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छत्तीसगढ़

आज से मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ यात्रा की होगी शुरूआत

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महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनों के प्रति जागरूक करने राज्य महिला आयोग की नई पहल

 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हरी झंडी दिखाकर महतारी न्याय रथ को करेंगे रवाना

रायपुर| छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की पहल पर हरेली पर्व से प्रदेश की महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों और कानूनों की जानकारी देकर जागरूक करने और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ यात्रा की शुरूआत की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हरेली के दिन मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह रथ सभी जिलों में भ्रमण कर लोगों को शॉर्ट फिल्मों, संदेशों और ब्रोशर के माध्यम से महिलाओं के कानूनी प्रावधानों और उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में अवगत कराएगा।


मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ यात्रा राज्य महिला आयोग के माध्यम से संचालित की जाएगी। प्रत्येक महतारी न्याय रथ में 2 अधिवक्ता भी होंगे, जो महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उन्हें जानकारी और सलाह देंगे। न्याय रथ के माध्यम से महिलाएं आवेदन भी दे सकेंगी, जिससे महिला आयोग द्वारा उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा सके। एक बड़ी एलईडी स्क्रीन होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में विभिन्न कानूनों संबंधित राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत लघु फिल्में दिखाई जाएंगी। महतारी न्याय रथ के संचालक के लिए प्रदेश सरकार ने डीएमएफ पॉलिसी में विशेष रूप से बदलाव किए हैं। न्याय रथ के संचालन के लिए जिले को मिलने वाली डीएमएफ राशि का उपयोग किया जाएगा।

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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने बताया कि शिक्षित, अशिक्षित, गृहणी, नौकरी कर रही सभी महिलाओं को महिला आयोग के कार्योें और महिलाओं के लिए बनाए गए कानूनों, नियमों और उनके अधिकारों को जानना बहुत जरूरी है। इसके लिए हरेली तिहार से मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ की शुरूआत की जा रही है। इन महतारी न्याय रथों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि महिलाएं अपनी समस्याओं के समाधान के लिए और निःशुल्क तथा त्वरित न्याय पाने के लिए किस तरह सरलता और सुगमता से महिला आयोग में आवेदन कर सकती हैं। यह रथ शुरूआत में खनिज न्यास निधि प्राप्त करने वाले नौ जिलों में पहले जाएगा, उसके बाद रथ प्रदेश के बाकी बचे जिलों के भ्रमण पर जाएगा।

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नायक ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बीते साढ़े तीन वर्षों में राज्य सरकार ने विभिन्न स्तरों पर अनेक योजनाएं संचालित की हैं। हमारी इन योजनाओं की सफलता पूरे देश में उदाहरण बनी है। अब एक कदम और बढ़ते हुए एक और नयी योजना की शुरुआत की जा रही हैं। यह योजना भी देश में अपनी तरह की एकमात्र योजना होगी। इससे महिलाएं जागरूक होंगी और उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा। महिलाओं को कानूनी अधिकारों की जानकारी से राज्य में महिलाओं के साथ होने वाली अपराधों में कमी आएगी।

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छत्तीसगढ़

खरखरा डैम में युवक डूबा, घंटों की तलाश के बाद भी नहीं मिला शव

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां डौंडीलोहारा स्थित खरखरा डैम में एक युवक डूब गया। बताया जा रहा है कि युवक का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है।

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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां डौंडीलोहारा स्थित खरखरा डैम में एक युवक डूब गया। बताया जा रहा है कि युवक का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है।

मिली जानकारी के अनुसार, युवक अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए खरखरा डैम गया हुआ था। इसी दौरान दोपहर लगभग 3 से 4 बजे के बीच वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और बचाव दल पहुंच गया। टीम द्वारा डैम में लगातार खोजबीन की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।

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डूबने वाले युवक की पहचान प्रवीण ठाकुर (उम्र लगभग 27 वर्ष) के रूप में हुई है, जो तुलसीपुर क्षेत्र में मस्जिद के सामने का निवासी बताया जा रहा है।

फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू टीम द्वारा युवक की तलाश जारी है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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छत्तीसगढ़

Bilaspur High Court Verdict : ‘सहमति से संबंध बनाना रेप नहीं’.. इस मामले में हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, ट्रायल कोर्ट के फैसले को माना सही                           

Bilaspur High Court Verdict: हाईकोर्ट में रेप के आरोपी को दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ अपील पेश करने की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर याचिका लगाई गई थी। कोर्ट ने आदेश में कहा कि एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता।

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Bilaspur High Court Verdict: हाईकोर्ट में रेप के आरोपी को दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ अपील पेश करने की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर याचिका लगाई गई थी। कोर्ट ने आदेश में कहा कि एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता। इसके साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को सही ठहराया है।

शादी के बहाने बनाए संबंध

दरअसल, Bemetara जिला निवासी रेप पीड़िता ने ट्रायल कोर्ट से आरोपी के बरी होने के खिलाफ अपील प्रस्तुत करने की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इसमें कहा गया कि वह एक एग्रीकल्चरल कॉलेज में मजदूरी करने जाती थी। वहां गांव के दूसरे लोग भी काम करने जाते थे। गांव का एक व्यक्ति, यानी आरोपी भी वहां काम के लिए जाता था। 19 जून 2022 को आरोपी ने उससे बात करना शुरू किया और कहा कि वह उससे शादी करेगा, उसे रानी की तरह रखेगा, और शादी का वादा करके उसे बहलाया। याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी ने उसे बार-बार शादी का वादा करके फुसलाया और उससे फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा।

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पहले से शादीशुदा थी महिला

25 जुलाई 2022 को सुबह करीब 4:00 बजे, जब शिकायतकर्ता शौच के लिए जा रही थी, तो आरोपी उससे मिला और फिर कहा कि वह उससे शादी करेगा तथा फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने उसकी बातों को नजरअंदाज किया और आगे बढ़ी, लेकिन उसी समय लाइट चली गई और आरोपी उसे अपने घर ले गया एवं संबंध बनाए। जब आरोपी ने संबंध बनाए, तब वह तीन माह की गर्भवती थी। लोकलाज के भय से उसने घटना के संबंध में किसी को नहीं बताया। बाद में पति के पूछने पर घटना की जानकारी दी, इसके बाद मामले की रिपोर्ट लिखाई गई।

मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी दोषमुक्त

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया। ट्रायल कोर्ट ने गवाहों एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषमुक्त किया। इसके खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई उपरांत अपने आदेश में कहा कि गवाहों के बयानों को देखने से यह साफ है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह स्पष्ट तौर पर साबित हो सके कि आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने या चोट पहुंचाने का डर दिखाकर उसकी सहमति ली थी। इस केस में ऐसा कोई सबूत भी नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि पीड़िता ने अपनी सहमति इसलिए दी क्योंकि उसे लगता था कि वह कानूनी तौर पर शादीशुदा है।

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सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं

इसके उलट, पीड़िता पहले से ही किसी दूसरे व्यक्ति से शादीशुदा थी और गर्भवती भी थी। इस केस में यह भी साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि पीड़िता की उम्र 18 साल से कम थी। इसके अलावा, यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि पीड़िता अपनी सहमति व्यक्त नहीं कर पाई थी। पीड़िता के कोर्ट में दिए गए बयानों को देखने से यह साफ है कि आरोपी ने सहमति से पीड़िता के साथ फिजिकल रिलेशन बनाए थे। एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्ज़ी और सहमति से बनाए गए फिजिकल रिलेशन रेप का जुर्म नहीं बनता। इसके साथ कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है।

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छत्तीसगढ़

Khelo India Tribal Games 2026 : छत्तीसगढ़ में नेशनल रेसलिंग का आगाज़! 144 रेसलर्स, 4 दिन और कड़ा मुकाबला, जानें कब और कहाँ देख सकेंगे लाइव

अंबिकापुर में 28 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की कुश्ती स्पर्धा शुरू होगी, जिसमें देशभर के 144 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। आयोजन का लाइव प्रसारण DD Sports पर किया जाएगा।

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रायपुर : Khelo India Tribal Games 2026 देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की कुश्ती स्पर्धा का मेजबानी कर रहा है। सरगुजा जिले का हृदय स्थल अम्बिकापुर एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 28 मार्च से कुश्ती (रेसलिंग) स्पर्धा का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है, जिसमें पुरुष और महिला वर्ग में कुश्ती के रोमांचक मुकाबले होंगे।। स्थानीय गांधी स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय समागम में देश के अलग-अलग राज्यों के जनजातीय खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा और शारीरिक कौशल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सुदूर वनांचलों में छिपी जनजातीय खेल प्रतिभाओं को मंच देना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। अंबिकापुर में होने वाले मुकाबले स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे और उन्हें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करेंगे।

Ambikapur Wrestling Competition देशभर की प्रतिभाओं का जुटेगा महाकुंभ

इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, झारखंड, असम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, गुजरात, ओडिशा, मिजोरम, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मेजबान छत्तीसगढ़ सहित कुल 144 रेसलर्स (पुरुष एवं महिला) हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन जनजातीय युवाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने की दिशा में एक स्वर्णिम अवसर प्रदान करेगा। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यहां 28 से 31 मार्च तक पुरुष और महिला वर्ग में कुश्ती के रोमांचक मुकाबले होंगे.

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DD Sports Live Wrestling चार दिवसीय रोमांच- तीन चरणों में होंगे मुकाबले

28 मार्च से शुरू होकर 31 मार्च तक चलने वाले इन मुकाबलों को प्रतिदिन तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए सुगमता बनी रहे, प्रथम चरण प्रातः 8 बजे से 9 बजे तक, द्वितीय चरण प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक, तृतीय चरण सायं 4 बजे से खेल समाप्ति तक आयेाजित किए जाएंगे। अंबिकापुर में होने वाले मुकाबले स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे और उन्हें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करेंगे।

डी डी स्पोर्ट्स पर लाइव प्रसारण

इस भव्य आयोजन को भारत के जनजातीय खेल, छत्तीसगढ़ मा सुंदर मेल की प्रेरणादायी टैगलाइन के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। खेल प्रेमियों के उत्साह को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। गौरव की बात यह है कि इस आयोजन का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स और प्रसार भारती पर किया जाएगा, जिससे दुनिया भर के दर्शक सरगुजा की धरती पर हो रहे इस महाकुंभ को लाइव देख सकेंगे।

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तैयारियां पूर्ण, खिलाड़ियों का स्वागत खेल विभाग द्वारा खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। सरगुजा अब अपनी पारंपरिक संस्कृति के साथ-साथ देश को नई खेल ऊर्जा देने के लिए तैयार है। देशभर से आने वाले खिलाड़ी और अधिकारी छत्तीसगढ़ की ‘अतिथि देवो भव’ परंपरा का अनुभव कर सकें।

सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

प्रश्न 1: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की कुश्ती स्पर्धा कहां होगी?

उत्तर: अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित होगी।

प्रश्न 2: कितने खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं?

उत्तर: देशभर से 144 पुरुष और महिला खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

प्रश्न 3: मुकाबले कहां देखे जा सकते हैं?

उत्तर: DD Sports और Prasar Bharati पर लाइव प्रसारण होगा।

 

 

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