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छत्तीसगढ़

रेलवे ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में 6 हजार से ज्यादा छोटे स्टापेज किए खत्म

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रायपुर: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 20 से अधिक ट्रेनों के स्टॉपेज को बंद कर दिया गया है। रेलवे की नई समय सारणी में भी स्टॉपेज को सामान्य नहीं किया गया है। छात्र युवा नागरिक रेलवे संघर्ष समिति से जुड़े अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने स्टाॅपेज बंद किए जाने से यात्रियों को हो रही समस्या काे उजागर किया। उन्होंने कहा कि रेलवे स्पेशल ट्रेनों को खत्म कर परिचालन सामान्य किए जाने का बात कहता है, लेकिन हकीकत इससे अलग है। भारतीय रेलवे ने विभिन्न ट्रेनों के 6 हजार 800 से अधिक स्टॉपेज को बिना सूचित किए खत्म कर दिया है। रेलवे ने स्टॉपेज खत्म कर दिया लेकिन गाड़ी का स्टेशन पहुंचने का समय पहले की तरह ही है। रेलवे के विभिन्न स्टॉपेज को खत्म करने के निर्णय से नागरिक परेशान हो रहे हैं।

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गांव से शहर आना महंगा

रेलवे ने रायपुर मंडल में सिलियारी स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस और हथबंद पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का स्टॉपेज खत्म कर दिया है। इसी तरह अमरकंटक एक्सप्रेस, बिलासपुर से इंदौर के बीच चलने वाली नर्मदा ट्रेन भी शामिल है, जो 100 वर्षों से करगी रोड, बेलगहना स्टेशन में रुका करती थी, उसका स्टॉपेज बंद कर दिया गया है। अचानक लिए गए इस निर्णय से यात्री खासे परेशान हैं। स्टॉपेज खत्म करने से ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले लोगों को महंगा किराया देना पड़ रहा है। सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि यात्रियों की समस्या को लेकर जब रेल अधिकारियों से मुलाकात की तो उन्होंने कहा कि जिस स्टेशन में 400 से कम टिकट बिकेगी, वहां स्टॉपेज रोक दिया जाएगा। रेलवे ने ऐसा केवल छत्तीसगढ़ में नहीं किया है, पूरे देश में 6800 स्टॉपेज खत्म हुए हैं।

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मुख्यालय स्तर पर निर्णय

ट्रेन का स्टॉपेज खत्म करने का निर्णय मुख्यालय स्तर पर लिया जाता है। मंडल की इसमें कोई भूमिका नहीं होती। जिन स्टेशन का स्टॉपेज खत्म किया है वहां यात्रियों की संख्या कम होगी। रेलवे बिना कारण ऐसा निर्णय नहीं लेता।

– विपिन वैष्णव, मंडल वाणिज्य प्रबंधक

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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