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क्राइम

सरकंडा पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर को एक ही दिन में सुलझाया, तीन आरोपी गिरफ्तार

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बिलासपुर। आरोपी ने रात को लगरा में फ़ोन से मृतक को बुलाया, मृतक बुलाने पर आया, रॉड से मारकर मौक़े पर ही फौत, बाद में आरोपीयो ने अपने कार *क्रेटा* में बॉडी को डालकर बॉडी को चैतूरगढ़, पाली थाना (कोरबा) के जंगल में फेक दिया व पेट्रोल डाल कर जला दिया. रात होने से आरोपिओ को ठीक दिखा नहीं. बॉडी ठीक से जल नहीं पाई थीं.परिजनों ने आसांनी से मृतक को पहचान लिया.मृतक के कपडे, घटना स्थल में आरोपिओ ने शराब पिए उसके भी साक्ष्य मिले है
पेट्रोल का प्लास्टिक बोतल भी बरामद हुआ है.घटना में प्रयुक्त रॉड, कार, कपड़े जप्त किये गया.

कार में खून के दाग स्पष्ट रूप से है

****सरकंडा पुलिस को 23.3.22 को गुम इंसान की रिपोर्ट परिजनों ने दर्ज़ कराई.गुम इंसान की बाइक उसके पूर्व ही लगरा नदी में डूबी हुई दिखी थीं. रिपोर्ट में सरकंडा पुलिस को गुम इंसान के साथ किसी से खास दुश्मनी, झगड़ा की जानकारी नहीं मिली थीं.इसीलिए सरकंडा
पुलिस ने तत्काल गुम इंसान के मोबाइल कॉल की जानकारी साइबर सेल से प्राप्त किया. दूसरे दिन 2nd half में जैसे ही cdr पुलिस के हाथ लगा, पुलिस ने अंतिम समय पर कॉल करने वालों की जानकारी लीं.

आरोपी निश्चिंत थे कि पुलिस उन तक व जले हुए बॉडी तक नहीं पहुंच सकती. साक्ष्य पूरी तरह ख़त्म कर दिए गए थे, ये सोचकर निश्चिंत होकर पुलिस के सवालों का जवाब दे रहे थे.
लेकिन सभी आरोपिओ से पुलिस अलग अलग बात कर रही थीं.आरोपिओ के बताये गए कई तथ्य, लोकेशन गलत पाया गया

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सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार है. जीजा साला की रिश्ते में है.

***पुलिस ने समझदारी से *लिडिंग क्वेश्चन* किये तों दोनों आरोपिओ के जवाब में अंतर दिखा. अनुभव से व फेस रीडिंग से, मुख्य रूप से cdr से आरोपी अपना लोकेशन अलग अलग बता रहे थे.आरोपिओ पर कड़ाई बरती गई जिससे वे टूट गए. एक आरोपी राहुल को रात भर अभियान चलाकर उसको पुलिस द्वारा ढूढ़ने क़ी जानकारी उसके परिजनों द्वारा शेयर करने के बाद भी पुलिस ने दबोच लिया.

***मृतक को *Rto office* लगरा के पास ही आरोपी ने बुलाया था, जैसे ही मृतक वहाँ अपनी बाइक से पंहुचा, वैसे ही विवाद करके रामकुमार, चंदू व अन्य ने पास में रखे लोहे के रॉड से सिर, पेट व शरीर के अन्य जगहों पर ताबड़तोड़ वार कर दिया.मौक़े पर ही मृतक क़ी मौत हो गई.उसकी बाइक को आरोपिओ ने लगरा नदी में पानी के बीच छुपा दिया. व कार में बॉडी को डालकर दूर ले गए. व लाफा जंगल ले जाकर घाटी में पेट्रोल डालकर जला दिया.

***जिस दिन गुम इंसान रिपोर्ट लिखाया गया, उसके पहले ही गुम इंसान क़ी हत्या आरोपिओ द्वारा उसके पूर्व रात्रि को ही क़ी जा चुकि थीं.व बॉडी को जंगल में ठिकाना लगा दिया गया था.

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*** गौताखोरो क़ी मदद से तत्काल पुलिस ने सर्चिंग अभियान चलाया, सभी प्रयास किये जिससे नदी पर से बॉडी का पता चल सके. लेकिन सफलता नहीं मिली.

रिपोर्ट के तत्काल बर्फ थाना प्रभारी सरकंडा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक , अति पुलिस अधीक्षक शहर, व नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली को अवगत कराया तथा आवश्यक दिशा निर्देश प्राप्त किये.

परिजनों ने सोशल मीडिया में अलग से जानकारी देने पर नकद इनाम राशि क़ी घोषणा कर रखी थीं.

सूचक
राजेश पटेल पिता संतोष 22 डाल परसाही

गुम इंसान (मृतक )

महेंदल पटेल पिता पिलाऊंगा राम 36 साल परसाही

आरोपी

1) चंदू पटेल @चंद्रकुमार पिता बाला राम 32 साल कर्रा थाना मस्तूरी

2) रामकुमार पटेल पिता केशव राम 37 साल परसाही

3) राहुल पटेल पिता भागीरथी 21 साल डरभाता सीपत

सरकंडा पुलिस ने गुम इंसान जाँच दौरान ही आरोपिओ से घटना क़ी जानकारी के आधार पर चैतूरगढ़ लाफा जंगल में शव बरामद विधिवत करके घटनास्थल थाना को सूचित किया. पाली थाना पुलिस द्वारा विधिवत देहाती (जीरो) में मर्ग कायम कर नंबरी मर्ग व अपराध विवेचना के लिए अग्रिम कार्यवाही के लिए सरकंडा पुलिस के सुपुर्द किया.

सराहनीय योगदान

थाना प्रभारी के साथ उनि मनोज पटेल, आर. तदवीर सिंह,अविनाश कशयप, सोनू पाल ,गोवर्धन शर्मा, अख्तर खान…

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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

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Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

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पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

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अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

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Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

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धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

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गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

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