छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक, लिए गए ये फैसले

रायपुर: Decision of Ministers Council सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास स्थित कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। बैठक के दौरान 16 बिंदुओं पर चर्चा हुई। साथ ही राज्यपाल के बजट भाषण और साल 2022-23 के बजट प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
तृतीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2021-22 का विधानसभा में उपस्थापन के संबंध में छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2022 का अनुमोदन किया गया।
बजट अनुमान वर्ष 2022-23 का विधानसभा में उपस्थापन के लिये छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2022 का अनुमोदन किया गया ।
छत्तीसगढ़ अनाधिकृत विकास का नियमितिकरण अधिनियम 2002 में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण विधेयक 2022 का अनुमोदन किया गया ।
संचालनालय आयुष के अंतर्गत विभिन्न जिलों में फार्मासिस्ट के रिक्त पदों की भर्ती किये जाने हेतु भर्ती परिणाम की वैधता एक वर्ष के लिये बढ़ाये जाने का निर्णय लिया गया ।
राज्य के 6536 स्थानों पर जहां आंगनबाड़ी केंद्र स्कूल परिसर में स्थित हैं वहां 05 से 06 वर्ष के बच्चों के लिये बालवाड़ी प्रारंभ किये जाने के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर अनुमोदन किया गया । इससे राज्य के 5-6 वर्ष के आयु समूह के 3,23,624 विद्यार्थियों में से 68,054 विद्यार्थी शैक्षणिक सत्र 2022-23 से लाभान्वित होंगे ।
छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम 2015 के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा आवंटित अविकसित / लैंड बैंक की भूमि फ्री होल्ड किये जाने पर दरों के निर्धारण के संबंध में नियमावली की कंडिका में समावेश हेतु संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया ।
छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम 2002 में संशोधन करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया । जिसके तहत बीज एवं कृषि विकास निगम को कृषि विभाग तथा समान प्रकृति के अन्य विभागों के लिये आवश्यक वस्तुओं के दर निर्धारण हेतु अधिकृत किया गया ।
राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत मेसर्स व्हीटेक प्लास्टिक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्लास्टिक उत्पाद उद्योग तथा मेसर्स एसबीटी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा टेक्सटाइल उद्योग की स्थापना के लिये विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज निर्धारण के लिये प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया ।
राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग के (कनिष्ठ श्रेणी) वेतनमान से वरिष्ठ श्रेणी (संयुक्त कलेक्टर) वेतनमान में पदोन्नत करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया ।
छत्तीसगढ़ भूराजस्व संहिता 1959 में (संशोधन) विधेयक 2022 का अनुमोदन किया गया । जिसके अंतर्गत भू सर्वेक्षण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने , सर्वेक्षण के उपरांत धारणाधिकार के सुगम निर्धारण करने, भूमि अभिलेखों के निर्माण एवं संधारण, नामांतरण एवं बंटवारा जैसे डिजिटल प्रक्रियाओं को विधिक रूप देने , औद्योगिक नीति 2019-24 अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों, पार्कों के संनिर्माण को प्रोत्साहित करने , मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के उद्देश्यों की पूर्ति तथा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 के गैर जरूरी उपबंधों को विलोपित कर प्रासंगिक प्रावधानों को नियमित करना शामिल है।
नगरीय क्षेत्र में शासकीय भूमि आवंटन, अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन एवं भूस्वामी हक प्रदान करने के नवीन प्रावधानों का अनुमोदन किया गया ।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य के 10 आकांक्षी जिलों( कोरबा, राजनांदगांव, महासमुंद, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, बस्तर, कोण्डागांव, सुकमा) एवं 02 हाई बर्डन जिले (कबीरधाम एवं रायगढ़ ) में मार्च 2022 से राज्य योजना के राशनकार्डधारियों को फोर्टिफाईड चावल वितरित करने का निर्णय लिया गया । राईस फोर्टिफिकेशन की शत-प्रतिशत राशि (39.59 करोड़ ) राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी ।
खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु जूट कमिश्नर द्वारा जूट बैग की कम आपूर्तिकृत सीमा तक केंद्रीय पूल में धान उपार्जन के लिये नये एचडीपीई/पीपी बारदाना की उपयोगिता शुल्क भारत सरकार से प्राप्त करने का निर्णय लिया गया ।खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में उपयोग में लाये गये एचडीपीई/पीपी बारदाना मार्कफेड की संपत्ती होगी। इस एक भरती बारदाना का उपयोग खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में किया जाये ।
छत्तीसगढ़ विद्युत शुल्क नियम 1949 के नियम के तहत प्रत्येक फैक्ट्री द्वारा प्रारूप एच एवं प्रारूप जे के वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने की बाध्यता को समाप्त करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया ।
मंत्रीपरिषद द्वारा बजट सत्र हेतु माननीय राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया ।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















