छत्तीसगढ़
शिक्षा विभाग में 42 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, अनुकंपा नियुक्ति पर मुख्यमंत्री के निर्णय का लाभ
बिलासपुर। अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में 10 प्रतिशत की सीमा शिथिल करने के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्णय से युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के द्वार खुल गये है। यह सीमा 31 मई 2022 तक के लिए शिथिल की गई है। 10 प्रतिशत की सीमा के शिथिल होने से शिक्षा विभाग में 42 कर्मचारियों के बच्चों के लिए रोजगार का रास्ता खुल गया।
आज मंथन सभाकक्ष में कलेक्टर डा. सारांश मित्तर ने प्रतीकात्मक रूप से शिक्षा विभाग के लिए नियुक्ति पत्र 6 युवाओं को सौंपे। कलेक्टर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आप लोग पूरी निष्ठा के साथ सौंपे गए दायित्व का निर्वहन करें। उन्होंने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी पी. दासरथी द्वारा तत्परता दिखाते हुए इन प्रकरणों के निराकरण हेतु उनकी सराहना की।
उन्होंने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति शासकीय सेवक के सेवा कार्य के दौरान असामयिक निधन उपरांत आश्रितों का अधिकार है। जिन 42 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई है उनमें 39 सहायक गे्रड-03 एवं 03 पद भृत्य के शामिल है। इनमें 15 युवा ऐसे है जिनके परिजनों की असामयिक मृत्यु कोविड के कारण हुई थी।
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के पश्चात युवाओं ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्णय से हमारे परिवार को बड़ी राहत मिली है। ग्राम सैदा निवासी विनिता मिश्रा ने बताया कि उन्हें शासकीय स्कूल तारबहार में सहायक ग्रेड-03 के पद पर नौकरी मिली है। वे कहती है कि इस निर्णय से अनेक परिवारों को लाभ पहुंचेगा जिनके अभिभावक शासकीय सेवा में थे और जिनका असमय देहावसान हो गया। स्वीटी जायसवाल ने बताया कि उनके पिता के असामयिक निधन से उनका पूरा परिवार बिखर गया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा लिए गए निर्णय से आज उन्हें नौकरी मिल पाई है। इससे उनके परिवार को संबल मिला है। प्राजंल सिंह राठौर ने बताया कि कैबिनेट के निर्णय के बाद उम्मीद थी कि जल्द ही अनुकंपा नियुक्ति मिल जाएगी लेकिन निर्णय के बाद इतनी जल्दी मिल जाएगी। यह मालूम नहीं था। आशुतोष रजक ने बताया कि उन्हें उनके पिता के स्थान पर नौकरी मिली है।
वे कहते है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा लिया गया यह निर्णय उनके जैसे सभी परिवारों को हौसला देने वाला है। संकट की इस घड़ी में उनके द्वारा लिया गया यह निर्णय हमारे लिए राहत लेकर आया है। उन्होंने कलेक्टर डा. सारांश मित्तर एवं शिक्षा विभाग को भी इस पर तत्परता से अमल करने पर धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में एडीएम नुपूर राशि पन्ना, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी पी. दासरथी एवं शिक्षा विभाग के सहायक संचालक संदीप चैपड़े मौजूद थे।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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