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छत्तीसगढ़

Chhattisgarh : आबकारी सहायक आयुक्त ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट बरामद

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बिलासपुर|आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त आज अपने निवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया है। फांसी लगाने से पहले सहायक आयुक्त ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। विभाग को मामले की जानकारी उस समय हुई जब टीपी भूसाखरे का ड्रायवर उन्हें लेने घर गया था। इसके बाद मामले की जानकारी सरकन्डा पुलिस को दी गयी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने टीपी भूसाखरे का शव फांसी से उतारा।

आबकारी सहायक आयुक्त टीपी भूखाखरे ने घर में फांसी लगाकर कर लिया है। मामले की जानकारी सुबह करीब 11 बजे हुई। टीपी भूसाखरे आज रिटायर्ड होने वाले थे। विभाग में उनके लिए विदाई कार्यक्रम का भी आयोजन था।रोज की तरह सहायक आयुक्त का ड्रायवर भूसाखरे को लेने उनके घर गुलाबनगर मोपका गया। ड्रायवर ने दरवाजा खटखटाया..लेकिन अन्दर से दरवाजा नहीं खुला। करीब एक घण्टे के बाद मामले की जानकारी ड्रायवर ने विभाग प्रमुख को दी। इसके बाद पुलिस को भी सूचना दी गयी।

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मौके पर पहुंचकर पुलिस ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। इसके बाद दरवाजा तोड़कर पुलिस अन्दर घुसी। लेकिन नजारा कभी डरावना सामने आया। टीपी भूसाखरे पंखे के सहारे फांसी पर लटके मिले।छानबीन के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। जानकारी के अनुसार सुसाइड नोट में भूसाखरे ने लिखा है कि आत्महत्या के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। वह अपने शारीरिक परेशानियों के चलते आत्महत्या कर रहे हैं। फिलहाल सरकन्डा पुलिस मामले में जांच पड़ताल कर रही है।जानकारी देते चलें कि आज ही सहायक आयुक्त टीपी भूसाखरे रिटायर्ड होने वाले थे। इसलिए विभाग में उनके लिए विदाई सम्मान का आयोजन किया गया था। विभाग के लोगों ने बताया कि टीपी भूसाखरे घर में अकेले रहते थे। परिवार रायपुर में रहता है। पुलिस और विभाग की तरफ से परिवार को जानकारी भेज दी गयी है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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