क्राइम
थाना सीपत की डीजल चोरों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही, 8 आरोपी गिरफ्तार, लगभग 2000 लीटर डीजल जब्त

- डीजल चोर गिरोह चढ़ा पुलिस के हत्थे
- बोलेरो वाहन में घूम घूम कर रोड किनारे खड़ी वाहनों से करते थे डीजल चोरी
- लगभग 2000 लीटर डीजल कीमती लगभग 190000 रुपए को जप्त कर ट्रैक्टर से थाना लाया
- चोरी में लाए जाने वाले दो बोलेरो वाहन की जप्त
आरोपी
- दिनेश सोनवानी पिता पंचराम सोनवानी उम्र 30 साल निवासी दर्रा भाटा थाना सीपत
- रमेश कुमार रविदास पिता शिव कुमार उम्र 33 वर्ष निवासी हिंडाडीह थाना सीपत जिला बिलासपुर
- राजू पाटनवार पिता स्वर्गीय रामप्रसाद पाटनवार उम्र 30 साल निवासी कूकदा थाना सीपत जिला बिलासपुर
- धन सिंह पिता इतवार सिंह गौड़ उम्र 24 साल निवासी बगडबरी थाना बलौदा जिला जांजगीर चांपा
- उमेद राम पिता बनवाली रविदास उम्र 29 साल निवासी बगडबरी थाना बलौदा जिला जांजगीर चांपा
- जनक राम पिता हरबंस रोहिदास उम्र 47 साल निवासी बगडबरी थाना बलौदा जिला जांजगीर चांपा
- राधेश्याम पिता गोवर्धन प्रसाद पटेल उम्र 42 साल निवासी कूकदा थाना सीपत जिला बिलासपुर
- सुंदरलाल पिता गोवर्धन प्रसाद पटेल उम्र 47 साल निवासी कूकदा थाना सीपत जिला बिलासपुर
संक्षिप्त विवरण
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर पारुल माथुर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रोहित झा के मार्गदर्शन में चोरों के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है|
इसी क्रम में दिनांक 23-06-2022 को थाना सीपत से थाना प्रभारी आईपीएस प्रशिक्षु विकास कुमार अपने थाना स्टाफ सहायक उप निरीक्षक भीमसेन राठौर, समय लाल सोनवानी, प्रधान आरक्षक उमाशंकर राठौर, विजय शर्मा, अकबर अली, महादेव कुटे, आरक्षक शरद कुमार साहू, धर्मेंद्र सूर्यवंशी, धीरज कश्यप, ज्ञानेश्वर यादव, विनोद केवट, दीपक साहू, रामकुमार बघेल, इमरान खान के साथ संदेही चोरों, फरार आरोपियों, स्थाई वारंटी, गिरफ्तारी वारंटी पतासाजी हेतु थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामों की ओर रवाना हुए | रात्रि गश्त के दौरान करीब 4:00 बजे सफेद रंग की बोलेरो वाहन क्रमांक CG 05 F 0734 हिंडाडिह मोड़ के पास थाना प्रभारी के गाड़ी के सामने आई | थाना की गाड़ी देख कर बोलेरो भागने का कोशिश किया तभी थाना प्रभारी और टीम अपनी गाड़ियों से उतरे और बोलेरो को घेरने का कोशिश किए| बोलोरो ड्राइवर एवं आरोपी अपने को बचाने के लिए थाना प्रभारी के गाड़ी को टक्कर मारते हुए तेजी से वहां से भाग गए| उनका पीछा भी किया गया परंतु उस समय पकड़ में नहीं आए| सुबह करीब 6:30 बजे मुखबीर के जरिए सूचना मिली की रात्रि में जो बोलेरो वाहन पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारकर भागी है वह दर्रा भाटा में खड़ी है जिसकी सूचना पर टीम दर्राभाटा के लिए रवाना हुई वहां पर ड्राइवर दिनेश सोनवानी एवं बोलेरो वाहन क्रमांक CG 12 AJ 7659 खड़ी मिली |
गाड़ी की तलाशी लेने पर गाड़ी में छह 35 लीटर वाले ड्रम में डीजल भरा हुआ मिला| ड्राइवर से पूछताछ करने पर उसने बताया कि एक और बोलेरो गाड़ी है जो रात्रि में पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारी है वह हिंडाडीह में है और हम सब 5 लोग मिलकर कई दिनों से डीजल चोरी कर रहे हैं और आज भी रात को करीब 450 लीटर डीजल चोरी की है| जानकारी के अनुसार टीम हिंडाडीह रवाना हुई वहां भी ड्राइवर रमेश कुमार एवं बोलेरो वाहन क्रमांक CG 05 F 0734 में छह 35 लीटर वाले ड्रम में डीजल भरा हुआ मिला| पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि चोरी की डीजल राजू पाटनवार निवासी ग्राम कुकदा के यहां रखते हैं | टीम ग्राम कुकदा के लिए रवाना हुई जहां से तीन 200 लीटर वाले ड्रम दस 50 लीटर वाले ड्रम और बारह 35 लीटर वाले ड्रम डीजल से भरे हुए राजू पाटनवार के घर से बरामद की| मौके पर राजू पाटन वार उपस्थित नहीं था जिसकी छानबीन की गई और बाद में उसे भी गिरफ्तार किया गया | राजू पाटनवार के घर राधेश्याम एवं सुंदरलाल चोरी की डीजल खरीदने के लिए आए थे जिन्हें भी गिरफ्तार किया गया| आरोपियों द्वारा बताया गया कि उनकी टीम में उमेद राम , धन सिंह, जनक राम सभी निवासी बगडबरी के हैं जिनकी पतासाजी की गई और बगडबरी से उन्हें भी गिरफ्तार किया गया| सभी को कल माननीय न्यायालय के समक्ष न्यायिक रिमांड हेतु प्रस्तुत किया जाएगा|
इस तरह थाना सीपत की टीम ने डीजल चोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही में सफलता हासिल की|
क्राइम
Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
क्राइम
CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
क्राइम
Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।


















