छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में दो सितंबर से स्कूलों में शुरू होंगी सभी कक्षाएं
रायपुर, एक सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने बृहस्पतिवार से राज्य के स्कूलों की सभी कक्षाओं को प्रारंभ करने का फैसला किया है। हालांकि कक्षा में विद्यार्थी की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है।
राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार से स्कूलों की सभी कक्षाओं को प्रारंभ करने का फैसला किया है।
अधिकारियों ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार विभाग के अंतर्गत सभी निजी और शासकीय विद्यालयों में छठी, सातवीं, नवमीं और 11 वीं कक्षा की ऑफलाइन कक्षाएं दो सितंबर से प्रारंभ करने की अनुमति दी गई है।
आदेश में कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी निजी और शासकीय विद्यालयों में कक्षाएं प्रारंभ करने के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संबंधित ग्राम पंचायत तथा स्कूल की पालक समिति की अनुशंसा प्राप्त करना होगा।
इसमें कहा गया है कि वहीं शहरी क्षेत्रों के लिए संबंधित वार्ड पार्षद और स्कूल की पालक
समिति की अनुशंसा लेनी होगी। अनुशंसा प्राप्त होने पर कक्षाएं दो सितंबर से प्रारंभ होगी।
आदेश के अनुसार कक्षाएं उन्हीं जिलों में प्रारंभ की जाएगी जिनमें कोरोना संक्रमण दरसात दिनों तक एक प्रतिशत से कम हो। विद्यार्थियों को कक्षाओं में एक दिन के अंतर पर बुलाया जाएगा, अर्थात प्रतिदिन केवल आधी संख्या में ही विद्यार्थी बुलाए जाएंगे।
इसमें कहा गया है कि किसी भी विद्यार्थी को यदि सर्दी, खांसी, बुखार आदि हो तो उसे कक्षा में नहीं बैठाया जाए, ऑनलाइन कक्षाएं यथावत संचालित की जाती रहेगी, तथा किसी भी विद्यार्थी के लिए उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी।
शिक्षा विभाग के आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी कोरोना संक्रमण से बचाव के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी शिक्षण संस्थाओं के कमरों की साफ-सफाई ठीक प्रकार से की जाएगी।
राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के कम होते मामलों को देखते हुए दो अगस्त से पहली से पांचवीं, आठवीं, 10 वीं और 12 वीं कक्षा में शिक्षण प्रारंभ कर दिया गया है और अब राज्य सरकार ने अन्य कक्षाओं को भी प्रारंभ करने का फैसला किया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 56 हजार से अधिक स्कूल हैं जिनमें 57 लाख से अधिक छात्र पढ़ते हैं।
राज्य में मंगलवार तक 10,04,451 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 9,90,484 मरीज इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हो गए हैं। राज्य में 412 मरीज उपचाराधीन हैं तथा वायरस से संक्रमित 13,555 लोगों की मौत हुई है।
भाषा संजीव संजीव रंजन
रंजन
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
-
Uncategorized7 days ago
New Rule : शराब प्रेमियों को झटका! सरकार ने बदल दिया नियम, इस तारीख से होगा लागू
-
Uncategorized6 days ago
अमित शाह का UCC पर बड़ा ऐलान: 21 राज्यों में लागू होगा समान नागरिक संहिता, 2029 लोकसभा चुनाव से पहले होगा लागू
-
Uncategorized5 days ago
EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला: पीएफ पर बेसिक सैलरी लिमिट ₹15000 से बढ़ाकर 25 हजार की, 51 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा
-
Uncategorized3 days ago
RSS ने OTT के ‘सांस्कृतिक प्रदूषण’ पर रोक के लिए बनाया पैनल, जानिए कौन-कौन पैनल में है शामिल…
-
Uncategorized15 hours ago
WhatsApp में बड़ा बदलाव! अब पुराने मैसेज ढूंढना होगा आसान, जानें कैसे काम करेगा नया Search Shortcut
