कुंभ राशि– दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। वस्त्रों और यात्रा पर खर्च बढ़ सकते हैं। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। खर्चों की अधिकता रहेगी। मन में निराशा एवं असंतोष के भाव रहेंगे। किसी अज्ञात भय से परेशान रहेंगे। परिवार में सुख-शांति रहेगी। तनाव से बचें।
मीन राशि– मन अशान्त हो सकता है। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। मित्रों का साथ रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाना हो सकता है। लेकिन स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहें। परिवार की समस्या परेशान कर सकती है। माता से धन की प्राप्ति होगी।
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।



















