Connect with us

छत्तीसगढ़

बिलासपुर: फूड प्वाइजनिंग से 22 बच्चे बीमार, एक की मौत

Published

on

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा नगर पंचायत के देवकिरारी में सोमवार को 22 बच्चे और महिलाएं फूड प्वाइजनिंग की शिकार हो गई. बच्चों को बिल्हा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. जहां से चार बच्चों की हालत गंभीर होने पर सिम्स रेफर किया गया. अस्पताल पहुंचने से पहले ही एक बच्ची की मौत हो गई. एक बच्ची सिम्स में हैं. दो बच्चों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि चाट खाने के बाद सभी बीमार पड़े.

गांव में चाट गुपचुप वाले से सभी ने खाई थी चाट: बिल्हा क्षेत्र के देवकिरारी में रहने वाले एक ग्रामीण ने बताया कि “रविवार की शाम गांव में चाट गुपचुप बेचने वाला आया था. गांव के बच्चों और महिलाओं ने उसके पास से चाट और गुपचुप खरीदकर खाया था. इसके बाद अपने घर आ गए. रात में एक-एक कर बच्चों और महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी. अचानक गांव में एक साथ बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर गांव वाले घबरा गए. उन्होंने 112 सहायता और 108 संजीवनी एम्बुलेंस को फोन लगाया. बीमार बच्चों को 112 सहायता और एंबुलेंस से बिल्हा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया.

यह भी पढ़ें   CG Job Update: शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण अधिकारी के 366 पदों के लिए विज्ञापन जारी

देर रात सभी की बिगड़ी तबियत: देवकिरारी गांव फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए 22 बच्चों का सामुदायिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चला. बताया जा रहा है कि फूड प्वाइजनिंग के मामले में सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हुए हैं. कुछ महिलाएं भी फूड प्वाइजनिंग की शिकार हुई है. जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. 9 साल की बच्ची की मौत हो गई है. तीन गंभीर बच्चों का इलाज चल रहा है. पूरे मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को है. विभाग बच्चों के बेहतर इलाज की व्यवस्था कर रहा है.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   नशे के विरुद्ध बिलासपुर पुलिस का अभियान जारी, चेकिंग के दौरान मस्तूरी में पकड़ाई भारी मात्रा में नशीली दवाइयां
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   बिलासपुर : अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर साक्षरता रैली एवं संगोष्ठी का आयोजन
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में आज मिले कोरोना के 603 नए पॉजिटिव मरीज, 1469 हुए स्वस्थ
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending