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छत्तीसगढ़

हड़ताल पर वनकर्मी, विभाग के सारे काम ठप

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खैरागढ़। खैरागढ़ में 12 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल में चल रहे वनकर्मियों के चलते वन विभाग का फील्ड वर्क ठप पड़ गया है। खैरागढ़ वनमंडल अंतर्गत आने वाले उप वन क्षेत्रपाल, वनपाल, वनरक्षक सहित अन्य कर्मी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। ये प्रदर्शन खैरागढ़ परिक्षेत्र के कर्मचारी संघ सदस्य परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय के सामने कर रहे हैं।

दरअसल, वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय आव्हान पर चल रही हड़ताल से वनविभाग के जमीनी कार्य अटक गए हैं। वनों की सुरक्षा निगरानी, अवैध कटाई, तस्करी रोकने की कार्यवाही, आगजनी, सहित मनरेगा के काम भी ठप हो गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, इस धरने में तीन सौ से अधिक कर्मचारी अपने कार्यों को छोड़कर हड़ताल में बैठें है। इससे वनपरिक्षेत्र बिना कर्मचारियों के संचालित हो रहा है। खैरागढ़ परिक्षेत्र में ही दो दर्जन से अधिक वनविभाग के नाके बिना कर्मचारियों के पड़े है। वनों की निगरानी सहित भ्रमण गर्मी के दौरान वनों को आग से सुरक्षित करने, वन्य जीवों की सुरक्षा संबंधी कार्यवाही भी ठप्प है।

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ये हैं वनकर्मियों की मांगें

वन कर्मचारी संघ अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर 21 मार्च से हड़ताल पर चल रहा है। 12 सूत्रीय मांगों में वनरक्षकों का वेतन पनरीक्षण, वनरक्षक, वनपाल, उपवन क्षेत्रपाल एवं वन क्षेत्रपाल कर्मचारियों का वेतनमान मांग अनुसार करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, राज्य गठन पश्चात नया सेटअप पुनरीक्षण करने, महाराष्ट्र सरकार की तरह 5 हजार रुपये पौष्टिक आहार, वर्दी भत्ता दिए जाने, पदनाम वर्दी हेतु संबोधित नाम एवं अन्य पहचान निर्धारण आदेश जारी करने, वनोपज संघ के कार्य के लिए एक माह का वेतन अतिरिक्त दिए जाने, विभागीय पर्यटन स्थलों में वन कर्मचारियों एवं सेवानिवृत वन कर्मचारियों के परिवारों को निशुल्क प्रवेश, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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