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हैप्पी बर्थडे अमीषा पटेल, आखिर कहां गायब हो गयी यह खूबसूरत एक्ट्रेस!

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मुंबई| सनी देओल स्टारर और देशभर में गदर मचाने वाली फिल्म गदर की हीरोइन अमीषा पटेल की खूबसूरती से भला कौन वाकिफ नहीं है…… लेकिन पहली फिल्म कहो न प्यार है से स्टारडम की उंचाईयां छूने वाली अमीषा पटेल के साथ ऐसा क्या हुआ कि तीन तीन हिट फिल्में देने के बाद भी उसका कॅरियर कभी परवान नहीं चढ़ सका…… आज अमीषा पटेल पूरे 45 बरस की हो गयी हैं, आइए आपको बताते हैं कि कहां है यह खूबसूरत हीरोइन और क्यों नहीं हो सकी सफल….अमीषा पटेल का नाम ऐसी हीरोइनों में शुमार है जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक सुपरहिट फिल्म से की थी। इस साल अमीषा अपना 45वां जन्मदिन मना रही हैं। अमीषा का जन्म 9 जून 1976 मुंबई में हुआ था।

गुजराती परिवार में जन्मीं अमीषा ने साल 2000 में फिल्म कहो ना प्यार है से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। अमीषा को इस फिल्म में रोल अपने पिता की वजह से मिला था। इस फिल्म के हिट होने के बाद साल 2001 में उनकी फिल्म गदर ने सच में गदर मचा दी थी। फिल्म में अमीषा ने सनी देओल के साथ अमीषा ने बेहतरीन काम किया था। इस फिल्म के लिए अमीषा को बेस्ट एक्ट्रेस के फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था।साल 2002 में अमीषा ने बॉबी देओल के साथ फिल्म हमराज में काम किया। यह फिल्म भी सुपरहिट रही थी। लगातार तीन हिट फिल्में देने के बावजूद आखिर ऐसा क्या हुआ कि अमीषा का करियर डूबता चला गया। अमीषा पटेल ने अपने लंबे करियर में 40 से अधिक फिल्में की हैं बावजूद इसके करियर का ग्राफ ढलता चला गया। अमीषा शायद पहली ऐसी एक्ट्रेस रही हों, जिन्हें अपनी पहली दो फिल्मों से वो स्टारडम मिला जो कई अभिनेत्रियों को अपने पूरे करियर में नसीब नहीं होता है। अब अमीषा फिल्मों में कम ही दिखाई देती हैं। हालांकि अमीषा बॉलीवुड में वापसी की कोशिश जरूर कर रही हैं लेकिन उन्हें सही प्लैटफॉर्म नहीं मिल पा रहा है। डायरेक्टर भी उन्हें सेकंड लीड या साइड रोल के तौर पर साइन करते हैं। अमीषा ने साल 2005 में आमिर खान के साथ फिल्म मंगल पांडे में काम किया था।

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ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी। साल 2007 में अमीषा ने हनीमून ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड में बेहतरीन अदाकारी की। फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। इसके बाद अमीषा ने भूलभुलैया और रेस 2 जैसी हिट फिल्मों में काम किया लेकिन साइड रोल की वजह से अमीषा को खास पहचान नहीं मिल पाई। आखिरी बार वो फिल्म भैयाजी सुपरहिट में नजर आई थीं। इसके अलावा वो बिग बॉस के 13वें सीजन में मालकिन बनकर भी दिखाई दी थीं। जब हिंदी फिल्मों में काम नहीं मिला तो अमीषा ने तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया।

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हालांकि सफलता उन्हें वहां भी नहीं मिली। अमीषा की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनकी अपनी मां और पापा से बिल्कुल नहीं बनती है। उनके बीच प्रॉपर्टी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। अमीषा ने अपने पिता के खिलाफ 12 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप लगाया था। अमीषा की मानें तो उनके पिता उनके पैसों का गलत इस्तेमाल करते हैं। अमीषा पटेल का नाम एक समय पर निर्माता-निर्देशक विक्रम भट्ट के साथ जुड़ा था। खुद अमीषा ने एक इंटरव्यू में अपने रिश्ते पर मुहर लगाते हुए शादी को लेकर बातचीत की थी। लेकिन ये रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चल पाया और दोनों एक दूसरे से अलग हो गए। अमीषा शराब को लेकर भी चर्चा में रही हैं। उनके कई वीडियो वायरल हुए जिसमें वे शराब के नशे में धुत दिखाई दीं। हालांकि वो बॉलीवुड की सबसे ज्यादा पढ़ीं-लिखी हीरोइनों में से एक हैं। अमीषा इकोनॉमिक्स में गोल्ड मेडलिस्ट हैं।

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BCCI में बड़े बदलाव की तैयारी, VVS लक्ष्मण बन सकते हैं ‘डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट’

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BCCI की ओर से अभी कोई पुष्टि नहीं
लक्ष्मण की नियुक्ति या इस प्रस्तावित पद से जुड़ी सटीक जिम्मेदारियों के बारे में BCCI की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह खबर सितंबर में बोर्ड में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच सामने आई है।

लक्ष्मण अभी CoE के प्रमुख हैं, जिसे पहले नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) के नाम से जाना जाता था। 2021 में कर्नाटक के पूर्व बल्लेबाज़ राहुल द्रविड़ के भारत के हेड कोच बनने के बाद लक्ष्मण ने उनकी जगह ली थी।

पिछले कुछ सालों में CoE एक बड़ी सुविधा के रूप में विकसित हुआ है, जो खिलाड़ियों के विकास, हाई-परफॉर्मेंस प्रोग्राम और रिहैबिलिटेशन जैसे कामों को देखता है। CoE में लक्ष्मण का मौजूदा कार्यकाल 2026 तक बढ़ा दिया गया था।

इस महीने की शुरुआत में, लक्ष्मण ने कहा था कि उन्होंने निजी कारणों और CoE को विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता के चलते द्रविड़ के कार्यकाल के बाद भारत का हेड कोच बनने का मौका ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा कि वे यहाँ से आगे बढ़ने से पहले इस सुविधा के स्ट्रक्चर, प्रोसेस और प्रोटोकॉल को स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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‘युवाओं को नहीं संभाला गया तो बोझ बन जाएंगे…’, मोहन भागवत ने चेताया

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Mohan Bhagwat on Youth: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में तिरंगा फहराया। इस अवसर लोगों को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि भारत स्वतंत्र था, स्वतंत्र है और स्वतंत्र रहेगा। हालांकि देश को सुरक्षित, समृद्ध और विश्वगुरू बनाने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना होगा। मोहन भागवत ने युवाओं को डेमोग्राफिक डिविडेंड बताया है। संघ प्रमुख ने कहा कि युवाओं को नहीं संभाला गया तो बोझ बन जाएंगे।

भागवत ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि देश को ऐसा राष्ट्र बनाना है, जो पूरी मानवता के लिए सार्थक योगदान दे। उन्होंने कहा युवा हमारी डेमोग्राफिक डिविडेंड (जनसांख्यिकीय लाभांश) हैं; अगर उन्हें सही ढंग से संभाला गया तो हमें फ़ायदा होगा, वरना वे समाज पर बोझ बन जाएंगे।

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मोहन भागवत ने कहा कि यह तो पक्का है कि हमारा देश आज़ाद हो गया है और आज़ाद ही रहेगा। हालांकि इसे खुशहाल, सुरक्षित और समृद्ध बनाने का काम अभी बाकी है। अगर हम इसे एक ऐसे देश में बदलना चाहते हैं जो दुनिया में अपना ज़रूरी योगदान दे, तो हमें यह मानना होगा कि हमारे रास्ते में कई रुकावटें और रुकावटें हैं। अपने मूल सिद्धांतों से भटके बिना, हमें दुनिया भर में इन चुनौतियों का सामना करना होगा और भारत को ‘विश्वगुरु’ का दर्जा दिलाना होगा, एक ऐसा देश जो पूरी इंसानियत की ज़िंदगी में एक सार्थक योगदान दे।

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उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग विचार होना लोकतंत्र की पहचान है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी विरोध करना भी जरूरी होता है। अगर जनता के हित से जुड़े सवाल हैं तो उन्हें मजबूती से उठाया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोध और आंदोलन लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन ऐसा करते समय अपनी जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान बनाते समय उन्होंने इन सभी बातों का ध्यान रखा था और हमें भी इसे याद रखना चाहिए।

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सस्ता डेटा, AI स्किल ट्रेनिंग, फ्री कोचिंग, ₹1 लाख करोड़ का फंड… लाल क‍िले से Gen-Z के लिए पीएम मोदी ने ‘युवा मिशन’ का किया ऐलान

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PM Modi Big Announcement for Gen-Z: 80वें स्वतंत्रता दिवस  (80th Independence day) के अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन दिया। पीएम मोदी के संबोधन में युवाओं यानी जेन-जी (Gen-Z) के लिए ‘युवा मिशन’ का ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से युवाओं के लिए कई बड़ी घोषनाएं की। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में साफ किया कि भारत को ‘विकसित भारत @2047’ बनाने की चाबी देश के युवाओं और छात्रों के हाथों में है।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि अब देश के छोटे शहरों और गांवों के होनहार छात्रों को महंगी कोचिंग फीस के कारण पीछे नहीं हटना पड़ेगा। सरकार एक ऐसा डिजिटल और ऑन-ग्राउंड नेटवर्क तैयार कर रही है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए टॉप फैकल्टीज और स्टडी मैटेरियल मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।

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‘फ्री कोचिंग नेटवर्क’ और डिजिटल लर्निंग का बड़ा तोहफा
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और गरीब परिवार के युवाओं के लिए पीएम मोदी ने एक ऐतिहासिक ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हम देश में फ्री कोचिंग देने का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे। हमारा लक्ष्य गरीब से गरीब तक अच्छी शिक्षा पहुंचाना है। जबकि युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग और डिजिटल तैयारी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।

रिसर्च और इनोवेशन के लिए ₹1 लाख करोड़ का फंड

भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता बनाने के बजाय ‘ग्लोबल इनोवेशन हब’ बनाने के लिए पीएम मोदी ने रिसर्च और R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) को लेकर बड़ा विजन पेश किया। PM मोदी ने कहा,’हमने युवाओं को रिसर्च के नए अवसर दिए हैं। इनोवेशन के लिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है। हमारे प्राइवेट स्टार्टअप्स में 28 साल की औसत उम्र के युवाओं ने अपने ट्रायल सैटेलाइट लॉन्च करके कमाल दिखाया है। देश में आज 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं।

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