छत्तीसगढ़
सुकमा : घर में घुसकर नक्सलियों ने पत्नी-बच्चे के सामने व्यापारी को पीट-पीट कर मार डाला
सुकमा। नक्सलियों ने ऐसी क्रूरता दिखाई कि दिल दहल जाए। अबकी बार नक्सलियों ने सुकमा जिले के पोलमपल्ली में देर रात एक किराना व्यापारी को मौत के घाट उतार दिया। 15 नक्सलियों ने देर रात घर में घुसकर मुखबिरी के शक में व्यापारी की हत्या कर दी। नक्सली यहीं नहीं रुके, हत्या करने के बाद घर के बाहर खड़ी व्यापारी के वाहन को भी आग के हवाले कर दिया। उल्लेखनीय है कि नक्सलियों ने जहां घटना को अंजाम दिया वो जगह थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर है।
पत्नी और बच्चे के सामने पीट-पीट कर ली जान
मिली जानकारी के मुताबिक, जिले के पोलमपल्ली रहने वाला मड़कम जोगा गांव में ही किराने की दुकान चलाता था। गुरूवार की रात करीब 15 नक्सलियों ने व्यापारी के घर में घुसकर उसकी की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि गांव में लगभग 50 की संख्या में नक्सली पहुंचे थे, इनमें से ज्यादातर गांव के बाहर विभिन्न गलियों में चौकसी करते रहे। मर्डर करने के ही इरादे से पहुंचे नक्सली पहले घर में घुसे फिर जोगा को उठाया, कुछ नक्सलियों ने पत्नी और बच्चे को कवर कर रखा था। फिर जोगा की डंडे से मरते दम तक पिटाई की। पुलिस की मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए उसे इतना मारा गया कि उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद नक्सलियों ने पिकअप वाहन का डीजल टैंक तोड़कर आग लगा दी।
टायर फटा तब जागे पड़ोसी…
नक्सलियों ने जिस समय इस वारदात को अंजाम दिया उस समय बारिश हो रही थी, जिसके चलते किसी को इस बात का पता नहीं लगा, और नक्सलियों ने उसे मार डाला। जोगा का घर थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर है। वारदात का पता आस-पास के लोगों को तब लगा जब गाड़ी में लगाई आग के बाद जब उसका टायर फटा। तेज आवाज सुनकर पड़ोसियों ने बाहर आकर देखा तो गाड़ी धू-धूकर जल रही थी और जोगा के घर का दरवाजा भी खुला हुआ था। अंदर जाकर लोगों ने देखा तो वह जमीन पर खून से लथपथ पड़ा हुआ था। इसके बाद पड़ोसियों ने मौके पर ही इस बात की जानकारी पुलिस को दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नक्सलियों ने पर्चे फेंककर ली हत्या की जिम्मेदारी
नक्सलियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद गांव में पर्चे भी फेंके हैं। जिसमें नक्सलियों ने व्यापारी की हत्या की जिम्मेदारी ली है। नक्सलियों ने लिखा है कि जोगा पुलिस के लिए मुखबिरी करता था और हमारे बाऐ में जानकारी देता था। इसीलिए उसे मार दिया। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है कि किस नक्सली गुट ने इस वारदात को अंजाम दिया है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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