छत्तीसगढ़
CG Job: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में निकली अलग-अलग पदों पर बंपर भर्ती

रायपुर: नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर आया है। दरअसल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अलग-अलग पदों पर बंपर भर्ती निकली है। रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
2 जारी नोटिफिशन के अनुसार भर्ती 15 तहसीलों के लिए अलग-अलग पदों पर होनी है। रिक्त पदों पर आवेदन के लिए उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता भी पद के अनुसार अलग-अलग तय की गई है। रिक्त पदों पर आवेदन के लिए उम्मीदवारों को 10 जून तक का समय दिया गया है।
रिक्त पदों का विवरण
पदनाम: ASSISTANT STATISTICIAN
रिक्त पदों की संख्या: 01
शैक्षणिक योग्यता: कृषि सांख्यिकी में मास्टर डिग्री
पदनाम: FIELD SUPERVISOR
रिक्त पदों की संख्या: 03
शैक्षणिक योग्यता: कृषि अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री
पदनाम: FIELD INVESTIGATOR
रिक्त पदों की संख्या: 15
शैक्षणिक योग्यता: कृषि में मास्टर डिग्री
पदनाम: ASSISTANT PROGRAMMER COMPUTER
रिक्त पदों की संख्या: 01
शैक्षणिक योग्यता: कंप्यूटर साइंस / कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर डिग्री
पदनाम: DATA ENTRY OPERATOR
रिक्त पदों की संख्या: 01
शैक्षणिक योग्यता: कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिग्री / डिप्लोमा
पदनाम: ASSISTANT GRADE 3
रिक्त पदों की संख्या: 03
शैक्षणिक योग्यता: 1 वर्षीय डिप्लोमा के साथ हायर सेकेंडरी
पदनाम: PEON
रिक्त पदों की संख्या: 01
शैक्षणिक योग्यता: 5वीं पास
अन्य नियम एवं शर्तें
सहायक सांख्यिकीविद्, फील्ड के पद के लिए आवेदक की आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। पर्यवेक्षक, क्षेत्र अन्वेषक, सहायक प्रोग्रामर (कंप्यूटर) ऊपरी आयु सीमा ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि के अनुसार निर्धारित की जाएगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला उम्मीदवारों (केवल छत्तीसगढ़ के वास्तविक निवासी) के लिए ऊपरी आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी प्रति सी.जी. सरकार नियम।
IGKV, छत्तीसगढ़ सरकार या छत्तीसगढ़ सरकार के किसी भी उपक्रम के स्थायी / अस्थायी / संविदा कर्मचारी सरकार के अनुसार आयु में छूट के हकदार होंगे
छत्तीसगढ़ के वास्तविक निवासी के लिए सीमा सभी श्रेणियों के लिए 40 वर्ष होगी। हालांकि आयु सभी छूटों सहित 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। अधिकतम आयु के लिए संदर्भ तिथि सीमा 10.06.2022 है
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के विभिन्न स्तरों पर डाटा एंट्री ऑपरेटर, सहायक ग्रेड-II और चपरासी के पद पर कार्यरत दैनिक/मासिक वेतन धारकों/अनुबंध उम्मीदवारों के लिए कोई आयु सीमा नहीं होगी।
विभिन्न पदों के लिए निर्धारित योग्यता, आयु सीमा और अन्य विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.igkv.ac.in पर उपलब्ध हैं। इच्छुक आवेदक वेब लिंक www.igkv.ac.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेब लिंक 01.06.2022 से ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि तक खुला रहेगा।
विश्वविद्यालय ने सहायक सांख्यिकीविद्/क्षेत्र पर्यवेक्षक/क्षेत्र अन्वेषक/सहायक प्रोग्रामर (कंप्यूटर)/डाटा एंट्री ऑपरेटर/सहायक ग्रेड-III/ चपरासी के पदों पर भर्ती के लिए स्कोरकार्ड निर्धारित किया है। जो विज्ञापन के साथ उपलब्ध हैं।
आवेदकों को सलाह दी जाती है कि स्कोरकार्ड के अनुसार ऑनलाइन आवेदन पत्र को ध्यान से भरें। उचित प्रमाण पत्र/अंक पत्र/प्रतिलिपि/दस्तावेज/पुनर्मुद्रण अपलोड किए बिना आवेदन को स्कोर नहीं किया जाएगा।
इन-सर्विस उम्मीदवारों को अनुभव के तहत आवंटित अंकों का लाभ उठाने के लिए नियोक्ता द्वारा दिए गए अनुभव प्रमाण पत्र को अपलोड करना होगा।
पात्रता/गैर-पात्रता के संबंध में आपत्तियां/दावे (आर/एफ) ऑनलाइन के माध्यम से निदेशक अनुसंधान, आईजीकेवी, रायपुर को सहायक दस्तावेजों के साथ पात्रता/गैर पात्रता सूची अपलोड करने के 03 दिनों के भीतर प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















