छत्तीसगढ़
Women’s Day 2022: भारतीय रेलवे के द्वारा महिला रेल यात्रियों को दी जाती है अनेक सुविधाएं, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कार्यरत है 3260 महिला कर्मी

बिलासपुर| नारी की समानता ही देश और समाज की प्रगति का आधार है । यह बिलकुल एक हकीकत है क्योंकि बिना नारी की प्रगति के समाज की प्रगति की कल्पना बेमानी है । हमारे समाज में कहा भी जाता है कि अगर एक पुरुष शिक्षित होता है तो सिर्फ एक ही व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन अगर एक महिला शिक्षित होती है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है । समानता की पथ की ओर अग्रसर इस अटूट कड़ी को मजबूती प्रदान करने हेतु भारतीय रेलवे समस्त महिला कर्मियों एवं महिला रेल यात्रियों के प्रति प्रतिबद्व है ।
भारतीय रेल के सुरक्षित एवं संरक्षित परिचालन में भी महिला रेलवे कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है । भारतीय रेलवे में महिलाएं अलग-अलग विभागों में महत्वपूर्ण कार्यो को अंजाम दे रही चाहे वह ड्राइवर के रुप में रेल चालन हो, गार्ड, इंजीनियर, टीटीई, ट्रेक मेंटेनर, आरपीएफ या स्टेशन मास्टर सभी कार्यो को महिलाएं भलीभांति अंजाम दे रही है ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भी वर्तमान में 3260 महिलाएं कार्यरत है जिसमें राजपत्रित पदों पर 37 तथा अराजपत्रित पदों पर 3220 शमिल है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में वर्तमान में 40 महिला ड्राइवर, 10 गार्ड, 13 स्टेशन मास्टर, 404 ट्रैक मेंटेनर तथा 103 आरपीएफ सहित अन्य विभागों में भी महिलाएं अलग-अलग सेवाएं दे रही है ।
महिला कर्मचारियों की सुविधा का भी रेल प्रशासन बराबर ध्यान रखती है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए समय-समय पर हेल्थ चेक अप कैम्प आयोजित किये जाते हैं । महिलाओं की सुविधा के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कई स्थानों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन स्थापित किये गये है । महिला कर्मियों के लिए महिला कर्मचारियों की समस्याओं व शिकायतों के निवारण के लिए महिलाओं की समिति भी गठित की गई है ।
ट्रेन से यात्रा कर रही महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा “मेरी सहेली” नामक अभियान शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा ट्रेनों में अकेले यात्रा कर रही महिला यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, सफर के दौरान महिला आरपीएफ़ कर्मी के द्वारा व्यक्तिगत रूप से महिला यात्रियों से मिलकर सुरक्षा संबंधी व अन्य किसी भी तरह की समस्याओं को सुना जा रहा है, उन्हें जागरूक किया जा रहा है तथा रास्ते में आने वाली सुरक्षा संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आरपीएफ़ हेल्प लाईन नं.182 और संबन्धित मण्डल सुरक्षा कंट्रोल का नंबर भी उपलब्ध कराया गया है ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महिला खिलाड़ियों द्वारा भी अनेक खेलों में काफी अच्छा प्रदर्शन कर इस रेलवे का गौरव बढ़ाया गया है । अभी हाल ही में भिलाई में आयोजित स्टेट पावर लिफ्टिंग चैंपियनशीप में हमारी रेलवे की महिला पावर लिफ्टर संतोषी मांझी ने स्वर्ण पदक जीतकर पूरे छत्तीसगढ़ में स्ट्रांग वूमन 2021 का खिताब हासिल किया तथा महिला पावर लिफ्टर जे. रामालक्ष्मी ने सीनियर नेशनल पावर लिफ्टिंग चैम्पिनशीप में गोल्ड मेडल जीतकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का नाम रौशन किया है ।
इसके साथ ही साथ भारतीय रेलवे के द्वारा महिला रेल यात्रियों को अनेको सुविधाएं दी जाती हैं, जिसमें ये प्रमुख सुविधायें शामिल है:- लंबी दूरी की मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में 6 स्लीपर क्लास की बर्थ अकेले यात्रा कर रही महिलाओं या महिलाओं के समूह के लिए रखी जाती है । सभी ट्रेनों के प्रत्येक स्लीपर कोचों में 6 बर्थ तथा वातानूकुलित-3 व वातानूकुलित-2 श्रेणियों में 3 लोवर बर्थ सिनीयर सिटीजन, महिलाएं जिनकी उम्र 45 वर्ष या इसके उपर हो तथा गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित रखी जाती है तथा दुरंतो एवं राजधानी के वातानूकुलित-3 श्रेणी के कोचो में भी 4 लोवर बर्थ सुरक्षित रखी जाती है ।
महत्वपूर्ण स्टेशनों में महिलाओं के लिए अलग प्रतीक्षालय, स्टेशनों में महिलाओं के लिए अलग प्रसाधन, महिला जिनके साथ नवजात शिुशु है, उनके लिए बेबी फीडिंग कार्नर के साथ ही साथ ट्रेनों में महिलाओं के लिए अनारक्षित श्रेणी के कोच तथा कोच के हिस्सों को महिलाओं के लिए आरक्षित व महिलाओं की अधिक भीड़भाड़ वाले शहरों में महिला स्पेशल गाड़ियां भी चलाई जाती है । महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों से बचे बर्थो को महिला यात्रियों को ही अलाट की जाती है । महिला रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे के द्वारा टोल फ्री महिला हेल्पलाइन नंबर 18002332534 भी जारी की गई है ।
महिला कर्मचारियों एवं रेल यात्रियों की सुविधा एवं समानता के लिए भारतीय रेलवे के साथ-साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे हमेशा प्रयासरत है ।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















