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छत्तीसगढ़

बिलासपुर : परिसमापन कार्य हेतु सूचना जारी

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राज्य सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 एवं नियम 1962 के उपनियम 57 के तहत परिसमापन की कार्य हेतु सर्वसाधारण के लिए सूचना प्रकाशित की जाती है। सहकारी समिति संस्थाओं के दावेदार, लेनदार अपने दावे लिखित में प्रमाण पत्र सहित ़60 दिवस के भीतर कार्यालयीन समय में प्रस्तुत करें। इस अवधि के पश्चात प्राप्त होने वाले दावे मान्य नहीं होंगे तथा उपलब्ध अभिलेख एवं जानकारी के आधार पर परिसमापन की अंतिम कार्यवाही की जायेगी। यह भी यह भी सूचित किया जाता है कि किसी व्यक्ति के पास निम्न संस्थाओं का रिकार्ड, सम्पत्ति आदि हो तो तत्काल परिसमापक को सौंप देवें अन्यथा दण्डात्मक कार्यवाही के भागीदार होंगे।
     परिसमापनाधीन समिति में सर्वोदय गृह निर्माण सह. समिति परिसमापक का नाम बी.आर. यादव व.स.नि., जय अम्बे महिला बहु. सहकारी समिति सिरगिटटी परिसमापक का नाम सी.पी. बाजपेई व.स.नि., जय बुढ़ादेव पशुपालन समिति, बिजराकापा, दुग्ध उत्पादक सह. समिति गिरधौना, परिसमापक का नाम जी.पी.बिन्द तखतपुर, महिला बहुउद्देशीय, सह. समिति सारबहार, परिसमापक का नाम दीपक कंबर पेण्ड्रा, ईंधन पूर्ति श्रमिक सह समिति तारबहार, सह.वि.अधि. बिल्हा, जय अम्बे महामाया अ.जा.सह.समिति केकराड़, सर्वोत्तम महिला बहु. सह. समिति लोफन्दी, कोयला कर्मचारी गृह निर्माण एवं कल्याण सह. समिति सीपत रोड, बिलासपुर परिसमापक का नाम आर.एन. तिवारी सह.निरि., सर्वोत्तम प्राथ. सहकारी समिति कृष्णा नगर बिलासपुर परिसमापक का नाम बी.आर.यादव व.स.नि., अम्बेडकर साख सह.समिति रतनपुर परिसमापक का नाम एस.आर. भगत कोटा, सर्वमंगला किसान लोखंडी, रामकृष्ण प्राथ. सह. समिति उपभेक्ता भंडार सरकंडा परिसमापक का नाम श्रीमती मीनू अग्रवाल सह.नि., अराधना महिला बहु.सह. समिति लोफन्दी, सफाई कामगार शंकर नगर बिलासपुर, परिसमापक का नाम नीतिन घोरे सह.वि.अधि. बिल्हा, मां जगदम्बा साख सह. समिति रतनपुर परिसमापक का नाम एस.आर. भगत कोटा, कृषि एवं पशुपालन बहुउद्देशीय सह. समिति बिलासपुर जय भवानी सह. समिति उपभोक्ता भंडार राम दास नगर बिलासपुर, प्रेरणा महिला बह. सह. समिति तालापारा बिलासपुर, दूरसंचार साख सह. समितियां बिलासपुर, मां आदिशक्ति साख सह. समिति अरविंद नगर बिलासपुर, महिला सह. समिति मुद्रणालय राजकिशोर नगर बिलासपुर, गुरू प्राथ. उप सह. समिति भंडार राजेन्द्र नगर बिलासपुर, ज्योति प्राथ. उप सह. समिति भंडार कुदुदण्ड बिलासपुर, जय हुनमान प्राथ. सह. समिति लोको कालोनी बिलासपुर गायत्री प्राथ. उप सह. समिति भंडार गोलबाजार बिलासपुर, आदर्श प्राथ. उप सह. समिति भंडार इमलीपारा बिलासपुर परिसमापक का नाम नीतिन घोरे सह.वि.अधि. बिल्हा, स्वस्ति बीज उत्पादक सह. समिति रिस्दा, शिवनाथ नदी मछुआ सह. समिति जोंधरा, सखी दुग्ध सह. समिति पाली, सखी दुग्ध सह. समिति कोहरौदा, सखी दुग्ध सह. समिति हिर्री, जागृति ईंट भट्टा सह. समिति  बनियाडीह, परिसमापक का नाम श्री एच.एम.पुरैना सह.वि.अधि. मस्तूरी, जय महामाया बहु. सह. समिति खैरा श्वेता दुबे सह. निरी, अन्नपूर्णा साख कोटा, सत्य ज्योति महिला सह. समिति अमेरी, महामाया गिट्टी खदान सह. समिति कोटा, जय माता मछुआ सह. समिति चिचिरदा, आदिवासी मछुवा सह. समिति रानीबछाली, मां बिलासा मछुआ सह. समिति मोहरा, प्राथ. उप सह. समिति भंडार रतनपुर, ग्रामोद्योग सह. समिति गोलबजार बिलासपुर परिसमापक का नाम एन.आर.भगत सह.निरी., कामगार कारीगर सह. समिति लिंक रोड, बिलासपुर परिसमापक का नाम मनीष वर्मा सह.निरी., अम्बेडकर प्राथ.उप.सह. समिति भंडार अम्बेडकर बिलासपुर, आदर्श प्राथ. उप सह. समिति भंडार लाला लाजपतराय नगर बिलासपुर, शिवाजी प्राथ. उप सह. समिति भंडार तेलीपारा, संत महिला प्राथ. उप सह. समिति भंडार संतरविदास बिलासपुर परिसमापक का नाम गोधली वर्मा सह.निरी समिति का नाम शामिल है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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