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छत्तीसगढ़

23 जनवरी को दो पालियों में होगी पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा

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रायपुर:  छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत पर्यवेक्षक पदों के लिए खुली सीधी भर्ती और परिसीमित सीधी भर्ती परीक्षा 23 जनवरी को दो पालियों में होगी। इस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण परीक्षा केन्द्रों की संख्या में वृद्धि की गई है। व्यापम द्वारा प्रदेश के 16 जिला मुख्यालयों में परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं।

 कोविड संक्रमित अभ्यर्थी कोविड सेंटर में परीक्षा दे सकेंगे। इसके लिए अभ्यर्थी को एक दिन पूर्व जिला नोडल अधिकारी या जिला समन्वयक को सूचना देनी होगी, ताकि संक्रमित अभ्यर्थी के लिए पृथक से परीक्षा कक्ष की व्यवस्था की जा सके। प्रथम पाली की परीक्षा के लिए कुल 839 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें अम्बिकापुर में 71, बैकुण्ठपुर में 15, बिलासपुर में 193, दंतेवाड़ा में 6, धमतरी में 25, दुर्ग में 113, जगदलपुर में 35, जांजगीर में 28, जशपुर में 10, कांकेर में 24, कबीरधाम में 17, कोरबा में 30, महासमुंद में 32, रायगढ़ में 51, रायपुर में 158 और राजनांदगांव में 31 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं।

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इसी प्रकार द्वितीय पाली की परीक्षा के लिए 102 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें अम्बिकापुर में 9, बैकुण्ठपुर में 3, बिलासपुर में 16, दंतेवाड़ा में 2, धमतरी में 2, दुर्ग में 10, जगदलपुर में 10, जांजगीर में 4, जशपुर में 3, कांकेर में 3, कबीरधाम में 3, कोरबा में 4, महासमुंद में 4, रायगढ़ में 8, रायपुर में 18 और राजनांदगांव में केन्द्र बनाए गए हैं।

व्यापम द्वारा अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि इस परीक्षा के लिए कुछ जिलों में नए परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। कई परीक्षा केन्द्र शहरी सीमा से काफी दूर हैं। व्यापम द्वारा अभ्यर्थियों को सूचित किया गया है कि वे परीक्षा दिवस से एक दिन पूर्व ही अपने परीक्षा केन्द्र की भौगोलिक स्थिति से भलिभांति परिचित हो जाए। यदि किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केन्द्र के संबंध में कठिनाई हो तो हेल्पलाइन नम्बर- 0771-2972780 और मोबाइल नम्बर 7470470609 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला स्तर पर भी एक हेल्पलाइन नम्बर 21 जनवरी से 22 जनवरी को उपलब्ध रहेगा, जहां से आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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