छत्तीसगढ़
16 फरवरी से 1 मार्च तक होगा ‘राजिम माघी पुन्नी मेला’ का आयोजन

रायपुर: धार्मिक न्यास एवँ धर्मस्व मंत्री ताम्रध्वज साहू की अध्यक्षता में आज राजिम माघी पुन्नी मेला की केंद्रीय समिति की बैठक राजिम नगर पंचायत के मंगल भवन में संपन्न हुई। बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप में खाद्य एवं गरियाबंद जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत, राजिम विधायक अमितेश शुक्ल भी मौजूद थे। बैठक में राजिम माघी पुन्नी मेला की तैयारियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में धर्मस्व मंत्री साहू ने कहा कि परंपरा के अनुरूप इस वर्ष राजिम माघी पुन्नी मेला का आयोजन 16 फरवरी से 1 मार्च तक होगा। इस दौरान 3 स्नान पर्व 16 फरवरी, 23 फरवरी एवं 1 मार्च को होगा। उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए राजिम माघी पुन्नी मेला का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले में श्रद्धालुओं की सहूलियत और सुरक्षा को देखते हुए व्यवस्थाएं पूर्ववत रहेंगे। बेरिकेडिंग, सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएगी। मंत्री साहू ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए पूर्व आयोजन की तरह सड़क, शौचालय, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सफाई आदि की व्यवस्था की जाएगी।
इसी तरह अन्य विभागों को भी उनके कार्य के अनुरूप जिम्मेदारी दी गई है। लोक निर्माण विभाग को सड़कें चौड़ा करने, जल संसाधन विभाग को संगम और कुंड की तैयारी करने, वन विभाग को बांस बल्ली, पीएचई विभाग को पेयजल, शौचालय और अन्य संबंधित विभागों को उसके पूर्व अनुसार तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागों को निर्देशों को तत्काल अमल में लाने को कहा गया है। मंत्री ताम्रध्वज साहू ने गरियाबंद जिले के कलेक्टर नम्रता गांधी को इस संबंध में आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कतिक कार्यक्रम में स्थानीय समिति को प्रथमिकता दी जाएगी। यहां पर राज्य स्तर के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। इसके लिए मुख्य मंच के अलावा एक और स्टेज कुलेश्वर मंदिर के पास बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार मेले में स्थानीय संत महात्माओं को आमंत्रण दिया जाएगा। मेला के दौरान जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सुझाव को भी महत्व देते हुए तदानुसार आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में प्रभारी मंत्री भगत ने कहा कि विभाग द्वारा राजिम पुन्नी मेला के आयोजन में जो भी मदद की आवश्यकता होगी, दी जाएगी। उन्होंने इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं की जानकारी स्टाल लगाकर दी जाएगी। राजिम विधायक अमितेश शुक्ल ने कहा की मेले में साफ सफाई की व्यवस्था पुख्ता हो तथा राजिम के आसपास जमीनों में हुए बेजा कब्जा को हटाया जाए। शुक्ल ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए तीन स्थानों पर कम से कम दाल भात सेंटर की व्यवस्था की जाए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर निगरानी समिति गठित करने के साथ ही स्थानीय कलाकार और अन्य जनप्रतिनिधियों को पुरस्कार हेतु विशेष तौर पर महत्त्व देने का सुझाव दिया। कलेक्टर नम्रता गांधी ने राजिम माघी पुन्नी मेला से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि गरिमा के अनुरूप मेले के आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान मौजूद नागरिकों और पत्रकारों ने भी आवश्यक सुझाव रखें। बैठक में केन्द्रीय समिति के सदस्य, राजिम नगर पंचायत के अध्यक्ष रेखा सोनकर, गोबरा नवापारा पालिका के अध्यक्ष धनराज मध्यानी, जनपद पंचायत फिंगेश्वर के अध्यक्ष पुष्पा साहू, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर गरियाबंद नम्रता गांधी, पुलिस अधीक्षक जे आर ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव, अधिकारी, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।




















